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  • दीवाली की पौराणिक कथा

    एक बार भगवान विष्णु माता लक्ष्मीजी सहित पृथ्वी पर घूमने आए। कुछ देर बाद भगवान विष्णु लक्ष्मीजी से बोले- मैं दक्षिण दिशा की ओर जा रहा हूँ । तुम यहीं ठहरो, परंतु लक्ष्मीजी भी विष्णुजी के पीछे चल दीं। कुछ दूर चलने पर ईख (गन्ने) का खेत मिला। लक्ष्मीजी एक गन्ना तोड़कर चूसने लगीं। भगवान […]

  • राम की शक्ति पूजा

    दिवाली का मतलब है अंधकार को दूर करना लेकिन इसके शाब्दिक अर्थ को ग्रहण करने की बजाय आप अपने आस-पास के अंधियारे को देखें और अनाथ आश्रमों में रहने वाले बच्चों के बीच जाकर, अपने घर के पास की झुग्गी झोपडियों में रहने वाले गरीबों के बीच जाकर या फिर अपने घर में काम करने […]

  • झूम पर देखिये सड़कछाप रोमियो आदित्य रॉय कपूर को एक नए अंदाज़ में!

    ज़ूम टीवी पर आदित्य रॉय कपूर ने अपनी जिंदगी के कई खुलासे किए, जवानी के दिनों से लेकर बॉलीवुड के रोमांटिक हीरो बनने तक-सिद्धार्थ रॉय कपूर और कुणाल रॉय कपूर जैसे बड़े भाईयों के साथ रहना मुश्किल हो सकता है! इस शांत सुभाव लेकिन गहरी सोच रखने वाले स्टार आदित्य रॉय कपूर के बारे में […]

  • पूजन के लिए आवश्यक पूजा सामग्री

    धूप बत्ती (अगरबत्ती),  चंदन ,  कपूर,  केसर ,  यज्ञोपवीत 5 ,  कुंकु ,  चावल,  अबीर,  गुलाल,  अभ्रक,  हल्दी ,  सौभाग्य द्रव्य-मेहंदी,  चूड़ी, काजल, पायजेब,   बिछुड़ी आदि आभूषण। नाड़ा (लच्छा),  रुई,  रोली, सिंदूर,  सुपारी, पान के पत्त ,  पुष्पमाला,  कमलगट्टे,  निया खड़ा (बगैर पिसा हुआ) ,  सप्तमृत्तिका,  सप्तधान्य,  कुशा व दूर्वा (कुश की घांस) ,  पंच […]

  • खगोलीय दृष्टि से दिवाली का महत्व

    मेष एवं तुला की संक्रांति में सूर्य विषुवत रेखा (नाड़ीवृत्त) पर रहता है, जिसे देवता 6 माह तक उत्तर की ओर तथा राक्षस 6 माह तक दक्षिण की ओर खींचते हैं। मंदराचल पर्वत ही नाड़ीवृत्त है, जिसके एक भाग में मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह और कन्या राशि हैं जिन्हें देवता खींचते हैं। दूसरे भाग […]

  • ज्योति पर्व दिवाली का महत्व, पूजा विधि और मुहुर्त

    कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या को दीपावली पर्व मनाया जाता है। उस दिन धन प्रदात्री 'महालक्ष्मी' एवं धन के अधिपति 'कुबेर' का पूजन किया जाता है। हमारे पौराणिक आख्यानों में इस पर्व को लेकर कई तरह की कथाएँ हैं। भारतीय परंपरा में हर पर्व और त्यौहार का संबंध प्रकृति की पूजा,� हमारे सुखद जीवन, आयु, स्वास्थ्य, […]

  • भारत राष्ट्र के भावी स्वप्न और अतीत की काली छाया

    मैं पशुओँ का डॉक्टर हूँ  यह  बात  मेरे परिचय में ही बता दी गई है  कृषि अर्थशास्त्र नामक एक विषय हमें पढना पडता था इसलिये अर्थशास्त्र से मेरा इतना ही सीमित संबंध है। और यह पुस्तक लिखनेवाले तथा आज के समारंभ के अध्यक्ष स्थान को विभूषित करनेवाले पद्मभूषण डो. दुभाषी इत्यादि लोग इस विषय के […]

  • स्व. पटेल के परिवार का दावाः पटेल को लेकर मोदी ने जो कहा, सच ही कहा!

    भले ही कांग्रेस नेता गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर सरदार पटेल की विरासत हथियाने का आरोप लगा रहे हैं पर सरदार पटेल के भाई के पोते का इससे पूरी तरह से सहमत नहीं हैं. वे नरेंद्र मोदी के इस बयान से सहमत हैं कि अगर सरदार पटेल पहले प्रधानमंत्री होते तो देश की तकदीर […]

  • हिन्दू कालेज में राजेन्द्र यादव को श्रद्धांजलि

    'हंस' के सम्पादक और प्रसिद्ध साहित्यकार राजेन्द्र यादव के असामयिक निधन पर हिन्दू कालेज के हिंदी विभाग द्वारा श्रद्धांजलि दी गई।  शोक सभा में विभाग के आचार्य डॉ रामेश्वर राय ने कहा कि स्त्री और दलित विमर्श की ज़मीन तैयार करने वाले साहसी सम्पादक और विख्यात लेखक का जाना असामयिक इसलिए लगता है कि उन्होंने […]

  • डॉ. होमी भाभा वैज्ञानिक लेख प्रतियोगिता के लिए लेख आमंत्रित

    मुम्बई। वर्ष 1974 में भारत के अंतिम राष्ट्रकवि स्व. रामधारी सिंह “दिनकर” द्वारा नामित हिन्दी विज्ञान साहित्य की त्रैमासिक पत्रिका “वैज्ञानिक”, जिसका प्रकाशन हिन्दी विज्ञान साहित्य परिषद, भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र द्वारा विगत 46 वर्षों से किया जाता है । इस पत्रिका को कई राज्यों द्वारा हिन्दी के जरनल की मान्यता दी गई है। इस […]

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