Homeप्रेस विज्ञप्तिभारतीय रेल ने अगले पाँच वर्षों में प्रमुख शहरों में ट्रेनों की...

भारतीय रेल ने अगले पाँच वर्षों में प्रमुख शहरों में ट्रेनों की क्षमता दोगुनी करने की योजना बनाई

मुंबई, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, उज्जैन एवं इंदौर में यात्रा सुविधाओं में होगा विस्तार

 

मुंबई। यात्रियों की यात्रा मांग में तीव्र एवं निरंतर वृद्धि को देखते हुए भारतीय रेल ने अगले पाँच वर्षों में प्रमुख शहरों से नई ट्रेनों के संचालन की क्षमता को दोगुना करने की योजना बनाई है। भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मौजूदा रेलवे अवसंरचना का व्यापकचरणबद्ध एवं समयबद्ध उन्नयन किया जाएगा।

वर्ष 2030 तक ट्रेनों की हैंडलिंग क्षमता दोगुनी करने के उद्देश्य से जिन कार्यों की योजना बनाई गई हैउनमें टर्मिनलों का विस्तार करते हुए अतिरिक्त प्लेटफॉर्मों का निर्माणनई पिट लाइनों की व्यवस्थाहोल्डिंग एवं स्टेबलिंग लाइनों का विकासशंटिंग व्यवस्थाओं में सुधारशहरी क्षेत्रों के भीतर एवं आसपास नए टर्मिनलों का निर्माणमेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स सहित रखरखाव अवसंरचना का विकास तथा सिग्नलिंग उन्नयनट्रैफिक सुविधा कार्यों एवं मल्टी-ट्रैकिंग के माध्यम से सेक्शन क्षमता में वृद्धि शामिल है। देश के 48 प्रमुख शहरों को कवर करने वाली एक समग्र योजना पर विचार किया जा रहा हैजिसके अंतर्गत अगले पाँच वर्षों में चरणबद्ध रूप से क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि यात्रियों को शीघ्र लाभ मिल सके।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसारइस राष्ट्रीय योजना के अंतर्गत पश्चिम रेलवे ने अपने क्षेत्राधिकार में क्षमता वृद्धि हेतु छह प्रमुख शहरोंमुंबईसूरतवडोदराअहमदाबादउज्जैन एवं इंदौर को चिन्हित किया है। इन शहरों में टर्मिनल विस्ताररखरखाव एवं स्टेबलिंग अवसंरचना के विकास तथा सेक्शन क्षमता में सुधार के माध्यम से चरणबद्ध रूप से क्षमता संवर्धन किया जाएगाजिससे भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को प्रभावी रूप से पूरा किया जा सके।

मुंबई क्षेत्र में लंबी दूरी की ट्रेनों की क्षमता में वृद्धि

पश्चिम रेलवे मुंबई क्षेत्र में यात्रियों के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों की हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने हेतु अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इनमें नए टर्मिनलों का निर्माणअतिरिक्त लाइनों का विकासनई रखरखाव सुविधाओं का सृजनप्लेटफॉर्म विस्तार सहित विभिन्न अवसंरचनात्मक कार्य शामिल हैं।

वर्तमान में पश्चिम रेलवे मुंबई क्षेत्र से 44 लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन करती है। इन अवसंरचनात्मक कार्यों के पूर्ण होने के पश्चात लगभग 65 अतिरिक्त लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन की योजना है। इसके अतिरिक्तमौजूदा ट्रेनों में प्रतिदिन लगभग 70 कोचों की वृद्धि भी प्रस्तावित है।

भीड़भाड़ कम करने एवं यात्रा परिस्थितियों में सुधार लाने के उद्देश्य से मुंबई सेंट्रलदहानू रोड सेक्शन पर लगभग ₹6857 करोड़ की कुल लागत से लाइन क्षमता बढ़ाने के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। MUTP-II के अंतर्गत 30 किलोमीटर लंबी मुंबई सेंट्रलबोरीवली छठी लाइन परियोजना ₹919 करोड़ की लागत से दो चरणों में क्रियान्वित की जा रही है। चरण-के अंतर्गत खारकांदिवली खंड का कमीशनिंग पूर्ण हो चुका हैजबकि कांदिवलीबोरीवली खंड का कार्य अंतिम चरण में है और इसके जनवरी 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर बांद्रा टर्मिनस से आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए इस सेक्शन पर दो समर्पित लाइनें उपलब्ध होंगीजिससे उपनगरीय एवं मुख्य लाइन यातायात का बेहतर पृथक्करण संभव होगा तथा मुंबई क्षेत्र से अतिरिक्त लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में सहायता मिलेगी। 

