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धार्मिक चैनलों पर टैक्स लगाने पर केंद्र सरकार पर भड़के बाबा रामदेव

अपने ‘पतंजलि’ प्रॉडक्ट्स से विदेशी कंपनियों की नाक में दम करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव ने भक्ति चैनलों पर हाई टेलिकास्ट फीस को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। बाबा रामदेव ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ‘आस्था’, ‘अरिहंत’ और ‘वैदिक’ जैसे भक्ति टीवी चैनलों के प्रसारण पर उच्च कर लगाना उचित नहीं है।

इसकी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि धार्मिक विश्वास के नाम पर सरकार को पैसे देने पड़ रहे हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि सरकार साधु-संतों पर टैक्स लगा रही है। उन्होंने कहा कि लोग बाबाओं को सीधा सुनना चाहते हैं और उन्हें इसके लिए प्रतिदिन 1 लाख रुपए देने पड़ रहे हैं। सरकार से ऐसी अपेक्षा नहीं की जा सकती।

उन्होंने आगे कहा, ‘आप धार्मिक लोग हैं, आप अपने देश से प्यार करते हैं, आप धर्म का अनुसरण करते हैं इससे, अगर लोग बाबा के प्रवचन को सुनने या देखना चाहते हैं, तो बाबा को अपनी जेब से एक लाख रुपए प्रतिदिन देना होगा। कोई बाबा इतना पैसा नहीं दे सकता। आस्था और वैदिक चैनलों को दिखाने के लिए सरकार को कुल 32 करोड़ रुपए चाहिए। यह बहुत शर्मनाक है कि‍ हमें धार्मि‍क वि‍श्‍वास के नाम पर पैसा देना पड़े। मैंने इस सरकार से कभी भी ऐसे व्‍यवहार की कल्‍पना नहीं की थी।’

बाबा रामदेव दिल्ली में आध्यात्मिक चैनल ‘आस्था’ मोबाइल ऐप के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे। ‘आस्था’ चैनल का एन्ड्रॉयड और आईओएस (एप्पल) मोबाइल ऐप लॉन्च करते हुए बाबा ने यह भी बताया कि जल्द ही ‘आस्था’ का तमिल और तेलुगू चैनल भी शुरू होगा।

उन्होंने बताया कि ‘आस्था’ चैनल के मोबाइल ऐप्लीकेशन पर आध्यात्मिक चैनलों के प्रोग्राम देखे जा सकते हैं। चार चैनलों का सीधा प्रसारण देख सकते हैं। इनमें नौ दिन पुराने कार्यक्रमों को भी देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐप्लीकेशन में तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, बांग्ला में सामग्री उपलब्ध होगी। इस ऐप में बाबा के योग कार्यक्रम हिन्दी व अन्य भाषाओं में देख सकते हैं।



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