Homeभारत गौरववैश्विक पहचान रखने वाला भारत का एक महान संगीतकारः इलैया राजा

वैश्विक पहचान रखने वाला भारत का एक महान संगीतकारः इलैया राजा

भारत के अधिकांश लोग शायद ही  भारत के इस महान संगीतकार के बारे मे विस्तार से  जानते हों। हमारी मीडिया एआर रहमान को ही महान बताती है। मीडिया के महान संगीतकार ने अजहर सिंड्रोम खेल दिया। आइये आपको आज मिलवाता हूँ ऐसे संगीतकार से जिन्होंने 1523 फिल्मों में संगीत दिया, 20 हजार स्टेज शो किये.8600 गीत कंपोज किये दुनिया के 9वें सबसे बेहतरीन महान संगीतकार इलैया राजा ।

इलैयाराजा का जन्म 2 जून 1943 को तमिलनाडु में एक दलित ईसाई फैमिली में हुआ था। उनका नामकरण का किस्सा भी बेहद दिलचस्प है। इलैया राजा का नाम उनके पिता ने रजईया रखा था पर गांव के लोग उन्हें रासयया बुलाते थे। जिसके बाद वो संगीत की शिक्षा लेने के लिए #धनराज_मास्टर के पास पहुंचे जहां मास्टर ने उनका नाम राजा रख दिया। इसके बाद उन्होंने अपने करियर की पहली फिल्म अन्नकिली मिली। इस फिल्म में उन्हें प्रोड्यूसर पंचू अरुणाचलम के साथ काम करने का मौका मिला और यहीं पंचू ने उनके नाम राजा के आगे इलैया जोड़ दिया। दरअसल तमिल में इलैया का मतलब छोटा होता है और राजा नाम से फिल्म इंडस्ट्री में एक और म्यूजिक डायरेक्टर ए.एम. राजा मौजूद थे। जिसके चलते राजा का नाम इलैया राजा पड़ गया।

इलैया राजा गांव में पले बड़े थे इसलिए उन्हें गांव के वातावरण और म्यूजिक का बखूबी ज्ञान था। बचपन से ही उनकी संगीत में बहुत रुचि रहती थी। लिहाजा उन्होंने बचपन में ही संगीत की शिक्षा ली थी। मात्र 14 साल की उम्र में ही इलैया राजा ने रुरल फोक संगीत को एक्सपोज करना शुरू कर दिया था।उन्होंने पवलर ब्रदर्स ग्रुप ज्वाइन कर लिया था जो एक ट्रेवलिंग म्यूजिकल ग्रुप था
इलैया राजा ने लंदन के ट्रिनिटी कॉलेज से म्यूजिक का कोर्स किया है। जहां पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें उनकी बेहतरीन इंस्ट्रूमेंटल परफॉर्मेंस के लिए #गोल्ड_मेडल से नवाजा गया था। उन्होंने टी.वी.गोपाल से कर्नाटक म्यूजिक की भी शिक्षा ली।
इलैयाराजा ने गिटारिस्ट के तौर पर करियर की शुरुआत की थी। लंदन से लौटने के बाद उन्होंने एक बैंड के साथ सेशन गिटारिस्ट के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था। ये बैंड म्यूजिक कंपोजर और डायरेक्टर साहिल चौधरी का था। यहीं पर #साहिल_चौधरी ने इलैया राजा को कह दिया था कि आने वाले समय में वो बेस्ट म्यूजिक कंपोजर बनने वाले हैं।इलैया राजा अबतक अच्छे म्यूजिशियन माने जाने लगे थे। उन्होंने इसके बाद कंपोजर जी.के.वैंकटेश के पास असिसटेंट म्यूजिक कंपोजर को तौर पर काम करना शुरू कर दिया। दोनों की जोड़ी ने लगभग 200 कन्नड़ फिल्मों में साथ में काम किया। ऐसे में इलैया को जब भी समय मिलता वो सेशन म्यूजिक के साथ भी म्यूजिक कंपोज करने लगे। जी.के वैंकटेश के साथ इलैया राजा ने म्यूजिक कंपोजिशन के बारे में बहुत कुछ सीखा।
इलैया राजा को 1975 में फिल्म प्रोड्यूसर पंजू अरुणाचलम ने अपनी फिल्म अन्नाकली के लिए म्यूजिक कंपोज करने के लिए दिया। इस फिल्म में इलैया ने मॉडर्न और तमिल फोक म्यूजिक को मिलाकर बेहतरीन म्यूजिक बनाया। जिसे लोगों का खूब प्यार मिला और इलैया को बेहतरीन म्यूजिक कंपोजर के रुप में पहचान।
इलैयाराजा ने 1980 के दौर में तमिल कवियों के साथ मिलकर उनकी कविता के लिए म्यूजिक तैयार करना शुरू कर दिया था और फिल्मकारों को उनके कंपोजिशन बेहद पसंद भी आते थे। उन्होंने गुलजार, आर. बाल्की, मणि रत्नम, फाजिल, शंकर नाग के साथ भी कई फिल्मों में काम किया है।

