साहित्य की ग़ज़ल विधा में अपना स्थान बनाने वाली की सायरा और ग़ज़लकार श्रीमती शमा फ़िरोज़ का जन्म 13 जुलाई 1962 को कोटा, राजस्थान में हुआ। इन्होंने विवाह के उपरांत गृहस्थ संघर्ष के बीच हिंदी विषय में एमए, बीएड तथा उर्दू की शिक्षा प्राप्त की। अपने वर्ष 1978 से लेखन शुरू किया और ग़ज़ल लेखन को जीवन का ध्येय बना लिया है। इतिहासविद् और लेखक हमसफर फ़िरोज अहमद जो स्वयं भी बेहतरीन गजल लिखते हैं और इनकी प्रेरणा बन कर क्रदम-क़दम पर इनका साथ दे कर निरंतर प्रेरित करते है।
यह एक ऐसी ग़जलकार हैं जिन्होंने हिंदी और उर्दू भाषाओं में लिखकर साहित्य की इस विधा में तेजी से अपनी पहचान बनाई है और आज नामचीन ग़ज़लकारों में इनका नाम लिया जाता है। आपकी ग़ज़लें और अन्य रचनाएं राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं सहित सोशल मीडिया के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों से नियमित प्रकाशित होती हैं। साझा संकलनों में भी नियमित प्रकाशन के लिए अपनी रचनाएं भेजती हैं। कोटा आकाशवाणी से भी वार्ताओं का प्रसारण हुआ है।
ग़ज़ल के साथ-साथ आप गीत और मुक्तक लिखने में प्रवीण हैं। प्रेम, विरह, श्रृंगार रस और वर्तमान परिदृश्य गजलों के प्रमुख विषय हैं। श्रृंगार रस की ग़ज़लों में नारी चित्रण और सौंदर्य बोध मुख्य रूप से मुखर है जो प्रेम भावनाओं को परिलक्षित करता है। वर्तमान परिवेश की ग़ज़लें राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समस्याओं और कुरीतियों पर प्रहार करते हुए जीवन का सही मार्गदर्शन करती हैं। कुछ गीत बाल मन के लिए भी लिखें हैं। हर रंग में रंगी इनकी ग़ज़लों में त्योहारों का वर्णन भी बड़ी खूबसूरती से देखने को मिलता है वहीं समाज और देश दुनिया पर भी निगाह रखते हुए सामाजिक विद्रूपताओं पर अपने शब्दों से प्रहार भी साफ दिखाई देता है और राष्ट्र प्रेम भी रचनाओं में साफ दिखाई देता है। समाज में अमीर और गरीब के असंतुलन पर भी अपनी कलम चला कर व्यंग्य किया है ।
इनकी ग़ज़लों में देश प्रेम और सौहार्द की भावनाएँ भी शिद्दत से रेखांकित हैं। आपकी लिखी गई करीब 350 ग़ज़लें और रचनाएं जहां भावनाओं को उद्वेलित करती हैं, कोई न कोई संदेश देती हैं वहीं मनोरंजन कर दिल को सुकून भी देती हैं।
इनका ग़ज़ल संग्रह ‘शम अ- ए- फ़रोज़ाँ’ गुफ्तगू प्रकाशन प्रयागराज (इलाहाबाद) से वर्ष 2023 में प्रकाशित हुआ है। इसमें लिखी 111 ग़ज़लें इन्हीं विषयों पर आधारित हैं। सदी के मशहूर ग़ज़लकार” नामक पुस्तक में भी 2021 में इनकी ग़ज़लें प्रकाशित हुई हैं।
आपको गुफ़्तगू द्वारा “अकबर इलाहाबादी” सम्मान और “फ़िराक़ गोरखपुरी” सम्मान से सम्मानित किया गया है। वर्तमान अंकुर नोएडा से महिला दिवस पर “वर्तमान अंकुर काव्य श्रेष्ठ महिला” सम्मान, प्रिन्स वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा “प्रिंसेज़ शायरा 2023” से सम्मानित, “श्री कर्मयोगी साहित्य गौरव सम्मान” तथा अनेक पत्र-पत्रिकाओं तथा ऑन लाइन मंचों में ग़ज़लें प्रकाशित होने पर अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
संपर्क : 88 अमन कॉलोनी विज्ञान नगर कोटा, राज. मो :9829746185
डॉ. प्रभात कुमार सिंघल

लेखक एवं पत्रकार, कोटा

