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वीर माताओं के सम्मान में झुके सिर

मुंबई। देश की रक्षा करते हुए अपनी शहादत देनेवाले वीर जवानों की माताओं का जब मुंबई बीजेपी अध्यक्ष एडवोकेट आशीष शेलार चरण पखार रहे थे और बड़ी संख्या में जुटे लोग जब बारी बारी से इन वीर माताओं के चरणों पर गुलाब की पंखुड़ियां चढ़ाकर शीश नवा रहे थे तब राष्ट्र प्रेम की गंगा में डुबकी लगा रहे लोगों की देश के सैनिकों के त्याग, बलिदान व पुरुषार्थ के प्रति श्रद्धा देखते ही बन रही थी। लोगों का राष्ट्र प्रेम उस समय ऊंचाई पर पहुंच गया जब शहीदों के परिवारों की खैरख्वाह रखनेवाले हीरालाल यादव करगिल के शहीदों के लिए लिखी अपनी कविता सुना रहे थे तब मंच के अतिथियों समेत पूरा सदन शहीदों की माताओं को सामूहिक सलामी देने के लिए खड़ा हो गया।

अवसर था जनसंघ – भाजपा के संस्थापक डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आयोजित एक अनोखे समारोह का। मुंबई बीजेपी के महामंत्री अमरजीत मिश्र की कल्पना से हुए इस यादगार समारोह ने राष्ट्रप्रेमियों की आँखें नम कर दी और अपने जवान बेटे को देश की खातिर खो चुकी माताओं का भी मन लोगों की यह कृतज्ञता देखकर भर आया ।वीर माताओं का यह कहना भी लोगों को रुला गया कि एक नहीं यदि मेरी और संतानें होती तो हम भारतमाता पर कुर्बान कर देते। सामाजिक संस्था दीप कमल फाउंडेशन द्वारा शुक्रवार को हुए इस समारोह के इन दृश्यों को अपनी स्मृतियों में संजोने के लिए पूरा सभागार खचाखच भरा हुआ था।

महाराष्ट्र के वित्त एवं वन मंत्री एवं जीएसटी काउंसिल के सदस्य सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि एक निशान एक विधान से एक कर एक कानून जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को सच करने जैसा है।ज्ञातव्य हो कि आज़ादी के समय तत्कालीन सरकार की विलय संबंधी गड़बड़ियों के कारण कश्मीर में परमिट की व्यवस्था थी, जिसके श्री मुखर्जी विरोधी थे और अपने प्राणों की परवाह किए बिना जीवन दांव पर लगाकर उन्होने कश्मीर में बिना परमिट के प्रवेश का संकल्प लिया। सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि कश्मीर में हमारा हजारों वर्षों का इतिहास रहा है। वहां के राजा हरि सिंह थे, शंकराचार्य का मंदिर कश्मीर में है। कश्मीर को भारत से दुनिया की कोई ताकत अलग नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के खून का एक -एक कतरा युवाओं को देश के लिए मर – मिटने का प्रेरणा देता है। कश्मीर की रक्षा में देश के लाखों युवाओं ने अपनी कुर्बानी दी है जिस पर देश के हर नागरिक को नाज है। मुनगंटीवार ने कहा कि भारत त्याग ,सेवा व संतों की भूमि है , इस देश के लोगों ने त्याग और सेवा को प्राथमिकता दिया है। देश के लिए जीने वाला हमेशा आदर्श बना रहता है।

उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को जन जन तक पहुंचाने का दीप कमल फाउंडेशन का प्रयास प्रशंसनीय है। कश्मीर की समस्या का जो आंकलन उन्होने उस समय किया वह समस्या आज तक चली आ रही है और हमारे लाखों नौजवान प्रतिदिन इस समस्या से जूझ रहें हैं और इस समय देश को ऐसे नौजवानों और उनके परिवार के साथ खड़े होने का संकल्प लिया मुंबई के दीप कमल फ़ाउंडेशन ने। देश के मस्तक कश्मीर में लड़ते हुए मुंबई के ही दो देश भक्त नौजवान श्री कैप्टन विनायक गोरे एवं मेजर यशेन आचार्य को शहादत प्राप्त हुई थी, जो अपने माँ बाप के इकलौते पुत्र थे। ऐसे समय में जब देश को युवा सैन्य अधिकारियों की जरूरत है और देश के युवा एवं अभिभावक अपने संततियों को सेना की जगह कैरियर के अन्य अवसरों को चुन रहे हैं वैसे समय मे दीप कमल फ़ाउंडेशन के संस्थापक अमरजीत मिश्र ने निर्णय लिया कि देश के लोगों को यह संदेश जाना चाहिए कि देश के लिए लड़ने वाले नौजवान सिर्फ अपने माँ बाप के लाल नहीं होते वो देश के लाल होते हैं उसी तरह से उनका परिवार उनके माता पिता सिर्फ उनके नहीं देश के माता पिता और परिवार होते हैं। भले ही वो आज देश के लिए लड़ते हुए अनंत यात्रा पे चले गए हों यह देश उन्हे हमेशा याद रखेगा, स्मृतियों में और कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को झकझोरता रहेगा ताकि स्मृतियाँ बनी रहे और समाज अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता रहे।

उनके माता पिता देश के लिए पूज्य हैं और देव तुल्य हैं क्योंकि कोई देव ही अपने पुत्र को बलिदान होने की शर्त पर सेना मे भेज सकता है, ऐसी महान वीरमाता को समाज की भावना को व्यक्त करने के लिए मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष श्री आशीष शेलार ने चरण धोकर और चरण पर पुष्प चढ़ाकर पूजन वंदन किया। आशीष शेलार ने दीप कमल फाउंडेशन की वीरमाता सम्मान व दिनेश गुणे जैसे पत्रकार का सम्मान किये जाने की परम्परा की प्रशंसा की।

इस मौके पर वीर माता श्रीमती अनुराधा गोरे , श्रीमती ग्रेस आचार्या का महाराष्ट्र के वित्त मंत्री द्वारा सम्मान किया गया। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी संस्था द्वारा वरिष्ठ पत्रकार एवं लोक सत्ता के वरिष्ठ सहायक संपादक श्री दिनेश गुणे एवं सैनिक परिवार और विभिन्न मुद्दे पे लगातार कार्य करने वाले समाजसेवी एवं अंतर्राष्ट्रीय साइकल यात्री हीरालाल यादव का सम्मान किया गया। अनुराधा गोरे ने सैनिकों की व्यथा सुनाते हुए कहा कि आज जब किसान से लेकर व्यापारी तक सरकार से कर्ज मुक्ति की गुहार लगा रहे हैं ऐसे में सिर्फ सैनिक ही ऐसे हैं जो सरकार से किसी भी तरह के अनुदान की अपेक्षा नहीं रखता। दीप कमल फाउंडेशन के अध्यक्ष अमरजीत मिश्र ने डॉ मुखर्जी के बलिदान दिवस पर शहीदों के परिवारों और कलम के पुजारियों का सम्मान करने की परंपरा पर प्रकाश डाला।

समारोह में विशेष रूप से अटल जी के साथी एवं निजी सहायक शिवकुमार जी भी उपस्थित थे और उन्होने अटल जी की एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संबन्धों का उल्लेख किया ।हीरालाल यादव ने सैनिकों के दर्द का उल्लेख करती कविता पढ़ी।कार्यक्रम में विशेष रूप से श्री सुनील कर्जतकर मुंबई बीजेपी संगठन मंत्री , महामंत्री सुमंत घैसास,जिलाध्यक्ष सुहास अदिवरेकर उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत सीए पंकज जायसवाल, अदित्य दुबे, दीपक सिंह, आर इस दुबे, रामचन्द्र उपाध्याय ने किया।

कैप्शन
डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर
वीरमाता अनुराधा गोरे को सम्मानित करते हुए वित्त व वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, मुम्बई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार व बीजेपी महामंत्री व संयोजक अमरजीत मिश्र

पत्रकार दिनेश गुणे को डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्मृति सम्मान प्रदान करते हुए वित्त व वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, मुम्बई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार व बीजेपी महामंत्री व दीप कमल फाउंडेशन के संयोजक अमरजीत मिश्र

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