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पातालपानी एवं कालाकुंड स्टेशनों के बीच पश्चिम रेलवे द्वारा एक विशेष हेरिटेज ट्रेन की शुरुआत


पश्चिम रेलवे के लोअर परेल वर्कशॉप के 25 से अधिक कर्मचारियों ने

हेरिटेज स्पेशल ट्रेन के डिब्बों को किया तैयार

पश्चिम रेलवे द्वारा 25 दिसम्बर, 2018 को 11.05 बजे रतलाम मंडल में इंदौर के निकट पातालपानी एवं कालाकुंड स्टेशनों के बीच एक विशेष हेरिटेज ट्रेन की शुरुआत की गई। इस खंड को हाल ही में भारतीय रेल द्वारा एक हेरिटेज खंड के रूप में घोषित किया गया है। मनोहर दृश्यों एवं प्राकृतिक सौंदर्य से भरा यह खंड पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अंतर्गत आता है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री अश्वनी लोहानी ने सितम्बर, 2018 माह में अपने निरीक्षण के दौरान सम्बंधित रेल अधिकारियों को पातालपानी-कालाकुंड मीटर गेज सेक्शन को हेरिटेज सेक्शन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये थे तथा रतलाम मंडल ने शीघ्रतापूर्वक कार्य पूर्ण कर 25 दिसम्बर, 2018 को इस खंड पर सफलतापूर्वक एक विशेष हेरिटेज ट्रेन को सफलतापूर्वक चलाया। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री ए. के. गुप्ता ने 24 दिसम्बर, 2018 को इस प्रतिष्ठित हेरिटेज ट्रेन परियोजना का निरीक्षण किया एवं इसके सम्बंध में मंडल रेल प्रबंधक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श किये। उल्लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे के लोअर परेल कैरेज एवं वैगन वर्कशॉप के 25 से अधिक कर्मचारियों ने इस विशेष हेरिटेज ट्रेन के कोचों के सौंदर्यीकरण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इस कार्य में 40 लाख रु. की लागत आई तथा बीकानेर स्थित कैरेज एवं मरम्मत वर्कशॉप में इसका सौंदर्यीकरण किया गया।

यह ट्रेन डॉ. आम्बेडकर नगर स्टेशन से11.05 बजे प्रस्थान करेगी तथा 13.25 बजे कालाकुंड पहुँचेगी। इसी प्रकार वापसी यात्रा में यह ट्रेन 14.55 बजे कालाकुंड से प्रस्थान करेगी एवं15.40 बजे डॉ. आम्बेडकर नगर स्टेशन पहुँचेगी। इस हेरिटेज ट्रेन में एक आरक्षित एवं एक अनारक्षित सहित कुल 2 डिब्बे होंगे। डॉ. आम्बेडकर नगर से कालाकुंड तक की यात्रा के लिए आरक्षित कोच के प्रथम तीन पंक्तियों की 12 सीटों का किराया प्रति व्यक्ति 240 रु. होगा तथा कोच की शेष पंक्तियों का किराया प्रति व्यक्ति 200 रु. होगा। इसी यात्रा के लिए अनारक्षित डिब्बे का किराया प्रति यात्री 20 रु. होगा।

25 दिसम्बर, 2018 को पश्चिम रेलवे पर पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज सेक्शन की शुरुआत से कई सैलानियों के साथ-साथ रेल एवं हेरिटेज में रुचि रखने वाले लोग इस खंड के सुंदर प्राकृतिक नज़ारों से मिलते सौंदर्यीकृत एवं सुसज्जित स्टेशनों, कोचों/डीजल के साथ सेल्फी एवं फोटो खिंचाते दिखे। पश्चिम रेलवे द्वारा हेरिटेज ट्रेन के लिए 3 कोचों का सौंदर्यीकरण किया गया है। कलात्मक रूप से डिजाइन किये गये कोच सम्भवतः बाहरी प्राकृतिक सौंदर्य को निखारेंगे। यह मीटर गेज लाइन लगभग 140 वर्ष पूर्व निर्मित की गई थी। सम्पूर्ण विश्व के पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु रतलाम मंडल में पातालपानी एवं कालाकुंड स्टेशनों के बीच पश्चिम रेलवे के प्रथम हेरिटेज खंड पर लगभग 2 दर्जन पर्यटन स्थलों सहित इस खंड के स्टेशनों, रेस्ट हाउसों एवं अन्य सेवा भवनों को सुसज्जित/सौंदर्यीकृत किया जा रहा है।

