नई दिल्ली। अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना समिति ,नई दिल्ली का “दो दिवसीय” राष्ट्रीय कार्यकारिणी का बैठक सह संगठनात्मक विचार- विमर्श 6 एवं 7 मार्च, 2026 को ‘ साधना भवन’ के ‘ केंद्रीय सभागार’ में संपन्न हुआ।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बैठक के उद्घाटन सत्र को अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन, उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग,प्रयागराज आचार्य ( डॉ.) ईश्वर शरण विश्वकर्मा जी,राष्ट्रीय संरक्षक प्रमुख एवं गोपाल नारायण विश्वविद्यालय, जमुहार के कुलाधिपति श्रीमान गोपाल नारायण सिंह जी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आचार्य (डॉ.) देवी प्रसाद सिंह एवं योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडे के गरिमामई उपस्थिति में ‘ दो दिवसीय’ बैठक के निमित्त 6 सत्रों का आयोजन योजित हुआ, जिसमें संगठनात्मक विषयों पर व्यापक स्तर पर विचार- विमर्श एवं भविष्य के कार्ययोजना (रोडमैप)पर सार्थक एवं मूल्यवान तार्किक चिंतन हुआ।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बिहार प्रांत के संरक्षक,नव नालंदा विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति एवं सांची बौद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ( डॉ.) वैद्यनाथ लाभ को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई एवं उनके अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना में दिए गए “बौद्धिक उपादेयता” को स्मरण किया गया।
प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडे जी ने देश भर से आए कार्यकर्ताओं को आभार दिए एवं कहे की हर कार्यकर्ता को अपने दायित्वों का निर्वहन ” राष्ट्रीय भावना” के अनुरूप करते हुए समाज के सभी वर्गों तक इतिहास के उपादेयता, सत्य एवं साक्ष्य आधारित शोध एवं राष्ट्रवादी प्रत्यय को पहुंचाने का सफल प्रयास करना चाहिए।
बैठक के अन्य सत्रों में योजना के विभिन्न आयामों के प्रमुखों द्वारा अपने आयाम का “समृद्धि प्रतिवेदन” प्रस्तुत किए गए एवं आगामी योजनाओं का कार्ययोजना ( रोड मैप) को रखा गया।
मंच संचालन अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय महासचिव श्री हेमंत ढिंग मजूमदार जी ने किया

