Homeप्रेस विज्ञप्तिज़ी ने खर्चों पर नियंत्रण रखकर आमदनी बढ़ाई

ज़ी ने खर्चों पर नियंत्रण रखकर आमदनी बढ़ाई

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही की शुरुआत चुनौतियों के साथ की है। जून तिमाही में विज्ञापनों में कमी, FMCG में गिरावट और लंबा स्पोर्ट्स कैलेंडर राजस्व पर भारी पड़ा, जिससे कंपनी की कुल आय साल-दर-साल आधार पर 14% घटकर ₹1,849.8 करोड़ रह गई। हालांकि, कंपनी ने खर्चों पर सख्त नियंत्रण रखा, जिसके चलते ZEEL का शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर ₹143 करोड़ पहुंच गया।

ZEEL के डिप्टी सीईओ व सीएफओ मुकुंद गलगली ने  कहा, “Q1 FY26 में लंबा खेल कैलेंडर और एफएमसीजी कंपनियों द्वारा खर्च में कमी के चलते लीनियर विज्ञापन खर्च में सुस्ती बनी रही।”

राजस्व घटा, लेकिन मुनाफे में तेजी

कंपनी के विज्ञापन राजस्व में 16.7% की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹911 करोड़ से घटकर ₹758.5 करोड़ पर आ गया। सब्सक्रिप्शन से होने वाली आय में भी हल्की गिरावट रही, जोकि ₹987 करोड़ से घटकर ₹981.7 करोड़ (0.5% की कमी) तक पहुंंच गया। वहीं अन्य सेवाओं और बिक्री से होने वाला राजस्व 63.5% गिरकर ₹232 करोड़ से ₹84.6 करोड़ हो गया।

बावजूद इसके, सीईओ पुनीत गोयनका ने पूरे साल के लिए 8% विज्ञापन राजस्व वृद्धि के अनुमान को दोहराया। उन्होंने कहा, “मानसून और अन्य कारणों से खपत सकारात्मक दिख रही है, इसलिए हम विज्ञापन राजस्व की वापसी को लेकर सतर्क आशावाद बनाए हुए हैं। हालांकि, अभी इस पर स्पष्ट दृष्टिकोण देना जल्दबाजी होगी।”

इंडस्ट्री में एकीकरण पर ZEEL का नजरिया

मार्केट में जारी एकीकरण (जैसे जियो-हॉटस्टार विलय) पर पुनीत गोयनका ने कहा, “यह इंडस्ट्री के लिए लाभदायक है, नुकसानदायक नहीं। जब चार की बजाय दो या ढाई खिलाड़ी होते हैं, तो विज्ञापनदाताओं और DPOs के साथ बातचीत की ताकत बढ़ जाती है। मीडिया बिजनेस में सब कुछ लेग इफेक्ट के साथ होता है, और हम फिलहाल उसी दौर में हैं।”

दूसरी छमाही को लेकर आशा

ZEEL का मानना है कि साल की दूसरी छमाही में कई आंतरिक और बाहरी कारक विकास में सहायक होंगे। कंपनी के चीफ रिलेशंस एंड स्ट्रैटेजी विकस सोमानी ने कहा, “हमारी रेटिंग पहले ही 18% पार कर चुकी है और मौजूदा कंटेंट स्लेट शानदार प्रदर्शन कर रही है। दूसरी छमाही में फिक्शन और नॉन-फिक्शन दोनों में नया कंटेंट आएगा, जिससे हमें उम्मीद है कि रेटिंग को और बल मिलेगा।”

Zee5 पर मजबूत पकड़, क्षेत्रीय रणनीति ने दिखाया असर

ZEEL की ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 ने Q1 में साल-दर-साल आधार पर 30% की राजस्व वृद्धि दर्ज की। कंपनी ने इस सफलता का श्रेय सिंडिकेशन रेवेन्यू और क्षेत्रीय भाषाओं में नए सब्सक्रिप्शन पैक को दिया। गोयनका ने कहा, “हमारा ग्राहक आधार स्थिर हो गया था क्योंकि लोग पूरे कंटेंट के लिए भुगतान नहीं करना चाहते थे। इसलिए हमने भाषा केंद्रित रणनीति अपनाई और इसका असर दिखने लगा है।”

गलगली ने बताया कि माइक्रो-सीरीज से लेकर मेगा-सीरीज तक, नए फॉर्मैट्स और कंटेंट एक्सचेंज रणनीति से Zee5 का प्रसार और मजबूत होगा। वहीं सोमानी ने कहा, “हम कंटेंट की गुणवत्ता से समझौता नहीं कर रहे, लेकिन हर भाषा में गहराई और विविधता के साथ ऑफर दे पा रहे हैं। इससे भविष्य में कॉस्ट लेवरेज मिलेगा।”

कंपनी का FY26 के अंत तक Zee5 के ब्रेक-ईवन का लक्ष्य अब भी बरकरार है।

लागत नियंत्रण से मजबूत स्थिति

ZEEL ने अपनी कुल लागत में 14.9% की कटौती कर ₹1,652 करोड़ कर दी, जो पिछले साल ₹1,941 करोड़ थी। ऑपरेशनल लागत 17.5% घटकर ₹971 करोड़ रही। विज्ञापन और प्रचार खर्च 5% घटकर ₹275 करोड़, डिप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन खर्च 22% गिरकर ₹59 करोड़ और कर्मचारियों से जुड़ा खर्च मामूली 2.2% की कमी के साथ ₹220 करोड़ रहा।

टीवी विज्ञापन से आगे, सॉल्यूशन-बेस्ड विज्ञापन पर फोकस

ZEEL अब पारंपरिक टीवी विज्ञापन से आगे बढ़ते हुए डिजिटल कंटेंट, मिनी-सीरीज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के जरिए सॉल्यूशन आधारित विज्ञापन मॉडल की ओर बढ़ रही है। चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सहगल ने शेयरहोल्डर्स के लिए हुए AMA वेबिनार में कहा, “हम अब टीवी इन्वेंटरी नहीं बेचते, हम विज्ञापनदाताओं को समाधान बेचते हैं।”

उन्होंने बताया कि कैसे Zee मिनी-सीरीज और ‘दिलफ्लुएंसर’ लोकप्रिय टीवी किरदारों को सोशल मीडिया ब्रैंड इन्फ्लुएंसर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, ताकि छोटे और बड़े दोनों विज्ञापनदाताओं के लिए 360-डिग्री कैंपेन तैयार किए जा सकें।

खेलों में वापसी की तैयारी

ZEEL 2017 में स्पोर्ट्स से बाहर निकलने के बाद अब दोबारा वापसी की तैयारी में है, लेकिन इस बार प्राथमिकता बड़े टूर्नामेंट्स की बजाय क्षेत्रीय और किफायती फॉर्मैट्स पर होगी। गलगली ने कहा, “हम खेलों के अधिकारों का चयन बहुत सोच-समझकर करेंगे। हमारा लक्ष्य कम जोखिम और अधिक प्रभाव के साथ खास दर्शक वर्गों तक पहुंच बनाना है।”

कुल मिलाकर, ZEEL की रणनीति अब मुनाफे पर केंद्रित, तकनीक-संचालित और दर्शकों को टारगेट करने वाले दृष्टिकोण पर आधारित है। कंपनी को भरोसा है कि Q3 से इसके कंटेंट और मोनेटाइजेशन प्रयासों का असर स्पष्ट रूप से दिखने लगेगा।

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