उज्जैनर। संभागायुक्त श्री आशीष सिंह की अध्यक्षता में विक्रमोत्सव 2026 की पूर्व तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, स्वराज संस्थान संचालनालय, संस्कृति विभाग एवं उज्जैन जिला प्रशासन के सहयोग से विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन किए जाने पर चर्चा की गईं।
बैठक में संभागायुक्त श्री सिंह द्वारा निर्देश दिए गए कि विक्रमोत्सव 2026 के पूर्व घाटों की साफ-सफाई, घाट स्थित मंदिरों की रंगाई-पुताई और साज-सज्जा सुनिश्चित की जाए।
संभागायुक्त श्री सिंह ने विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित हथकरघा एवं टेक्सटाइल प्रदर्शनी के समन्वय के लिए जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांस कूमट को निर्देशित किया।
बैठक में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्री श्रीराम तिवारी ने जानकारी दी कि विक्रमोत्सव 2026 की शुरुआत 15 फरवरी 2026 से होगी। विक्रमोत्सव 2026 अंतर्गत 15 फरवरी 2026 से विक्रम व्यापार मेला भी आयोजित किया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रमानुसार 15 फरवरी 2026 को अनादिदेव शिव की कलाओं का शिवार्चन (प्रदेश के सभी शिवरात्रि मेलों का समारंभ) किया जाएगा। प्रात: 11 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके पश्चात विक्रमोत्सव 2026 का शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें शंकर महादेवन, एहसान, लॉय, विशाल मिश्रा, सोनू निगम, प्रीतम के द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।
साथ ही बहुलोकप्रिय कलाकारों द्वारा “शिवोहम” की प्रस्तुति दी जाएगी। इस दौरान विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक (रेपलिका का निर्माण) पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
15 फरवरी को ही इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में विक्रम व्यापार मेले का शुभारंभ किया जाएगा। मेले में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज, विभिन्न माध्यमों के पारंपरिक शिल्पों का मेला, हथकरघा एवं टेक्सटाइल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
22 फरवरी से 2 मार्च तक विक्रम नाट्य समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
27 फरवरी से 18 मार्च तक उज्जैन हाट बाजार में स्थानीय सांस्कृतिक मंडलियों की प्रतिदिन प्रस्तुति दी जाएगी। इस दौरान शिल्प कार्यशाला और मालवी कलम कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा।
28 फरवरी से 1 मार्च तक विक्रमादित्य के न्याय का वैचारिक समागम आयोजित किया जाएगा। 7 मार्च को स्थानीय बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित रचनाओं का समावेश भी होगा।
13 मार्च से 17 मार्च तक पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव आयोजित किया जाएगा। 17 और 18 मार्च को महाकाल पृथ्वी का समय – शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
19 मार्च को सृष्टि आरंभ दिवस (नववर्ष प्रतिपदा) के अवसर पर उज्जैन का गौरव दिवस मनाया जाएगा। इस दिन प्रात: काल रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर सूर्योपासना की जाएगी।
प्रदेश के सभी जिलों में विक्रमोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 19 मार्च को शाम 7 बजे, मुख्य कार्यक्रम शिप्रा नदी के तट पर आयोजित किया जाएगा। समारोह में सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण दिए जाएंगे। साथ ही विक्रम पंचांग 2082-83 और आर्ष भारत के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण किया जाएगा।
कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध कलाकार मोहित चौहान, सुनिधि चौहान और शंकर महादेवन के द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी। रामघाट पर भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी।
19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ होगा, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सभी जिलों में पर्यावरण, जलीय संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन पर केंद्रित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 30 जून तक पूरे प्रदेश में चलेगा।
23 और 24 मई को भोपाल में 2 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर शिप्रा नदी के तट पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी।
30 जून को विक्रमोत्सव और जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांस कूमट, अपर कलेक्टर श्री अत्येंद्र सिंह गुर्जर, एसडीएम श्री पवन बारिया, श्री संजय अग्रवाल, श्री राजेश कुशवाह, श्री नरेश शर्मा, श्री रवि सोलंकी, श्री रमण सोलंकी एवं अन्य विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

