राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में “चालो आपणो देस बुलावै” की थीम पर देश व दुनियाभर से राजस्थानी प्रवासी 10 दिसंबर को जयपुर पहुँचे। प्रवासी राजस्थानी दिवस-2025 पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित हुआ।
मंच पर कई प्रमुख उद्योगपतियों और प्रवासी उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इनमें अनिल अग्रवाल, कुमार मंगलम बिड़ला, विनीत मित्तल, अजय पीरामल, माधव सिंघानिया, नरसी कुलरिया सहित कई प्रमुख नाम शामिल रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थानियों को संबोधित करते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में राज्य में तेजी से बदलाव हुए हैं। सीएम बोले कि प्रवासियों के लिए हमने अलग विभाग बनाया है। आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होने देंगे। उद्योगों को पूरी सुविधाएं, 24 घंटे बिजली और सरल प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
श्री भजनलाल ने बताया कि राज्य में उद्योगों को 24 घंटे बिजली देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। वहीं, किसानों के लिए 22 जिलों में दिन में बिजली वितरण शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राम जल सेतु परियोजना और यमुना जल समझौते पर भी तेजी से कार्य हो रहा है।
युवाओं को लेकर उन्होंने जानकारी दी कि सरकार 92 हजार नौकरियां दे चुकी है तथा 1.56 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस महीने 20 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इसके अलावा युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई नीति का भी आज विमोचन होगा। वहीं, सीएम ने मंच से 14 नए प्रवासी राजस्थान चैप्टर की स्थापना का भी ऐलान किया।
राजस्थान में पर्यटन के लिए बहुत सारे विकल्प बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,”राजस्थान से निराला कोई प्रदेश नहीं है, हमारे यहां डेजर्ट हैं, झीलें हैं, अभयारण्य, किले,महल, शेखावाटी की हवेलियां हैं. कोई अगर घूमने जाता है तो वह एक ही जगह जा पाता है और एक ही जगह देख पाता है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति राजस्थान आएगा तो एक टिकट में 4 से 5 फिल्म देखकर जाएगा.”
मुख्यमंत्री भजनलाल ने प्रवासी राजस्थानियों से आह्वान किया कि वह अपने परिवार के साथ हर साल दो बार राजस्थान जरूर आएं. उन्होंने कहा,”मां बच्चों की कभी नहीं भूलती और बच्चे मां को कभी नहीं भूलते. मेरा आग्रह है कि आप साल में कम से कम दो बार अपने परिवार के साथ राजस्थान जरूर आएं ताकि आपके अपने बच्चे और नाती-पोते अपनी जड़ों, अपनी कहानियों और अपनी पहचान से जुड़े रहें. जब प्रवासी समुदाय जुड़ा रहता है तो विरासत जिंदा रहती है, और जब विरासत जिंदा रहती है तो भविष्य को और मजबूती मिलती है.”
‘हर प्रवासी बने राजस्थान का ब्रांड एंबेसडर’ कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया भर में 1 करोड़ से अधिक प्रवासी राजस्थानी रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर हर प्रवासी अपना योगदान दे, तो दुनिया की कोई ताकत राजस्थान को देश का नंबर-1 राज्य बनने से नहीं रोक सकती। आप राजस्थान के ब्रांड एंबेसडर बनकर निवेश और अवसरों को बढ़ावा दें।
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राजस्थान को ‘सूखा और भूखा’ समझने की गलतफहमी दूर करनी होगी। उन्होंने सीएम से कहा कि प्रवासियों से सिर्फ निवेश मत मांगिए, उन्हें अपने ही रूप में स्वीकार कीजिए। कहिए- कब तक प्रवासी रहेंगे? राजस्थान लौट आइए।
राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा है।कई घोषणाएं राजस्थान को लेकर मुख्यमंत्री भजनल लाल ने की हैं। इसके अलावा नए विभाग खोले गए हैं। आज राइजिंग राजस्थान 2026 की भी घोषणा की गई है। आज के दिन के बाद प्रवासियों के साथ राजस्थान सरकार के संबंध मजबूत होंगे।
आयोजन में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाबचंद कटारिया, केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल, विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी, उप मुख्यमंत्री श्रीमती दियाकुमारी, श्री प्रेमचंद बैरवा, उद्योग मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ आदि की उपस्थिति में राज्यपाल श्री बागडे ने वाल्मीकि रामायण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब भगवान श्री राम ने लंका विजय की तो सोने की लंका की लक्ष्मण ने प्रशंसा की। इस पर श्री राम ने कहा कि सोने की लंका मुझे नहीं सुहाती। श्री राम ने कहा “जननी जन्म भूमि स्वर्गादपि गरीयसी”। जननी और जन्म भूमि स्वर्ग से भी महान होती है। उन्होंने मातृभूमि राजस्थान के विकास के लिए प्रवासियों को यहां हर क्षेत्र में सहयोग करने, उद्यमिता से युवाओं को रोजगार देने के प्रयासों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने राजस्थान की अपनत्व भरी “पधारो म्हारे देश” की संस्कृति की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रवासी यहां पधारें। उनका स्वागत और अभिनंदन हैं।
राज्यपाल श्री बागडे ने इससे पहले मुख्यमंत्री श्री शर्मा और पंजाब के राज्यपाल श्री कटारिया के साथ राज्य में निवेश करने वाले विशिष्ट उद्यमियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया। उन्होंने प्रवासी सम्मेलन पर प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण किया और राजस्थान के बारे में निर्मित फिल्म का भी बटन दबाकर शुभारम्भ किया। सम्मेलन में विभिन्न विभागों द्वारा राजस्थान के विकास को प्रदर्शित करती ऑडियो वीडियो कला दीर्घा का भी उन्होंने वहां पहुंचने पर अवलोकन किया।
वहीं, कार्यक्रम में मौजूद पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने मज़ाकिया लहजे में कहा कि पीयूष गोयल ने उन्हें भी प्रवासी बता दिया, जबकि मैं तो पूरा जीवन राजस्थान में ही रहा हूं, बस फिलहाल टेंपरेरी प्रवासी हूं।
सूरत, लंदन, दुबई, सिंगापुर, कंपाला, टोक्यो, दोहा, म्यूनिख, न्यूयॉर्क, नैरोबी, भुवनेश्वर,कोलकाता, दिल्ली के उद्योगपतियों के साथ सीधा संवाद हुआ. प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन से दुनियाभर में संदेश गया. उद्योगपतियों को मायड़ और माटी से जोड़ने की मुहिम की चहुंओर तारीफ हो रही है.

