मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंबेकर ने पत्रकार वार्ता में “संघ की 100 वर्षों की यात्रा: नया क्षितिज” शीर्षक से होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 7 और 8 फरवरी 2026 को नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम, वर्ली, मुंबई में सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत जी की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा।
आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत इससे पूर्व दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता में इसी प्रकार की व्याख्यान श्रृंखलाएं सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं। मुंबई का यह कार्यक्रम देशव्यापी इस व्याख्यान श्रृंखला का समापन कार्यक्रम होगा। श्री आंबेकर ने बताया कि पूर्व आयोजनों में प्राप्त जनसहभागिता और प्रतिक्रिया अत्यंत उत्साहवर्धक रही है।
मुंबई कार्यक्रम में दो दिनों में कुल चार सत्र आयोजित किए जाएंगे। शुक्रवार, 7 फरवरी को दो सत्र अपराह्न 3:30 बजे से सायं 7:30 बजे तक होंगे, जबकि शनिवार, 8 फरवरी को दो सत्र प्रातः 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत जी मुख्य उद्बोधन देंगे। दूसरे दिन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित होगा, जिसमें आमंत्रित प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत प्रश्नों एवं विचारों पर वे अपने विचार व्यक्त करेंगे।
श्री आंबेकर ने बताया कि संघ “पंच परिवर्तन” की अवधारणा पर विशेष बल दे रहा है— परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, नागरिक शिष्टाचार, स्वबोध तथा पर्यावरण संरक्षण। उन्होंने बताया कि परम पूजनीय सरसंघचालक जी इन पांच आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे तथा राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व के समसामयिक विषयों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
उन्होंने बताया कि संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता में इसी प्रकार की व्याख्यानमालाएं पहले ही आयोजित हो चुकी हैं, और मुंबई में होने वाली यह व्याख्यानमाला इस श्रृंखला की अंतिम कड़ी होगी। पिछली सभी व्याख्यानमालाओं को मिला गया प्रतिसाद अत्यंत उत्साहवर्धक रहा है। वरळी स्थित नेहरू सेंटर सभागार में ७ और ८ फरवरी को कुल ४ सत्रों का आयोजन किया गया है। पहले दिन दोपहर ३:३० से शाम ७:३० बजे तक २ सत्र होंगे, जबकि दूसरे दिन सुबह ९:३० से दोपहर १:३० बजे तक २ सत्र आयोजित होंगे। पहले दिन परम पूज्यनीय सरसंघचालक का उद्बोधन होगा, जबकि दूसरे दिन प्रश्नोत्तर सत्र होगा। इस सत्र में परम पूज्यनीय सरसंघचालक उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों की शंकाओं का निरसन करेंगे।
अपने उद्बोधन में परम पूज्यनीय सरसंघचालक विशेष रूप से पंच परिवर्तन की अवधारणा पर प्रकाश डालेंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे कार्य को भी उपस्थित जनों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
निमंत्रित व्यक्तियों को कुल १० श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें अर्थव्यवस्था, न्यायपालिका, प्रशासन, कला, खेल, धर्म, राजनीति, कॉर्पोरेट क्षेत्र, सिनेमा तथा अन्य क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियां पिछले चार महीनों से चल रही हैं। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों से लगभग १२०० गणमान्य व्यक्तियों को निमंत्रित किया गया है, जिनमें से ८०० से ९०० के बीच उपस्थित रहने की संभावना है।
श्री सुनीलजी आंबेकर ने मुंबई में ९० वर्ष पहले शुरू हुए संघ कार्य की यात्रा का संक्षिप्त परिचय दिया। साथ ही देशव्यापी चल रहे गृह संपर्क अभियान की जानकारी भी दी। महाराष्ट्र में अक्टूबर माह से गृह संपर्क अभियान प्रारंभ हुआ है। इसी प्रकार मंडल स्तर पर हिंदू सम्मेलनों तथा सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में कोंकण प्रांत के संघचालक श्री अर्जुन चांदेकर भी उपस्थित थे।
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