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गुड फ्रायडे को इस चर्च में गूँजते हैं उपनिषदों के श्लोक

चर्च में प्रार्थनाएं होती हैं, यह तो आपने सुना होगा। लेकिन गोवा के एक चर्च में गुड फ्राइडे के दिन हिंदुओं का एक समूह संस्कृत के श्लोक पढ़ता है। यह मामला ओल्ड गोवा के से कैथेड्रल चर्च का है। यह जगह एक बेहद मशहूर इंटरनैशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशन और तीर्थस्थल भी है। इसे तीर्थयात्रियों की अपनी सांस्कृतिक और भाषाई विविधता के लिए भी जाना जाता है। राज्य में कई समुदायों के उदाहरण हैं जो एक साथ समारोह और त्योहार का जश्न मनाते हैं, लेकिन शायद कई लोगों को इस गुड फ्राइडे परंपरा के बारे में मालूम नहीं है। यह समूह स्वाध्याय परिवार से ताल्लुक रखता है, जो पांडुरंग शास्त्री अठावले के शिष्य हैं। उन्होंने ही करीब 15 साल पहले इस परंपरा को शुरू किया था।

मुताबिक एशिया के सबसे बड़े चर्चों में से एक से एक से कैथेड्रल में लोग बड़ी संख्या में गुड फ्राइडे सर्विस में दोपहर 3.30 बजे से पहुंच जाते हैं। यह चर्च करीब 115 फुट ऊंचा है। लेकिन सार्वभौमिक भाईचारे को मानने वाले इस परिवार के सदस्य 3 बजे ही पूजास्थल में जमा हो जाते हैं। यह जगह कैथेड्रल के मुख्य प्रांगण से थोड़ा अलग है। इसके बाद ये लोग नारायण और उपनिषदों के श्लोक पढ़ते हैं। चर्च की सर्विसेज शुरू होने से पहले ही यह छोटी सेरीमनी होती है।

चर्च के पादरी कहते अल्फ्रेड वैज कहते हैं कि पैरिशियन और पादरी समूह इस समूह की परंपरा को लेकर काफी सकारात्मक हैं। यह एक शानदार उदाहरण है कि लोगों को एक साथ कैसे रहना चाहिए। परिवार के सदस्यों को यीशु मसीह के बलिदान, शांति और भाईचारे के लिए उनके दिए उपदेशों के बारे में पता है। कई उत्सव और त्योहार गोवा के बहुसांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक आयोजनों में सामुदायिक भागीदारी के उदाहरण हैं।



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