भुवनेश्वर। कीट-कीस-कीम्स ने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। अवसर पर आयोजित संगोष्ठी का थीम था-देने से मिलनेवाली खुशी।अवसर पर कीट-कीस-कीम्स के प्राणप्रतिष्ठाता महान् शिक्षाविद् प्रोफेसर अच्युत सामंत ने निर्धारित थीम देने से मिलनेवाली खुशी को स्पष्ट करते हुए यह जानकारी दी कि कीट-कीस-कीम्स में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं और वे ही अपनी शक्तिबोध और सौंदर्यबोध से कीट-कीस-कीस की वास्तविक पहचान हैं।वे ही वास्तविक शक्तिबोध और सौंदर्यबोध हैं।उनके अनुसार उनकी तीनों ही संस्थाओं में महिलाओं की भूमिका अहम् है।गौरतलब है कि प्रोफेसर अच्युत सामंत की अपनी स्वर्गीया मां नीलिमारानी सामंत ही उनके कामयाब जीवन की वास्तविक प्रेरणा हैं और उनकी मां के समस्त संदेशःअनुशासन,वफादारी,जिम्मेदारी ,ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता को अपनाकर पिछले लगभग 30 सालों से कीट-कीस-कीम्स को दुनिया की श्रेष्ठतम संस्थाएं बनाने हेतु संकल्पित भाव से कार्यरत हैं।
आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। ऐसे में,कीट-कीस-कीम्स परिवार की सभी महिलाओं के लिए यही संदेश है कि वे अपने घर-परिवार,घर के माता-पिता,बड़े-बुजुर्गों के साथ आत्मीयता के साथ आनंदमय जीवन व्यतीत करें।उनकी देखभाल अच्छे तरीके से करें।साथ ही उनके साथ कुछ समय अवश्य बिताएं।
इस अवसर पर कीट डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सरनजीत सिंह,कुलसचिव प्रो.ज्ञानरंजन महंती, प्रो.पद्मकली बनर्जी,डीजी कीट तथा तथा अधिक संख्या में कीट-कीस-कीम्स की महिला कर्मचारी आदि उपस्थित थीं।
(लेखक राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हैं और ओड़िशा के साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक मुद्दों पर नियमित लेखन करते हैं )

