सेवा में,
सचिव,
कारपोरेट कार्य मंत्रालय,
शास्त्री भवन, नई दिल्ली-110001।
विषय: राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अनुपालन की 100 प्रतिशत झूठी रिपोर्टिंग और ‘सामान्य परिपत्र सं. 01/2026’ केवल अंग्रेजी में जारी करने के विरुद्ध सप्रमाण शिकायत।
महोदय,
मैं मंत्रालय के राजभाषा प्रभाग द्वारा दिनांक 05.01.2026 को दिए गए भ्रामक उत्तर के विरुद्ध यह साक्ष्य-आधारित शिकायत दर्ज कर रहा हूँ। मंत्रालय का यह दावा कि वह “सजग” है, स्वयं उसके द्वारा जारी दस्तावेजों से ‘सफेद झूठ’ सिद्ध होता है।
शिकायत के मुख्य बिंदु और साक्ष्य:
- ताजा उल्लंघन: मंत्रालय ने वर्ष 2026 का पहला सामान्य परिपत्र 24 फरवरी 2026 को जारी किया है जो अंग्रेजी में है (General Circular No. 01/2026- Companies Compliance Facilitation Scheme, 2026)। यह सिद्ध करता है कि मंत्रालय के अधिकारी राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकों में व त्रैमासिक राजभाषा रिपोर्टों में असत्य तथ्य प्रस्तुत करते हैं।
- विधिक प्रावधानों का उल्लंघन: राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) के अनुसार सामान्य आदेश, परिपत्र, विज्ञापन और निविदाएं अनिवार्य रूप से द्विभाषी होनी चाहिए। ‘द्विभाषी’ का अर्थ है एक ही दस्तावेज में दोनों भाषाओं का एक साथ होना। जब तक यह परिपत्र द्विभाषी रूप में जारी नहीं होता, तब तक यह विधिक रूप से अवैध और शून्य है।
- झूठी रिपोर्टिंग: गत् 20 वर्षों में कारपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा एक भी निविदा, भर्ती विज्ञापन या परिपत्र राजभाषा में जारी नहीं किया गया, फिर भी त्रैमासिक रिपोर्टों में 100 प्रतिशत अनुपालन दिखाया जा रहा है। वर्ष 2025 के सभी 8 परिपत्र (01/2025 से 08/2025) केवल अंग्रेजी में जारी किये गये थे।
- मंत्रालय की हिन्दी वेबसाइट का विकल्प छिपाया गया है जबकि लैंडिंग पेज पर भाषा चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए जैसा कि भारतीय रिजर्व बैंक, सेबी व डाक विभाग ने दिया है।
- मंत्रालय की हिन्दी वेबसाइट की वर्तनी व व्याकरण की त्रुटियों की कोई भी व्यक्ति जाँच नहीं करता है इसलिए गत 8-9 वर्षों से स्पष्ट दिखाई देती त्रुटियों में भी सुधार नहीं किया जा रहा है, मंत्रालय के राजभाषा अधिकारी कर्तव्यहीन हैं। जैसे-

- हिंदी वेबसाइट पर कुछ सूचना और दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में, पूरी जानकारी हेतु कृपया अंग्रेजी वेबसाइट देखें।
- सेवा शिकायत का फार्म द्विभाषी नहीं बना रहे हैं-

- 2014 से कंपनी निगमन प्रमाण-पत्रों व डिन आबंटन पत्रों से राजभाषा को हटा दिया गया है। जबकि नियम 11 के अनुसार सभी प्रमाण-पत्र डिगलॉट जारी करना अनिवार्य है।
अतः इन अवैध अंग्रेजी दस्तावेजों को तत्काल वापस लेकर नियमानुसार हिन्दी और अंग्रेजी (डिगलॉट) में जारी करें। मंत्रालय अपनी वेबसाइट
भवदीय,
अभिषेक कुमार
ग्राम सुल्तानगंज, रायसेन (म.प्र.)