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और टाटा पावर के सीईओ और एमडी प्रवीर सिन्हा सहित कई उद्योगपति भी शामिल हुए। एक दिवसीय कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थानी संवाद और उद्योग, ऊर्जा, जल, खान, शिक्षा, पर्यटन तथा स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा सत्रों का आयोजन किया गया इनमें विविध विषयों पर विशेषज्ञ राजस्थान के बदलते औद्योगिक एवं निवेश परिवेश और जुड़ाव की संभावनाओं पर विचार किया गया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने राजस्थानी संस्कृति की शानदार झलक पेश की।
आयोजन में सभी 26 राजस्थान चैप्टर के पदाधिकारी शामिल हुए। इसमें 12 अंतरराष्ट्रीय चैप्टर हैं. इसमें म्यूनिख (जर्मनी), नैरोबी (केन्या), दुबई (यूएई), सिंगापुर (सिंगापुर), दोहा (कतर), टोक्यो (जापान), रियाद (सऊदी अरब), मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), कंपाला (युगांडा), काठमांडू (नेपाल), लंदन (यूके), न्यूयॉर्क (यूएसए) शामिल हैं. साथ ही देश भर के विभिनन्न शहरों के 14 चैप्टरों दिल्ली, रांची, गुवाहाटी, पुणे, भुवनेश्वर, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, सूरत, बेंगलुरु, हैदराबाद, इंदौर, कोलकाता और कोयम्बटूर के अध्यक्ष व प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
उद्घाटन सत्र में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने घोषणा की कि कंपनी राजस्थान में एक बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करेगी। इस पार्क में जिंक, सिल्वर, सल्फ्यूरिक एसिड, फास्फोरिक एसिड, एल्युमिनियम तथा कॉपर बेस्ड उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां 2 करोड़ से 100 करोड़ तक की इंडस्ट्रीज लगाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में राज्य में व्यापार करना पहले की तुलना में और आसान हुआ है। वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि अब तक वेदांता ने राजस्थान में तीन लाख करोड़ रुपये टैक्स के रूप में राजकीय कोष में जमा करवा दिए हैं।
श्री अनिल अग्रवाल ने कहा कि उनका सपना है कि राजस्थान में हिंदुस्तान का सबसे बड़ा फ़र्टिलाइजर प्लांट स्थापित किया जाए। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश में चोप स्टेडियम का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया में यदि कोई निवेशक या उद्यमी भारत आता है, तो उसकी पहली पसंद राजस्थान बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि पचास साल पहले किसी ने नहीं सोचा था कि राजस्थान की धरती के नीचे पूरी दुनिया के लिए खनिजों का विशाल भंडार छिपा है।
उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे पंजाब पूरे देश को अनाज देता है, उसी तरह राजस्थान में पूरी दुनिया को खनिज उपलब्ध कराने की क्षमता है। अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि अब राज्य में माइनिंग गतिविधियों को बढ़ाने का समय आ गया है, क्योंकि यहाँ जिस प्रकार के खनन क्षेत्र (पैचेज़) मौजूद हैं, वैसी संरचना दुनिया में कहीं और नहीं मिलती।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान की धरती के नीचे मौजूद क्षमता इतनी विशाल है कि इस पर वह पूरी रात चर्चा कर सकते हैं। यहाँ खनिजों के 40 तरह के विशिष्ट पठार हैं, जो दुनिया के किसी अन्य हिस्से में नहीं पाए जाते।
राइजिंग राजस्थान में कुल 35 लाख करोड़ रुपए के निवेश समझौते हुए. उनमें 7 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर उतर चुके. 10 दिसम्बर को एक लाख रुपए निवेश समझौतों की ग्राउंड ब्रेकिंग के साथ ही यह आंकड़ा 8 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा. प्रदेश को बेहतर निवेश गंतव्य बनाने के लिए 10 से अधिक नई नीतियां लॉन्च की गई।श. इसमें प्रवासी राजस्थानी नीति शामिल है.