इसके अतिरिक्त, ₹2184 करोड़ की लागत से बोरीवलीविरार 5वीं एवं 6वीं लाइन परियोजना तथा ₹3578 करोड़ की लागत से विरारदहानू रोड 3री एवं 4थी लाइन परियोजना पर भी तीव्र गति से कार्य प्रगति पर है। इनके पूर्ण होने से संबंधित सेक्शनों पर अतिरिक्त लाइन क्षमता उपलब्ध होगीजिससे लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन के लिए अधिक क्षमता सृजित होगी। साथ ही, ₹176 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन नायगांवजुईचंद्रा डबल कॉर्ड लाइन परियोजना वसई रोड पर लोको रिवर्सल की आवश्यकता को समाप्त करते हुए कोंकण रेलवे की ओर सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगीजिससे पश्चिमी उपनगरों से कोंकणगोवा एवं उससे आगे के क्षेत्रों के लिए नई ट्रेन सेवाओं का मार्ग प्रशस्त होगा। सामूहिक रूप सेये सभी पहलें समयपालन में सुधारभीड़ में कमी तथा यात्रियों के लिए अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करेंगी।

लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए जोगेश्वरी में तीन प्लेटफॉर्मों वाला एक नया टर्मिनस निर्माणाधीन हैजिसका कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है और इसके अगले वर्ष के मध्य तक पूरा होने की संभावना है। इसी प्रकारवसई रोड स्टेशन पर भी लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए एक नया टर्मिनस विकसित किया जा रहा हैजहां दो नए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं और इसका कार्य दिसंबर 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है। नए टर्मिनलों के अतिरिक्तमौजूदा टर्मिनलोंमुंबई सेंट्रलबांद्रा टर्मिनस एवं दादरपर भी नए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा रखरखाव सुविधाओं का उन्नयन किया जा रहा है। मुंबई सेंट्रल में मौजूदा सिक लाइन का विस्तार एकीकृत रखरखाव हेतु किया जा रहा हैजबकि दादर में एक नया प्लेटफॉर्म प्रदान किया जा रहा है। बांद्रा टर्मिनस पर तीन नई पिट लाइनों का कमीशनिंग किया जा चुका है। इसके अलावामुंबई सेंट्रल पर प्लेटफॉर्म संख्या 5 का 24-कोच लंबाई तक विस्तार एवं दो नई पिट लाइनों का निर्माण प्रस्तावित है। जोगेश्वरी में चरण-II के अंतर्गत दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म एवं दो पिट लाइनें तथा वसई रोड पर कोचिंग टर्मिनल का विकास एवं एक पिट लाइन का निर्माण भी प्रस्तावित है।

उपनगरीय सेवाओं में वृद्धि

वर्तमान में पश्चिम रेलवे तीन कार शेडों में अनुरक्षित 116 रेकों के माध्यम से प्रतिदिन 1406 उपनगरीय सेवाओं का संचालन करती है। मुंबई सेंट्रलबोरीवली छठी लाइनबोरीवलीविरार 5वीं एवं 6वीं लाइन तथा विरारदहानू रोड 3री एवं 4थी लाइन जैसे विभिन्न अवसंरचनात्मक कार्यों के पूर्ण होने पर उपनगरीय यातायात का मुख्य लाइन यातायात से पृथक्करण संभव होगाजिससे उपनगरीय परिचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इसके साथ-साथ गोरेगांव से बोरीवली तक हार्बर लाइन विस्तार का कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्तबांद्राअंधेरी सेक्शन पर प्लेटफॉर्म लंबाई को 15-कोच तक बढ़ाने की भी योजना है। इन सभी अवसंरचनात्मक उन्नयन कार्यों के पूर्ण होने पर 165 अतिरिक्त उपनगरीय सेवाएं चलाने की योजना है।

राष्ट्रीय योजना के अनुरूप पश्चिम रेलवे पर क्षमता वृद्धि कार्यक्रम को तात्कालिकअल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्य योजनाओं के माध्यम से स्पष्ट समयसीमा एवं लक्ष्यों के साथ लागू किया जा रहा है। जहां वर्ष 2030 तक ट्रेनों की हैंडलिंग क्षमता दोगुनी करना इसका प्रमुख उद्देश्य हैवहीं अगले पाँच वर्षों में चरणबद्ध क्षमता वृद्धि के माध्यम से यात्रियों को शीघ्र लाभ तथा ट्रेनों के सुचारू एवं निर्बाध संचालन को सुनिश्चित किया जाएगा।

केंद्रीय रेल मंत्रीसूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “हम यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए विभिन्न शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार कर रहे हैं तथा अनुभागीय एवं परिचालन क्षमताओं में वृद्धि कर रहे हैं। इस पहल से हमारे रेलवे नेटवर्क का उन्नयन होगा और राष्ट्रव्यापी संपर्क सुविधा को सुदृढ़ किया जा सकेगा।

spot_img
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

लोकप्रिय

उपभोक्ता मंच

- Advertisment -

वार त्यौहार