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कैलाश मानसरोवर यात्रा में 1580 लोग जाएंगे, चीन ने नाथुला दर्रा खोला

कैलाश मानसरोवर यात्रा मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि उन्होंने चीन के विदेश मंत्री से कहा है कि जब तक लोगों के आपस में रिश्ते नहीं सुधरेंगे तब तक सरकार को अपने मकसद में कामयाबी नहीं मिलेगी। सुषमा ने कहा कि पिछली यात्रा के दौरान नाथुला दर्रे को बंद कर दिया गया था और इससे लोगों को काफी दुख पहुंचा था। मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि नाथुला को फिर से खोल दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हम यात्रा के लिए लिपुलेख से होकर 18 बैच भेजेंगे, हर बैच में 60 तीर्थयात्री होंगे। वहीं नाथुला से 10 बैच जाएंगे जिसमें 50 यात्री होंगे। करीब 1580 लोग इस साल मानसरोवर यात्रा में शामिल होंगे।
भारत और चीन एक बार फिर सिक्किम में नाथूला दर्रे के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने पर सहमत हो गए थे। दोकलम पर दोनों देशों में हुए विवाद के बाद 10 महीने पहले इस रास्ते से श्रद्धालुओं का आवागमन रोक दिया गया था।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके चीनी समकक्ष वांग यी की मुलाकात में इस पर सहमति बनी थी। साझा बयान में सुषमा ने कहा था, हम भी खुश हैं कि कैलाश मानसरोवर यात्रा नाथुला दर्रे के जरिए इस साल फिर शुरू हो रही है। मैं चीन के पूर्ण सहयोग के प्रति आश्वस्त हूं। विदेश मंत्रालय धार्मिक महत्व वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा का हर साल जून से सितंबर तक आयोजन करता है। यात्रा दो रास्तों लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम) के जरिए कराई जाती है।

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