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एसपी तेजस्विनी गौतम की कोटा को नशामुक्त बनाने की पहल..

नशे की लत से न केवल नशा करने वाला स्वयं अपना जीवन बर्बाद करता है वरन उसके परिवार को भी इसका दंश झेलना पड़ता है। अनेक परवारों में नशे में धुत व्यक्ति घर आ कर अपनी पत्नी और बच्चों से गली गलोच और मारपीट करता है। खुद तो कुछ कमाता नहीं और पत्नी की कमाई छीन कर परिवार को भूखे रहने पर मजबूर कर देता है। ये तो गरीब और मजदूर परिवारों में आम है। इधर आज युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ चुकी हैं। यही नहीं लड़कियां भी पीछे नहीं हैं। छोटे – छोटे बच्चें तक नशा कर रहे हैं। सिगरेट और शराब को फैशन मान लिया है। पहले चरस बड़ा नशा माना जाता था अब कई और खतरनाक नशे प्रचलन में है।

हाल में में कोटा शहर की एसपी तेजस्विनी गौतम ने एक प्रेसवार्ता में अपना मंतव्य स्पष्ट किया कि वे कोटा को नशा मुक्त बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उनका यह विचार स्वागत योग्य है। मैं कुन्हाड़ी में लैंड मार्क सीटी की तरफ निवास करता हूं, मैने सुना भी और देखा भी जब से ये कोटा आई हैं इस क्षेत्र में दुकानदारों का सिगरेट बेचना भारी हो गया है। अच्छा खास खौफ है कब पुलिस आ जाए। बड़ी कार्रवाई भी यहां हुई, नशे की सामग्री जब्त की गई, विक्रेताओं को पुलिस पकड़ कर भी ले गई। शराब माफियाओं के विरुद्ध भी कार्यवाही की गई है।

कोटा में बहुत लंबे समय बाद कोई पुलिस की ऐसी अधिकारी आई है जो मन से अपराधों पर अंकुश लगाने और कोटा शहर को नशा मुक्त बनाना चाहती है। कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने कोटा शहर को नशा मुक्त बनाने के लिए ऑपरेशन गरुङव्यूह नाम से पूरे शहर में एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने कोटा को नशा मुक्त करने के अभियान को यह कहकर शुरू किया है कि कोटा शहर पुलिस की इस लड़ाई में कोटा की जनता भी कोटा पुलिस के साथ आए ताकि जल्द कोटा शहर को नशा मुक्त बनाया जाए।

सिटी एसपी ने कोटा के नागरिकों से अपील की है कि कोटा शहर के किसी भी कोने में अवैध नशे की बिक्री हो रही है तो वह मोबाईल नंबर 9530443144 पर जानकारी दे, जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोई चाहता है कि ऐसे मामले पर पुलिस की स्पेशल टीम कार्यवाही करें तो यह भी दर्ज किया जाए।

ऐसा नहीं है कि इनके द्वारा की गई पहल कोई पहला प्रयास है। डॉ. आर. सी . साहनी ने अकेले अपने दम पर स्कूलों में जा – जा कर युवा संगोष्ठी और प्रदर्शनियों के माध्यम से लंबे समय तक प्रयास किया। कई समाजसेवियों और मीडिया ने पूर्ण समर्थन दिया। मनोरोग चिकित्सक डॉ. एम. एल. अग्रवाल ने भी नशा मुक्ति के लिए दीर्घकाल तक प्रयास किए। कोटा में संभागीय आयुक्त आए तपेंद्र कुमार, उन्होंने तो नशे के खिलाफ एक जंग छेड़ दी। समाजसेवी, धर्मगुरुओं, राजनीतिज्ञों, गैर सरकारी संगठनों, मीडिया आदि समस्त वर्गों को जोड़ कर पूरे शहर में व्यापक जागरूकता रैली निकाल कर न केवल शहर में, पूरे हाड़ौती में वातावरण बनाया जिसकी गूंज प्रदेश भर में पहुंची। लंबे समय तक जागरूकता गोविधियां और नशा मुक्ति शिविरों का आयोजन किया। हजारों लोगों ने नशा मुक्ति का संकल्प भी लिया। इस अभियान को स्मैक के विरुद्ध केंद्र में रख कर चलाया गया। पुलिस ने भी अभियान में प्रभावी कार्यवाही करते हुए बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ जब्त किए और विक्रेताओं के विरुद्ध भी कार्रवाई की। उनके जाने के बाद कुछ लोगों और संस्थाओं ने अपने स्तर पर कुछ प्रयास किए।

किसी भी सामाजिक बुराई – प्रथा को समाप्त करने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी होती है। दीर्घकाल तक जागरूकता प्रयास करने होते हैं। छुआछूत, पर्दा प्रथा, बाल विवाह कुछ ऐसी सामाजिक कुरितियां हैं, जो आजादी के बाद से किए जा रहे जागरूकता प्रयास के बावजूद इनके बीज विद्यमान हैं।

नशा मानव वृति भी चिरकाल से चली आ रही है। अनेक फिल्मों नशा सामग्री बनाने और बेचने वालों के संगठित लोगों पर बनी है, जिनका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था। सवाल यह है हम जागरूकता अभियान तो खूब चलाते हैं पर असली जड़ मादक पदार्थ बनने से रोक नहीं लगाते। करोना बीमारी के लोक डाउन में छूट मिलते ही कोटा में ही पहले दिन ही करोड़ों रुपए की शराब की बिक्री का तथ्य समाचार पत्रों की सुर्खी बना। सरकार को नशे से बड़े पैमाने पर राजस्व प्राप्त होता है।

खैर नशे से कई कड़ियां जुड़ी हैं। इसके कारण हम नशा छोड़ने के लिए जागरूक करने के अपने दायित्व से मुंह नहीं मोड़ सकते हैं। इस तमाम परिवेश और संदर्भों के बीच कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम की हिम्मत, इच्छा शक्ति से शुरू किए गए प्रयासों का स्वागत करते हुए समाज के सभी लोगों और संगठनों को स्वयं आगे आकर उनके साथ कंधे से कंधा मिला कर नशे के विरुद्ध इस अभियान में सहयोग करना चाहिए। उन्हें भी विभिन्न संगठनों के साथ बैठक ले कर उनकी सहभागिता के लिए प्रयास करने होंगे। केवल अपील करना ही पर्याप्त नहीं है।

मैं मीडिया से जुड़ा होने से उनसे शीघ्र संपर्क करूंगा और उन्हें वांछित सहयोग प्रदान करूंगा। आप भी संकल्प और सेवा भावना के साथ आगे आएं………

डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
लेखक और पत्रकार, कोटा

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