प्रोफेसर अच्युत सामंत के नाम 69वीं मानद डॉक्टरेट डिग्री है
भुवनेश्वर, 7 नवम्बर: शिक्षा, सामाजिक परिवर्तन और मानवीय सेवा के क्षेत्र में अपने निरंतर और नि:स्वार्थ योगदान के लिए वैश्विक स्तर पर एक और सम्मान प्राप्त करते हुए, कीट- कीस और कीम्स के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत को एसआरएम विश्वविद्यालय, सोनीपत द्वारा मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की डिग्री से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में प्रदान किया गया।
भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर यह मानद उपाधि डॉ. सामंत को प्रदान की। इस अवसर पर डॉ. टी. आर. पारिवेन्धर, संस्थापक कुलाधिपति, एसआरएमआईएसटी – चेन्नई; प्रो. परमजीत एस. जसवाल, कुलपति, एसआरएम विश्वविद्यालय सोनीपत (हरियाणा); तथा प्रो. वी. सैमुअल राज, रजिस्ट्रार आदि दीक्षांत समारोह में उपस्थित थे।
यह विशिष्ट सम्मान डॉ. सामंत को विश्वभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा प्राप्त 69वां मानद डॉक्टरेट है, जो शिक्षा के माध्यम से वंचित बच्चों को सशक्त बनाने में उनके असाधारण योगदान की पुनः पुष्टि करता है।
एसआरएम विश्वविद्यालय ने अपने प्रशस्ति पत्र में डॉ. सामंत को “सीमा रहित सेवा, भेदभाव रहित शिक्षा और समझौता रहित मानवता” के प्रतीक के रूप में सराहा है। विश्वविद्यालय ने कहा कि उन्होंने ओडिशा के गरीबतम लोगों के उत्थान के लिए शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।
वहीं डॉ. सामंत ने एसआरएम विश्वविद्यालय, उसकी अकादमिक परिषद् और प्रबंधन बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “Honoris Causa” उपाधि उनके लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है।

