Friday, April 19, 2024
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पश्चिम रेल्वे ने बनाए कई कीर्तिमान

भारतीय रेल में कई उपलब्धियों में अग्रणी होने का गौरव हासिल करने वाली पश्चिम रेलवे ने एक बार फिर वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल करके नए कीर्तिमान स्थापित करने में अपनी उत्कृष्टता साबित की है। पश्चिम रेलवे ने माल लदान और माल ढुलाई राजस्व, यात्री राजस्व, बुनियादी ढांचे के कार्यों को बढ़ावा देने और इसके सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा कार्य, यात्री सुविधाएं आदि के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। ये उपलब्धियां पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री अशोक कुमार मिश्र के गतिशील नेतृत्व और मूल्यवान मार्गदर्शन की बदौलत संभव हुई हैं।

ढांचागत विकास
· वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 276 किमी नई लाइनें, गेज परिवर्तन और दोहरीकरण का कार्य पूरा किया गया है।
· 143 किमी का गेज परिवर्तन कार्य पूरा किया गया जो कि पिछले वर्ष हुए 62 किमी के गेज परिवर्तन कार्य की तुलना में 131% अधिक है।
· 94 किमी दोहरीकरण का कार्य और 39 किमी नई लाइन का काम पूरा किया गया।
· 316 आरकेएम के लक्ष्य के मुकाबले 376 आरकेएम के विद्युतीकरण कार्य पूरा किया गया। इसके साथ ही पश्चिम रेलवे का लगभग 96% हिस्सा अब विद्युतीकृत हो गया है।
· अहमदाबाद-मुंबई के बीच 565 किलोमीटर W बीम फेंसिंग का कार्य पूरा किया गया। यह भारतीय रेलवे पर मवेशियों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामलों को खत्म करने के लिए अपनी तरह का पहला मामला है। यह भारतीय रेलवे का सबसे लंबा फेंसिंग वाला खंड भी है।
· 2022-23 में पश्चिम रेलवे पर 31 एफओबी और 151 आरओबी/आरयूबी का निर्माण किया गया।
· वित्त वर्ष 2023-24 में 120 लेवल क्रॉसिंग गेट हटाये गये।
· 24 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) चालू की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में सबसे बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) चालू की गई।
· पश्चिम रेलवे ने कवच (KAVACH) संरक्षा बुनियादी ढांचे के संबंध में लगभग 306 आरकेएम का लोको परीक्षण पूरा किया
· ट्रेनों की गति को 160 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाने के लिए 126 पुलों पर जियो सेल का उपयोग करके ब्रिज एप्रोच को मजबूत करने का कार्य पूरा किया गया।
· 381 आरकेएम को कवर करने वाले लूप लाइन पर गति 30 किमी प्रति घंटे तक बढ़ा दी गई है, जो भारतीय रेल पर सबसे अधिक है।
· छायापुरी से समलाया के बीच 3 गज तक फैली 31 किलोमीटर लंबी कंटिन्युअस वेल्डेड रेल (CWR) बिछाई गई। इसे भारतीय रेलवे का सबसे लंबा जोड़ रहित ट्रैक होने का गौरव प्राप्त हुआ है।
· बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (BCM) का उपयोग करके टर्नआउट्स के फॉर्मेशन ट्रीटमेंट के लिए भारतीय रेल पर पहली बार पहल – 39 टर्नआउट्स
· बैलास्ट क्लीनिंग मशीन द्वारा पीएफ मुख्य लाइनों की डीप स्क्रीनिंग – 5 यार्ड्स
· प्लेन ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग – 830 किमी, जो भारतीय रेलवे में सर्वाधिक है।

कार्गो के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन
· पश्चिम रेलवे ने 2023-24 में 105 मिलियन टन माल लदान हासिल कर लगातार दूसरे वर्ष 100 मिलियन टन क्लब में प्रवेश किया है। विविध माल ढुलाई और कोयले की केवल 12% हिस्सेदारी के साथ यह उपलब्धि हासिल करने वाला पश्चिम रेलवे एकमात्र गैर-कोयला बेल्ट जोनल रेलवे है।
· पश्चिम रेलवे ने पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में कंटेनर (13%), पीओएल (11%) और ऑटोमोबाइल (66%) लोडिंग में वृद्धि की है।

चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन
· मुंबई सेंट्रल स्थित पश्चिम रेलवे के जगजीवन राम अस्पताल (JRH) को राष्ट्रीय अस्पताल प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) द्वारा मान्यता दी गई है, जिससे जगजीवन राम अस्पताल प्रतिष्ठित गुणवत्ता नियंत्रण मान्यता प्राप्त करने वाला भारतीय रेल पर पहला अस्पताल बन गया है।

राजस्व को प्रोत्साहन
· पश्चिम रेलवे ने 23770 करोड़ रुपये से अधिक का सकल राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4% अधिक है।

इसमें यह भी शामिल है
– 7275 करोड़ रुपये का ओरिजनेटिंग पैसैंजर रिवेन्यू, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15% अधिक है।
– वित्त वर्ष 2023-24 में माल ढुलाई राजस्व में 14,597 करोड़ रुपये हासिल किए गए।
– पश्चिम रेलवे ने टिकट चेकिंग में 173 करोड़. रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित करके अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल किया है। यह वार्षिक लक्ष्य से भी लगभग 24% अधिक है।
– भारतीय रेल में गैर-किराया राजस्व के मामले में पश्चिम रेलवे दूसरे स्थान पर है, जिसने 100.80 करोड़ रुपये का राजस्वस हासिल किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30.16% अधिक है।

हरित पहल
· पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2023-24 में अब तक का सबसे ज्या दा इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन स्विचओवर हासिल किया। कुल 89 जोड़ी कोचिंग ट्रेनों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन में बदल दिया गया है।
· पश्चिम रेलवे के 21 स्टेशनों पर 1.115 MWp क्षमता के सौर संयंत्र उपलब्ध कराए गए।

यात्री सुविधा
· वर्ष 2023-24 में 25 लिफ्ट और 9 एस्केलेटर चालू किए गए।
· 13 जोड़ी नई ट्रेनें शुरू की गईं, जिनमें 4 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।
· पश्चिम रेलवे ने 508 स्पेशल ट्रेनें चलाईं, जिनमें लगभग 7000 फेरे हुए, इनमें होली स्पेशल के लगभग 160 फेरे शामिल थे।
· 1000 से अधिक सीटों की अतिरिक्त क्षमता प्रदान करते हुए 14 जोड़ी पारंपरिक रेक को एलएचबी रेक में परिवर्तित किया गया।

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