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मिशन बाल मन तकः बच्चों को संस्कृति से जोड़ने का अभिनव प्रयास

कोटा / बच्चों को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने के लिए हाड़ौती में चलाए जा रहे मिशन बाल मन तक के अंतर्गत शिक्षिका और साहित्यकार डॉ. अपर्णा पाण्डेय ने अपने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरपा, सुल्तानपुर के करीब 50 बच्चों को भारत में पूर्वांचल के राज्य असम की संस्कृति से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया। वैसे तो इनके विद्यालय को असम का यह प्रोजेक्ट एक भारत, श्रेष्ठ भारत के तहत दिया गया था। इन्होंने दो दिन के अथक परिश्रम से इसे बाल मन तक मिशन से जोड़ते हुए पूरे मनोयोग से संपन्न करवाया।

डॉ. पाण्डेय द्वारा बच्चों को असम राज्य की संस्कृति, खान-पान, कृषि, खाद्यान्न, फसलों, राजधानी, पर्यटक स्थलों आदि की विस्तार से जानकारी देकर उनका ज्ञानवर्धन किया। साथ ही बच्चों से असम पर प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई। इनके द्वारा तैयार कराए गए असम की सांस्कृतिक पहचान बिहू नृत्य की बच्चों ने आकर्षक प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उप प्रधानाचार्य श्रीमती हर्षिता जैन ने करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में हमारे देश की संस्कृति को जानने का अच्छा अवसर मिलता है। उन्होंने डॉ. अपर्णा के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की जिन्होंने गहरी रुचि लेकर कार्यक्रम आयोजित किया। डॉ. अपर्णा ने बच्चों में अभिव्यक्ति और कल्पनाशीलता वृद्धि के लिए आयोजित बचपन की कहानियां लिखने के बारे में बताया कि स्कूल के 50 बच्चों ने कहानियां लिखी हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती संध्या पांचाल और श्रीमती तसव्वुर बानो ने भी अपने विचार व्यक्त कर कार्यक्रम को बच्चों के लिए उपयोगी बताया। विद्यालय परिसर में हरियालों राजस्थान के तहत कोटा विश्वविद्यालय की ओर से वृक्षारोपण भी किया गया।

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