समारोह स्थल पर प्रवासियों और उद्योगपतियों को राज्य के विकास से अवगत कराने को प्रगति पथ थीम आधारित प्रदर्शनी लगाई गई. इसमें सरकार की उपलब्धियों पर पैनल और वीडियो फिल्म प्रदर्शित किए गए। प्रवासी राजस्थानियों और सरकार के बीच बेहतर संवाद और सहयोग के लिए कई अहम निर्णय लिए. प्रवासियों को एक मंच पर लाने को राजस्थानी दिवस की घोषणा, हितों की रक्षा के लिए नए विभाग का गठन, नई प्रवासी नीति शामिल हैं. प्रवासी राजस्थानियों के परिजनों के लिए हर जिले में सिंगल प्वॉइंट कॉन्टेक्ट बनाया है. उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर जिले में एडीएम को नोडल अधिकारी बनाया है.
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि गए साल राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट की प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव में 10 दिसम्बर को हर वर्ष प्रवासी राजस्थानी दिवस मनाने की घोषणा की थी. इस कड़ी में यह पहला आयोजन किया गया।
भजनलाल सरकार की ‘गुड गवर्नेंस’:
-प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में जुटे देश दुनिया से प्रवासी
-प्रवासी राजस्थानी दिवस-2025 पर आयोजित हुआ बड़ा कार्यक्रम
-“चालो आपणो देस बुलावै” की थीम पर पहुंचे देश-दुनिया से अप्रवासी
-आज प्रवासी राजस्थानी दिवस में पहुंचे निवेशकों से वन-टू-वन संवाद
-सूरत, लंदन, दुबई, सिंगापुर, कंपाला, टोक्यो, दोहा, म्यूनिख, न्यूयॉर्क,
-नैरोबी, भुवनेश्वर,कोलकाता, दिल्ली के उद्योगपतियों से संवाद
प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन से दुनियाभर में गया संदेश
-उद्योगपतियों को मायड़ और माटी से जोड़ने की मुहिम की चहुंओर तारीफ
इसका उद्देश्य:
विदेशों और भारत के अन्य राज्यों में बसे राजस्थानियों को एक मंच पर लाना
राजस्थान के विकास में उनके अनुभव, पूंजी और नेटवर्क का उपयोग
सामाजिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक तथा निवेश सहयोग बढ़ाना
प्रवासी राजस्थानियों को सम्मान देना और रोडमैप तैयार करना
राज्य के निवेश अवसरों और विकास योजनाओं को साझा करना
राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, व्यवसाय एवं नवाचार की पहचान प्रस्तुत करना
नई नीतियों का विमोचन
राजस्थान सरकार ने निवेश-अनुकूल 13 नई नीतियाँ जारी कीं जिनमें पर्यटन, एग्री-फूड प्रोसेसिंग, सेमीकंडक्टर, वैश्विक क्षमता केंद्र नीति आदि शामिल हैं।
राजस्थान सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों के लिए विशेष विभाग/डायस्पोरा अफेयर्स डिपार्टमेंट (DORA) बना दिया है जो प्रवासी समुदाय के हितों, निवेशों और शिकायतों से जुड़े मामलों को देखेगा।
वैश्विक निवेश एवं नेटवर्किंगः राजस्थान सरकार के अनुसार इसका लक्ष्य है कि प्रवासी समुदाय राज्य के निवेश और विकास की रणनीतियों में सक्रिय भूमिका निभाए, जिससे राज्य का वैश्विक व्यापार और विकास गतिशील बने।
कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रमुख प्रवासी उद्यमियों की मौजूदगी रही, जिनमें वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल, वेलस्पन ग्रुप की दीपाली गोयनका, अजय पीरामल सहित कई उद्योगपति शामिल हुए।
इस अवसर पर MoU की ग्राउंड ब्रेकिंग और कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर 1 लाख करोड़ रुपये के MoU की ग्राउंड ब्रेकिंग की। साथ ही ‘कमिटमेंट इन एक्शन’ शीर्षक वाली कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।
उद्घाटन सत्र में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने घोषणा की कि कंपनी राजस्थान में एक बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करेगी। इस पार्क में जिंक, सिल्वर, सल्फ्यूरिक एसिड, फास्फोरिक एसिड, एल्युमिनियम तथा कॉपर बेस्ड उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां 2 करोड़ से 100 करोड़ तक की इंडस्ट्रीज लगाई जा सकती हैं।
प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर राज्य सरकार 13 नई सेक्टोरल नीतियां भी लॉन्च कर रही है। इनमें इंडस्ट्रियल नीति, पर्यटन नीति, एनआरआर नीति, सेमीकंडक्टर नीति, एयरोस्पेस एंड डिफेंस नीति, एआई-एमएल नीति एग्री–फूड प्रोसेसिंग नीति, वाहन स्क्रैप नीति ,ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति शामिल होंगी।

