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बाबा रामदेव का मोदी सरकार पर तीखा हमला

लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर गरमाया हुआ है. हिंदूवादी संगठन और नेता मोदी सरकार से राम मंदिर पर कानून लाए जाने की मांग कर रहे हैं. फिलहाल मामला कोर्ट में है और सरकार का कहना है कि मंदिर संवैधानिक दायरे में रहकर ही बनेगा. इसी सिलसिले में सभी संबंधित पक्षों की राय जानने और विस्तृत चर्चा के लिए एबीपी न्यूज़ द्वारा खास कार्यक्रम ‘रामसम्मेन’ का आयोजन किया.

इस कार्यक्रम में पहुंचे योगगुरु रामदेव ने कहा कि मोदी सरकार को राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में करने के लिए संसद में प्रस्ताव लाना चाहिए. तब इस प्रस्ताव का कोई भी दल विरोध नहीं कर पाएगा. साथ ही उन्होंने राम मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाए जाने की मांग की. रामदेव ने अब तक राम मंदिर पर सुलह का रास्ता नहीं निकलने के लिए केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने बाबरी मस्जिद पर पत्ते नहीं खोले

मोदी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने के बाद राम मंदिर का जिक्र क्यों?
योग गुरु बाबा रामदेव ने चुनाव नजदीक आने पर राम मंदिर का मुद्दा उठाए जाने को लेकर कहा कि राम मंदिर की बात पांच सौ साल की है. पांच साल की बात नहीं है. इसे राजनीति या जमीन जायदाद से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. पूरी धरती राम की है. हमने मंदिर-मस्जिद के नाम पर नफरत नहीं फैलाई है. यह पंथनिरपेक्ष राष्ट्र है. क्या कोई संस्कृति की बात करना छोड़ दें?


नाकामयाब रही सरकारें

पतंजलि योगपीठ के संस्थापक रामदेव ने कहा कि राम मंदिर पर सुलह का रास्ता निकालने में राज्य और केंद्र सरकार नाकामयाब रही है. कोर्ट से इस मामले में निर्णय नहीं निकलेगा. कोर्ट से कुछ होगा, इसकी संभावना नहीं है. बहुत पेचीदा मामला है. राम के मामले में कोर्ट क्या करेगा? हमारे पूर्वजों पर फैसला कोर्ट करेगा क्या?

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रामदेव ने कहा कि राम मंदिर में बहुत देरी हो चुकी है. कोर्ट छोटे-छोटे मुद्दों पर सुनवाई कर सकता है. कुछ बड़े मसलों पर रात के 12 बजे भी सुनवाई कर सकता है तो इसपर फैसला क्यों नहीं? ध्यान रहे की पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के मामले पर सुनवाई टालते हुए कहा था कि वह जनवरी में इसपर सुनवाई करेगा.

योगगुरु रामदेव ने कहा कि अंसारी और अखाड़े वालों को प्रस्ताव देना चाहिए. एक सीताराम ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए. जमीन ट्रस्ट के नाम पर किया जाना चाहिए. सड़क, एयरपोर्ट बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण किया जा सकता है तो मंदिर के लिए क्यों नहीं किया जा सकता. करोड़ों हिंदू मंदिर के लिए दान देंगे. हम भी दान देंगे. राम हमारे गौरव हैं. इसे संप्रदाय से नहीं जोड़ना चाहिए.

रामदेव ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद की मांग पर साफ-साफ कुछ बयान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में जहां भी इस्लामिक इमारतें हैं वहां हमने कभी दावा नहीं किया कि हम वहां मंदिर बनाएंगे. हम चाहते हैं कि ट्रस्ट में मुस्लिमों को भी रखा जाए. मस्जिद यहां बहुत है.

सरकार Vs राम मंदिर
रामदेव ने कहा कि मोदी सरकार को मंदिर पर संसद में प्रस्ताव रखना चाहिए और कहना चाहिए कि हम इसके लिए ट्रस्ट बनाएंगे. सभी को इसमें तवज्जो देनी चाहिए. राम को वोट बैंक नहीं समझना चाहिए. कोई भी पार्टी राम पर राजनीति नहीं करे. मोदी अगर प्रस्ताव लेकर आते हैं तो समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस कोई भी विरोध नहीं कर पाएगी क्योंकि वह राम की विरोधी नहीं है पार्टी की विरोधी है.



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