कोटा । ज्ञान भारती संस्थान द्वारा स्व. गौरीशंकर कमलेश एवं श्रीमती कमलेश स्मृति राजस्थानी भाषा साहित्य का 32 वाँ पुरस्कार समारोह रविवार को कोटा में आयोजित किया गया। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस वर्ष का गौरीशंकर राजस्थानी भाषा का पुरस्कार कोटा के कवि और साहित्यकार किशन लाल वर्मा को उनकी कृति मीरा माई ( महाकाव्य ) के लिए ग्यारह हजार रुपए नकद शाल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कमला कमलेश राजस्थानी भाषा का पुरस्कार जोधपुर की साहित्यकार बसन्ती पंवार को पांच हजार रुपए नगद,शाल, श्रीफल प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रथम सत्र ने में वरिष्ठ साहित्यकार जितेंद्र निर्मोही के कहानी संग्रह “राजस्थानी वैग्यानिक कथावाँ” का विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि के.बी.भारतीय ने कृति को साहित्य और विज्ञान का अद्भुत समन्वय बताते हुए जितेंद्र निर्मोही के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन्होंने साहित्य की है विद्या पर कार्य किया है। हाड़ौती अंचल में राजस्थानी भाषा के उन्नयन और विकास में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में सुमन लता ने स्व. गौरी शंकर कमलेश के राजस्थानी भाषा में योगदान पर प्रकाश डाला। ओम सोनी मधुर ने पुस्तक की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए पुस्तक को राजस्थानी भाषा की महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति बताया। उन्होंने ने कहा साहित्यकार जो लिखता है उस पर पाठक ही व्याख्या करता है। कवि प्रेम शास्त्री ने पुस्तक का विस्तृत परिचय दिया।
लेखक जितेंद्र निर्मोही ने किताब की कहानियों के संदर्भ में विषय वस्तु की जानकारी दी। उन्होंने बताया राष्ट्रीय स्तर का राजस्थानी गौरीशंकर कमलेश पुरस्कार अब तक राजस्थानी के लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकारों पद्मश्री अर्जुन सिंह शेखावत, डॉ. तारा लक्ष्मण गहलोत, प्रोफेसर कुंदन माली, रामस्वरूप किसान, डॉ नीरज दईया आदि को दिया जा चुका है। कमला कमलेश राजस्थानी पुरस्कार संतोष चौधरी जोधपुर, डॉ कृष्णा बीकानेर, मानसी शर्मा को दिया जा चुका है।
पुरस्कार और सम्मान सत्र की अध्यक्षता कवि विश्वामित्र दाधीच ने की और कवि मुकुट राज मणिराज मुख्य अतिथि रहे। पत्रकार प्रवीण जैन ने साहित्य के समक्ष ए आई की चुनौतियों से सावचेत करते हुए साहित्य में नई पीढ़ी को आगे आने पर जोर दिया। समारोह में पत्रकार प्रवीण जैन, युवा साहित्यकार हेम सिंह हेम,रेखा शर्मा, रामनारायण मीणा एवं श्वेता शर्मा को गौरी शंकर सम्मान से सम्मानित किया गया। संचालन कवि और साहित्यकार नहुष व्यास ने किया। समारोह में अनेक कवि और साहित्यकार उपस्थित रहे।
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डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
पत्रकार, कोटा