इलैया राजा पहले भारतीय हैं जिन्होंने कंप्यूटर से गाने रिकॉर्ड करना शुरू किया था। 1986 में उन्होंने फिल्म विक्रम के लिए म्यूजिक कंपोज किया था। साथ ही इलैया राजा वेस्टर्न क्लॉसिक म्यूजिक हार्मोनी को भारतीय कंपोजिशन में यूज करने वाले पहले भारतीय थे।

उन्होंने फिल्म नायकन (1987) का साउंडट्रैक तैयार किया, जो एक भारतीय फिल्म है जिसे टाइम पत्रिका ने सर्वकालिक 100 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में स्थान दिया है।
निर्देशक आर.के. सेल्वमनी की फिल्म चेम्बरुथी (1992) के लिए इलैयाराजा ने मात्र 45 मिनट में 9 गाने तैयार किए, जो एक रिकॉर्ड है। अभिनेता रजनीकांत ने कहा कि इलैयाराजा बिना सोए एक ही दिन में तीन फिल्मों की री-रिकॉर्डिंग पूरी कर लेते थे , जबकि आज की पीढ़ी के संगीतकार एक फिल्म के लिए 30 दिन लेते हैं।
भारतीय सिनेमा के 100 साल पूरे होने पर CNN-IBN द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार इलैया राजा को ऑल टाइम ग्रेटेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के लिए सबसे ज्यादा वोट दिए गए थे। वहीं इलैया को अमेरिकी वर्ल्ड सिनेमा पोर्टल ‘टेस्ट ऑफ सिनेमा’ ने दुनिया के 25 सबसे बेहतरीन म्यूजिक कंपोजर में 9वें नंबर पर जगह दी है। इस लिस्ट में शामिल होने वाले इलैया राजा पहले भारतीय म्यूजिक कंपोजर हैं।
इलैया राजा को 3 बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन और 2 बेस्ट बैकग्राउंड म्यूजिक के लिए 5 बार नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं इंटरटेनमेंट जगत में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने 2010 में पद्म भूषण और 2018 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया है
2012 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी  अवॉर्ड से भी सम्मानित किये जा चुके हैं। वे जुलाई 2022 से भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा में मनोनीत सांसद हैं। 2025 में, वे लंदन में एक पूर्ण पश्चिमी शास्त्रीय सिम्फनी की रचना, रिकॉर्डिंग और लाइव प्रस्तुति करने वाले पहले एशियाई और भारतीय फिल्म संगीतकार बने।
अजंता-एलोरा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (AIFF)जो सिनेमा की दुनिया का एक बड़ा जश्न है, अपने 11वें संस्करण के साथ लौट रहा है। यह फेस्टिवल 28 जनवरी से 1 फरवरी, 2026 तक छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र में होगा। इस बार प्रतिष्ठित पद्मपाणि पुरस्कार महान संगीतकार श्री इलैयाराजा जी को मिलने वाला है।
उन्हें “(संगीत ऋषि) उपनाम से जाना जाता है और अक्सर उन्हें ” मास्ट्रो ” कहा जाता है, यह उपाधि उन्हें लंदन के रॉयल फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा
द्वारा प्रदान की गई थी ।
इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी के बोर्ड सदस्य अचिले फोरलर ने 2017 में कहा, “इलैयाराजा ने पिछले 40 वर्षों में जिस तरह का उत्कृष्ट काम किया है, उसे देखते हुए उन्हें दुनिया के शीर्ष 10 सबसे अमीर संगीतकारों में एंड्रयू लॉयड वेबर (1.2 बिलियन डॉलर) और मिक जैगर (300 मिलियन डॉलर से अधिक) के बीच कहीं स्थान मिलना चाहिए था।”
