कोटा। बसंत विहार स्थित अकलंक कॉलेज ऑफ एजुकेशन में आयोजित मुक्ताकाश सत्र ‘उमंग 2025’ में कविता पाठ, आशु भाषण एवं वाद–विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी साहित्यिक, वक्तृत्व एवं तार्किक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अकलंक विद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री पियूष जैन, प्राचार्या डॉ. पिंकी श्रीवास्तव, उप-प्राचार्या श्रीमती नम्रता जैन, सांस्कृतिक कार्यक्रम समन्वयक डॉ. किरण गुप्ता एवं डॉ. मिशा शर्मा, कार्यक्रम प्रभारी डॉ इंदु बाला शर्मा,श्री के. के. गोस्वामी एवं श्री हर्ष जैन तथा अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्यों द्वारा माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
देशभक्ति पर आयोजित कविता प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शहीदों के बलिदान, राष्ट्र की एकता एवं संविधानिक मूल्यों को काव्यात्मक अभिव्यक्ति दी। प्रतियोगिता में विशाल पॉटर ने प्रथम स्थान, अक्षिता गौतम ने द्वितीय स्थान एवं चिरायुशी सैनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कविता पाठ प्रतियोगिता का संयोजन श्री के. के. गोस्वामी एवं श्री हर्ष जैन द्वारा किया गया।
डॉ. इंदु बाला शर्मा के संयोजन में आयोजित वाद–विवाद प्रतियोगिता का विषय “ए.आई. (कृत्रिम बुद्धिमत्ता): वरदान या अभिशाप” में विद्यार्थियों ने तकनीकी विकास के सकारात्मक–नकारात्मक पहलुओं एवं नैतिक प्रश्नों पर अपने तर्क प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विभूति सिंह हाड़ा (बी.एससी. बी.एड.) ने प्रथम स्थान, प्रिंस जैन (बी.ए. बी.एड. प्रथम वर्ष) ने द्वितीय स्थान तथा वैष्णवी सिंह (बी.एड. प्रथम वर्ष) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
आशु भाषण प्रतियोगिता का संयोजन श्रीमती कुसुम शर्मा द्वारा किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास, विषय-ज्ञान एवं प्रभावी अभिव्यक्ति का परिचय दिया। प्रतियोगिता में कांची (बी.एड. प्रथम सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान, विभूति सिंह हाड़ा (बी.एससी. बी.एड. तृतीय सेमेस्टर) ने द्वितीय स्थान तथा वैष्णवी सिंह (बी.एड. तृतीय सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल के रूप में श्रीमती शुचि सेठी एवं श्रीमती लविशा सावलिया उपस्थित रहीं, जिन्होंने प्रस्तुतियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का सशक्त मंच संचालन अहिंसा गोस्वामी एवं रक्षित प्रजापति द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या डॉ. पिंकी श्रीवास्तव एवं उप-प्राचार्या श्रीमती नम्रता जैन द्वारा निर्णायक मंडल को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं। समापन अवसर पर संयोजक डॉ. इंदु बाला शर्मा ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

