Homeखबरेंमांस पर सबसिडी मगर कपास पर टैक्स

मांस पर सबसिडी मगर कपास पर टैक्स

मध्य प्रदेश के  खंडवा में  नरेंद्र मोदी चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि काँग्रेस एक तरफ तो वह गरीब हितैषी होने की बात कहती है दूसरी ओर महंगाई के लिए गरीब को ही जिम्मेदार ठहराती है। गरीब को रोटी चाहिए लेकिन केन्द्र सरकार खाने के लिए गेहूं देने के बजाय शराब के लिए गेहूं देती है। खेती को बढ़ावा देने के बजाय मीट को प्राथमिकता देती है।

कपास पर टैक्स और मटन पर सब्सिडी
मोदी ने केन्द्र सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहाकि सरकार कपास के निर्यात पर टैक्स लगाती है। जबकि मटन के निर्यात को बढ़ावा देती है। पशुधन को बढ़ाने के बजाय उन्हें काटने को प्रोत्साहित करती है। केन्द्र सरकार देश में पिंक रिवॉल्यूशन लाना चाहती है, जिससे गाय, भैंस जैसे जानवरों को काटा जाए। वे कपास पर टैक्स लगाकर किसानों की जेब पर हमला बोलती है वहीं मटन एक्सपोर्ट पर सब्सिडी देती है। गेहूं को गरीबों को बांटने के बजाय शराब कंपनियों को सस्ती दर पर बेचती है। गरीब भूखा मरता रहे लेकिन शराब उत्पादन पर कोई फर्क नहीं पड़े।

 

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