कार्यक्रम की शुरुआत श्री नकुल जी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि वे शबाना जी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और CRY के इस मिशन के लिए सभी से सहयोग की अपील की। उन्होंने भावुक होकर कहा, “हर बच्चे को खुशियाँ नहीं मिलतीं, लेकिन हमारे छोटे-छोटे प्रयास उनकी दुनिया बदल सकते हैं।”
इसके बाद श्री पैट्रिक जी मंच पर आए और सैन डिएगो चैप्टर की सराहना करते हुए कहा कि, “यहाँ के स्वयंसेवकों की मेहनत ने इस शाम को इतना सुंदर और सफल बनाया है।” उन्होंने यह भी बताया कि ओडिशा, भारत में CRY द्वारा समर्थित शिक्षा-संधान परियोजना के माध्यम से अब तक 8 लाख से अधिक बच्चों को लाभ मिला है।
इसके बाद मंच पर पधारीं ललिथाम्मा जाला, जो कि भारत में Project PORD की संस्थापक और संचालिका हैं। जैसे ही वे मंच पर आईं, पूरा हॉल खड़ा हो गया और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया गया। ललिथाम्मा ने अनुवादक के माध्यम से बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से CRY से जुड़ी हुई हैं और इस सहयोग से उन्होंने ज़मीनी स्तर पर अद्भुत कार्य किए हैं। उन्होंने अब तक 87 बाल विवाह रुकवाए हैं। उन्होंने एक दिल दहला देने वाली घटना भी साझा की — जब कोविड के बाद लड़कियों की पढ़ाई बंद कर दी गई थी और उन्हें जबरदस्ती विवाह के लिए मजबूर किया जा रहा था, तब एक बच्ची की शादी रुकवाने पर उसके ही माता-पिता ने ललिथाम्मा पर केस कर दिया। लेकिन अंत में वे उस बच्ची को बचाने में सफल रहीं। उनकी कहानी ने सभी को भावविभोर कर दिया।
इसके बाद मंच पर आईं सभी की चहेती शबाना आज़मी जी। उन्होंने आते ही ललिथाम्मा के कार्यों की प्रशंसा में तालियाँ बजाईं और कहा, “जो कार्य आप कर रही हैं, वह अनमोल है। ज़मीनी स्तर पर काम करने वालों को मेरा हज़ारों बार सलाम है।” उन्होंने बताया कि “अर्थ” फिल्म के बाद जब महिलाओं ने उनसे संपर्क किया, तब उन्हें समझ में आया कि सिनेमा से समाज कैसे जुड़ता है। उन्होंने कहा, “अगर आप झुग्गी बस्तियों में महिलाओं के लिए काम कर रहे हैं, तो आप बच्चों को नहीं छोड़ सकते। बच्चों की भलाई के बिना कोई समाज प्रगति नहीं कर सकता।” उन्होंने भावुक होकर कहा, “आपके थोड़े से सहयोग से अनगिनत बच्चों का जीवन संवर सकता है। आइए, हम सब मिलकर उनके सपनों को हकीकत में बदलें।”
इस बार के कार्यक्रम का संदेश था “आपके साथ सपनों को हकीकत में बदलना”। कार्यक्रम में शबाना जी के फिल्मों के गीतों पर नृत्य प्रस्तुतियाँ हुईं और उनके यादगार गीतों का गायन भी किया गया, जिससे दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। श्री देवन जी ने इस कार्यक्रम का संचालन अत्यंत ही सौम्यता और सटीकता के साथ किया, जिसकी सराहना सभी दर्शकों ने की।
कार्यक्रम के समापन पर श्रीमती साक्षी गुप्ता जी ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से $170,000 डॉलर की धनराशि एकत्रित की गई है, जो CRY के कार्यों में लगेगी — एक बच्चे का भविष्य संवारने में।
अंत में श्री एडवर्ड जी ने सभी मेहमानों, प्रतिभागियों और स्वयंसेवकों को धन्यवाद देते हुए कहा, “आज की शाम सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं थी, यह उम्मीद, समर्पण और बदलाव की शुरुआत है।” इस आयोजन को सफल बनाने में San Diego Action Center की कोर टीम का विशेष योगदान रहा। उन्होंने दिल से धन्यवाद दिया CRY के इन समर्पित सदस्यों का — पलक गोसालिया, अनिल टाटा, साक्षी गुप्ता, निखिल गुप्ता, अर्पित सेक्सरिया, सौम्या विजय, खुशी अग्रवाल, दिशा चुघ, अजीता बाहेती, पर्सी प्रेसवाला और शैलेष आगरकर का जिनकी अथक मेहनत और प्रतिबद्धता के बिना यह आयोजन संभव नहीं हो पाता। इसके अतिरिक्त उन्होंने दुग्गल परिवार का भी आभार व्यक्त किया जिनके सहयोग से ये पूरा कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सका।
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अविनाश श्रीवास्तव