पातालपानी-कालाकुंड सेक्शन का ऐतिहासिक परिदृश्य

इंदौर से खंडवा तक रेल सम्पर्क के प्रस्ताव की शुरुआत तुकोजी राव होलकर II द्वारा की गई थी। इस कार्य के लिए ब्रिटिश सरकार के साथ 6 वर्ष तक पत्राचार किया गया, जो अन्ततः 4.5 प्रतिशत ब्याज पर 1 करोड़ रु. का कर्ज उपलब्ध कराने पर लाइन बिछाने के लिए तैयार हो गये। यह कार्य 1870 में शुरू होकर 1878 में पूर्ण हुआ। महु-खंडवा मीटर गेज लाइन उत्तर-दक्षिण मीटर गेज लिंक के जयपुर-सिकंदराबाद के बीच का एक भाग था।

रतलाम-खंडवा गेज परिवर्तन:

वर्ष 2008 में क्रेन्द्रीय कैबिनेट द्वारा रतलाम-डॉ. आम्बेडकर नगर (पूर्व में महु)-खंडवा रेलवे लाइन को मीटर गेज से ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने की स्वीकृति प्रदान की। रतलाम-डॉ. आम्बेडकर नगर के बीच गेज परिवर्तन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सनावद-खंडवा का कार्य पूर्णता के निकट है। डॉ. आम्बेडकर नगर-सनावद का कार्य प्रगति पर है। पातालपानी-कालाकुंड ब्लॉक सेक्शन डॉ. आम्बेडकर नगर-सनावद सेक्शन का एक भाग है।

पातालपानी-कालाकुंड सेक्शन की विशेषताएँ:

● 9.5 किमी ट्रैक लम्बाई पर पातालपानी एवं कालाकुंड स्टेशनों के बीच लेवल अंतर 172 मीटर है। .

● इस सेक्शन में 4 सुरंगें (कुल लम्बाई लगभग 0.5 किमी) तथा 24 तीव्र मोड़ (अधिकतम वक्रता डिग्री 10.2 ) है।

● कुल घुमाव लम्बाई 6.5 किमी. है।

● औसत ढलाल 55 में 1 है। (खड़ी ढलान 5 किमी की निरंतर लम्बाई में 40 में 1 है।

● ट्रेनों को रोकने के लिए 4 अनिवार्य पारिचालनिक ठहराव हैं। ( ट्रेन का नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु)

● पुल का विवरण: कुल 41 पुल हैं। बड़े पुल- 6 एवं छोटे पुल – 35

हेरिटेज सेक्शन की प्रमुख विशेषताएँ

● प्राकृतिक सौंदर्य – जल-प्रपात, चोरल घाटी इत्यादि

● वनस्पति एवं जीव-जन्तु

● फिल्म शूटिंग एवं फोटोग्राफी लोकेशन

● ट्रैकिंग एवं कैम्पिंग

● जनजातियों की स्थानीय विरासत

● ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

● हैरतअंगेज इंजीनियरिंग (पुल, सुरंग इत्यादि)

प्रमुख पर्यटन जगह

● पातालपानी जल-प्रपात

● तांत्या भील मामा का मंदिर

● घाटी के दृश्यों हेतु पॉइन्ट

● रेल विरासत पुल एवं घाटी दृश्य पॉइन्ट

● कालाकुंड में हरे-भरे परिदृश्य सहित चेक डैम एवं चोरल नदी का दृश्य

● कालाकुंड में हनुमानजी का प्राचीन मंदिर

● कालाकुंड में पहाड़ी की चोटी पर ट्रैकिंग स्पॉट

पातालपानी रेलवे स्टेशन खंडवा मीटर गेज सेक्शन के डॉ. आम्बेडकर नगर में 1874 से 1878 के बीच निर्मित पहला रेलवे स्टेशन है। यह स्टेशन डॉ. आम्बेडकर नगर स्टेशन से लगभग 5 किमी की दूरी पर है। वर्ष 2008 में केन्द्रीय कैबिनेट ने इस मीटर गेज सेक्शन को ब्रॉड गेज सेक्शन में बदलने के प्रस्ताव की मंजूरी दी। इसके बाद रेल प्रशासन ने पातालपानी तथा कालाकुंड के बीच इस मीटर गेज सेक्शन को हेरिटेज रेल सेक्शन में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है तथा इस उत्कृष्ट कदम से पश्चिम रेलवे को एक और अनूठी उपलब्धि का श्रेय मिला है।



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