ब्रिटिश संगीतकार #एंडी_वोटेल ने एक निबंध में इलैयाराजा का वर्णन इस प्रकार किया, “संगीत की आप चाहे जिस भी शैली को पसंद करें/प्यार करें/प्रचारित करें/संरक्षित करें/राजनीतिकरण करें/अति-बौद्धिकरण करें/घृणा करें/बचाव करें या आनंद लेने का दिखावा करें, इलैयाराजा ने वह सब किया है।
कर्नाटक गायक टीएम कृष्णा ने कहा कि किसी अन्य फिल्म संगीतकार ने इलैयाराजा की तरह संगीत की व्यापक समझ का प्रदर्शन नहीं किया है, और जिस तरह से वे खुद को ढालते हैं और संगीत की रचना करते हैं। वह “अथाह” है, जो उन्हें “पूर्ण उस्ताद” बनाता है।
1991 में आई फिल्म थलपति के लिए इलैयाराजा द्वारा रचित संगीत को द गार्जियन की ” मरने से पहले सुनने लायक 100 एल्बम” सूची में शामिल किया गया था ।
2003 में BBC द्वारा 165 देशों के आधे मिलियन से अधिक लोगों के बीच किए गए एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार , थलपति फिल्म का उनका गीत ” रक्कम्मा कैया थट्टू ” सर्वकालिक 10 सबसे लोकप्रिय गीतों में चौथे स्थान पर रहा। छायाकार संतोष सिवन ने बताया कि इलैयाराजा ने फिल्म थलपति के पूरे संगीत की रचना “आधे दिन” से भी कम समय में पूरी कर ली थी। मुंबई में आर.डी. बर्मन के ऑर्केस्ट्रा के साथ फिल्म थलपति के गीत “सुंदरी” की रिकॉर्डिंग के दौरान , जब इलैयाराजा ने सुर दिए, तो सभी संगीतकार इतने भावुक हो गए कि उन्होंने श्रद्धापूर्वक हाथ जोड़कर उन्हें सम्मान के प्रतीक के रूप में स्टैंडिंग ओवेशन दिया था।
उन्होंने अनगिनत रिकॉर्ड बनाए हैं, जिनकी गिनती ही नहीं है।ईसाई धर्म में जन्म और पालन-पोषण होने के बावजूद इलैयाराजा ने हिंदू धर्म अपना लिया है,और तमिल हिंदू संत रमण महर्षि को अपना आध्यात्मिक गुरु मानते हैं। 2018 में, अमेरिका में एक टॉक शो के दौरान, इलैयाराजा ने ईसा मसीह के पुनरुत्थान में ईसाई विश्वास की विश्वसनीयता पर संदेह व्यक्त किया और दावा किया कि पुनरुत्थान केवल हिंदू संत रमण महर्षि के मामले में हुआ था । उन्होंने कथित तौर पर कहा, “मैं नियमित रूप से यूट्यूब पर वृत्तचित्र देखता हूं। उनमें कहा जाता है कि ईसा मसीह का पुनरुत्थान नहीं हुआ था।” विरोध में, एक ईसाई समूह ने तिरुचि के पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई और इलैयाराजा के खिलाफ पुलिस कार्रवाई या उनसे माफी मांगने की मांग की, क्योंकि उन्होंने “ईसाइयों के परम विश्वास” पर संदेह जताया था।

फ़िर भी इलैया राजा जी ने माफ़ी नहीं मांगी अडिग रहे। एक तरफ़ है दिलीप कुमार से अल्लारक्खा बने । AR रहमान जिनको भारत के सर्व समाज ने इतना प्यार सम्मान दिया की इन्हें अपच हो गयी। दूसरी तरफ हैं दूसरे संगीतकार जो ईसाई से हिंदू बन गए, विश्व के टॉप 9 महान संगीतकार बन गए ऐसे ऐसे अवार्ड जीते सम्मान मिले रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना दिए।

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