Homeकविताकिताब है पूरा जीवन

किताब है पूरा जीवन

दर्शन यह जीवन पूरा या
किताब है पूरा जीवन।
हर पल हर क्षण का हिसाब रखती।
किताब है पूरा जीवन।

बरसे जब जब नयनों से
कातर आंसूओं ने भिगोया इसे।
शब्द शब्द पगडंडी बनकर
समाया इसमें।
भावों के समंदर का वेग का
किताब है पूरा जीवन।

दर्द की चीखों ने दबा ली आवाज
उतार लिया अपने पन्नो पर
किताब है पूरा जीवन।

खोजते सत्य को पथ चले पथिक
दर्शन ज्ञान करा कर समाहित करती
किताब है पूरा जीवन।

विरहणी का विरह हो या रण में संग्राम
मानक तय करती वृतांत लिखती
किताब है पूरा जीवन।

इतिहास रच लेती सीने पर
शीलालेख सी अटल रहती
किताब है पूरा जीवन।

महकती कभी चहकती कभी
भौरौं सी मंडराती।
शब्दों के गुंजन का
कितना है पूरा जीवन।

झरौखा यादों का विस्मृत न होने देती
भूल भूल्लैया पन्नों पर गलियारें
किताब है पूरा जीवन।
दूर सूदूर अखिल विश्व की
सेतु बन भ्रमण कराती
किताब है पूरा जीवन।

पीढ़ी दर पीढ़ी मानव आते जाते रहते हैं।
अमिट अक्षरों को सहेज कर रखती
किताब है पूरा जीवन।

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