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गोआ में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को सरकारी अनुदान को लेकर संघ और सरकार में रस्साकशी

गोवा के स्कूलों में पढ़ाई जाने वाले भाषा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी सिलसिले में राज्य के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात भी की। इस मुलाकात के बाद स्कूलों में पढ़ाई के माध्यम के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस और सत्ताधारी भाजपा के बीच पहले से जारी तकरार और बढ़ गई। बताया जाता है कि इस मुलाकात में पारसेकर ने शाह से मांग की कि आरएसएस की गोवा इकाई के प्रमुख को पद से हटाया जाए। स्कूलों में क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा की मांग कर रहे आरएसएस ने अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को अनुदान दिए जाने को लेकर राज्य सरकार के रूख का विरोध किया है।
रिपोर्ट के अनुसार पारसेकर ने अमित शाह से मुलाकात के दौरान गोवा आरएसएस इकाई के प्रमुख को हटाने की भी मांग की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुभाष वेलिंगकर के जगह किसी और की नियुक्ति की जाएं। भारतीय भाषा सुरक्षा मंच, बीबीएसएम, सिर्फ उन्हीं स्कूलों को अनुदान दिए जाने की मांग कर रहा है, जो पढ़ाई के माध्यम के तौर पर क्षेत्रीय भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं।
गोवा आरएसएस प्रमुख ने पढ़ाई के माध्यम के मुद्दे पर पत्रकारों से कहा कि भाजपा का संघ पर कोई नियंत्रण नहीं है क्योंकि यह एक स्वतंत्र संगठन है। उपर से लेकर नीचे तक किसी भी भाजपा नेता में आरएसएस के नेताओं को छूने तक की हिम्मत नहीं है। भाजपा संघ में नियुक्तियों या बदलावों को संचालित नहीं कर रही है।
दिलचस्प ये है कि वेलिंगकर ने हाल ही में इस मुद्दे पर भाजपा की अगुवाई वाली सरकार की आलोचना करते हुए लोगों से अपील की थी कि चुनाव के दौरान इन भाजपा को अपने दरवाजे पर न आने दें। पारसेकर और शाह के बीच हुई मुलाकात के बारे में पूछे एक सवाल के जवाब में आरएसएस नेता ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। एक अन्य आरएसएस नेता राजू सुकेरकर ने कहा कि वेलिंगकर इतने बड़े संगठन के नेता हैं कि कोई उनके पद को हाथ नहीं लगा सकता। उनके खिलाफ किसी के बोलने से संघ में वेलिंगकर के कद पर कोई असर नहीं पड़ता।

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