ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

श्रद्धांजलि
 

  • 11 दिसम्बर, जन्म-दिवस : कर्मठ कार्यकर्ता बालासाहब देवरस

    11 दिसम्बर, जन्म-दिवस : कर्मठ कार्यकर्ता बालासाहब देवरस

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यपद्धति के निर्माण एवं विकास में जिनकी प्रमुख भूमिका रही है, उन श्री मधुकर दत्तात्रेय देवरस का जन्म 11 दिसम्बर, 1915 को नागपुर में हुआ था। वे बालासाहब के नाम से अधिक परिचित हैं। वे ही आगे चलकर संघ के तृतीय सरसंघचालक बने।

  • भारत में श्वेत क्रांति के जनकः डॉ. वर्गीस कुरियन

    भारत में श्वेत क्रांति के जनकः डॉ. वर्गीस कुरियन

    भारत में श्वेत क्रांति के जनक और अमूल के संस्थापक वर्गीस कुरियन की 94वीं जयंती के मौके पर सर्च इंजन गूगल ने अपनी लाज़वाब पेशकश की फेहरिस्त में एक और कड़ी जोड़ते हुए अपने डूडल के जरिए उन्हें अर्थपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। गूगल ने कुरियन को दूध का डोलची लिए हुए दिखाया है जिसमें वह एक दुधारू पशु के पास बैठे हुए हैं।

  • हिन्दी के प्रसिध्द लेखक डॉ. महीप सिंह नहीं रहे

    हिन्दी के प्रसिध्द लेखक डॉ. महीप सिंह नहीं रहे

    मशहूर साहित्यकार डॉ. महीप सिंह का निधन हो गया है वो 85 साल के थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के एक गांव में साल 1930 में हुआ था। डॉ. महीप सिंह के पिता उनके जन्म के कुछ साल पहले ही पाकिस्तान से आकर यहां बस गए थे। उनके परिवार में पत्नी , दो बेटे और एक बेटी है।

  • दोपहिया वाहनों के ‘हीरो’ का जाना

    दोपहिया वाहनों के ‘हीरो’ का जाना

    दोपहिया वाहन उद्योग के सिरमौर कहे जाने वाले 92 वर्षीय बृजमोहन लाल मुंजाल का निधन रविवार शाम हो गया। मुंजाल ने दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन कंपनी हीरो मोटोकॉर्प की स्थापना की थी। मुंजाल के तीन बेटे हैं सुमन कांत, पवन कांत और सुनील कांत। मुंजाल के छोटे भाई ओ पी मुंजाल का निधन भी इस साल अगस्त में हो गया था।

  • भारतीय एकता के सूत्रधार-सरदार पटेल

    भारतीय एकता के सूत्रधार-सरदार पटेल

    देश के स्वतंत्रता आंदोलन के एक सुदृढ़ स्तंभ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अग्रणी नेता वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के रूप में कुशल प्रशासक तथा दक्ष रणनीतिकार की ख्याति अर्जित की। किन्तु उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि 565 देसी रियासतों का भारतीय संघ में विलय मानी जाती है।

  • हिन्दी के प्रसिध्द कवि वीरेन्द्र डंगवाल नहीं रहे

    हिन्दी के प्रसिध्द कवि वीरेन्द्र डंगवाल नहीं रहे

    हिन्दी के जाने माने कवि कवि वीरेंद्र डंगवाल का आज सोमवार28 सितंबर को तड़के निधन हो गया। वे पिछले सप्ताह से बरेली के आरएमएस अस्पताल में भर्ती थे जहां आज सुबह 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वीरेंद्र डंगवाल 68 वर्ष के थे।

  • बालशौरि रेड्डीः हिंदी-तेलुगु का एक सुदृढ़ सेतु हमें छोड़ गया

    बालशौरि रेड्डीः हिंदी-तेलुगु का एक सुदृढ़ सेतु हमें छोड़ गया

    यह अत्यंत दुखद समाचार है कि तेलुगु और हिंदी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, ‘चंदामामा’ के पूर्व संपादक और बालसाहित्यकार, उत्कट जीवट के धनी बालशौरि रेड्डी हमारे बीच नहीं रहे.

  • चंदामामा से कई पीढ़ियों को संस्कारित करने वाले बालशौरि रेड्डी का निधन

    चंदामामा से कई पीढ़ियों को संस्कारित करने वाले बालशौरि रेड्डी का निधन

    दक्षिण भारत के प्रतिष्ठित हिंदी साहित्यकार, तेलुगु भाषी बालशौरि रेड्डी का आज (दि.15 सितंबर, 2015) सुबह 8.30 बजे उनके निवास पर आकस्मक निधन हो गया ।

  • आतंकवादियों के आगे नहीं झुका भारत माता का बलिदानी पुत्र टीकालाल टपलू

    आतंकवादियों के आगे नहीं झुका भारत माता का बलिदानी पुत्र टीकालाल टपलू

    14 सितम्बर जम्मू काश्मीर के हाल के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दन ही वर्ष 1989 में काश्मीर घाटी के प्रमुख राष्ट्रवादी नेता व समाजसेवी श्री टीकालाल टपलू की आतंकवादियों ने निर्मम हत्या कर दी। यह राज्य में आतंकवाद के दौर की पहली दस्तक थी।

  • साईकिल के जरिये देश के लोगों के दिल में उतर गए थे मुंजाल

    साईकिल के जरिये देश के लोगों के दिल में उतर गए थे मुंजाल

    सच कहता हूं कि जो खुशी पहली बार अपने जन्मदिन पर उपहार में एक साइकिल मिलने से हुई थी वह ‘एसयूवी’ खरीदने से भी नहीं हुई। तब मौका मिलते ही पिताजी की साइकिल चलाते थे। वह गिरती। खराब होती। डांट पड़ती पर फिर से उसे चलाने का लोभ संवरण नहीं कर पाता। जब हम छोटे थे तो साइकिल ही आम आदमी की सवारी हुआ करती थी।

Back to Top