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सुरेश प्रभु की सक्रियता का गलत फायदा ले रहे हैं लोग, फर्जी ट्वीट पर भड़के प्रभु

ट्विटर पर होने वाली शिकायतों पर भारतीय रेलवे जिस तरह लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है, उसे लेकर रेलवे की खूब तारीफ हो रही है। नियमित अंतराल पर ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने ट्विटर पर होने वाली शिकायतों पर प्रतिक्रिया की। लेकिन, कई बार ऐसा भी होता है, जब लोग बिना किसी परेशानी के फर्जी ट्वीट करते हैं। ऐसे में जब रेलमंत्री ट्रेन तक मदद पहुंचाते हैं, तो पता चलता है कि शिकायत झूठी थी।

ऐसे ही एक मामले में विवेक सिंघानिया नामक एक शख्स ने सुरेश प्रभु को टैग करते हुए एक ट्वीट किया। विवेक ने ट्वीट में लिखा कि ट्रेन में एक मरीज सर्दी और कफ से परेशान है और उसे इलाज की जरूरत है। विवेक ने ट्वीट किया, ‘@suresprabhu @DRMBilaspur plz help train 12129 B1 58 brijesh suffering from high cough and cold no one is there for help. 08888808112’

(सुरेश प्रभु, बिलासपुर के डीआरएम, कृपया ट्रेन नंबर 12129 के बी1 कोच में 58 नंबर सीट पर बृजेश की मदद करें। वह ठंड और कफ से परेशान है और उसके पास मदद करने के लिए कोई नहीं है। 08888808112)

सिंघानिया को उनके ट्वीट पर तुरंत जवाब मिला और बिलासपुर के डीआरएम ने यात्री की मदद के लिए तुरंत ट्रेन में डॉक्टर और एक टीम को भेजा, लेकिन शिकायत गलत निकली। असल में यह फर्जी ट्वीट था। ट्रेन में किसी को भी परेशान न देखकर डॉक्टर और टीम काफी नाराज हुई।

इसके बाद बिलासपुर के डीआरएम ने ट्वीट किया, ‘@viveksinghaniap @sureshprabhu prompt action by railway. Doctor & team reached in train, Raigarh station found that it a prank tweet.’ (विवेक सिंघानिया, सुरेश प्रभु रेलवे ने शीघ्र कार्रवाई की। डॉक्टर और टीम ट्रेन में पहुंच गए। रायगढ़ स्टेशन पर पता चला कि यह एक फर्जी ट्वीट था।)

इसके बाद सुरेश प्रभु ने भी एक ट्वीट करते हुए विवेक की शिकायत को फर्जी बताया और विवेक से दोबारा ऐसा न करने के लिए कहा। सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया, ‘Please don’t play games, we strive hard to serve all. IT’S A REQUEST.’ (कृपया मजाक न करें। हम सेवा करने के लिए कठिन प्रयास कर रहे हैं। यह एक आग्रह है।)
साभार- नवभारत टाईम्स से

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