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पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा रेल सुरक्षा बल के ई- पेट्रोलिंग और बीट मैनेजमेंट एप का शुभारम्भ

मुंबई। पश्चिम रेलवे के मुंबई डिवीजन ने पायलट आधार पर ई-पेट्रोलिंग और बीट मैनेजमेंट एप की शुरुआत कर एक अभिनव पहल की है। भारतीय रेलवे पर अपनी तरह के इस पहले एप का उद्घाटन बुधवार 2 दिसम्बर, 2020 को पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल द्वारा किया गया।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ई-पेट्रोलिंग और बीट मैनेजमेंट एप को पहली बार भारतीय रेलवे में पश्चिम रेलवे द्वारा पेश किया गया है और इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रेलवे बोर्ड के निर्देशों के आधार पर पश्चिम रेलवे के मुंबई डिवीजन में लागू किया गया है। यह बहुत ही गर्व की बात है कि इस प्रणाली को पश्चिम रेलवे पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है और इसका उपयोग आरपीएफ की सभी चौकियों पर बीट पेट्रोलिंग और ट्रेन एस्कॉर्ट कर्तव्यों के निर्वहन के लिए किया जा रहा है। श्री ठाकुर ने बताया कि इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य पूरे डिवीजन में ड्यूटी बीट्स की व्यवस्थित कवरेज सुनिश्चित करना, सभी कोचों में ट्रेन एस्कॉर्टिंग स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना और ड्यूटी पर कर्मचारियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।

इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री पी. सी. सिन्हा ने इस एप की विभिन्न मुख्य विशेषताऍं बताईं और कहा कि यह एप आरपीएफ स्टाफ की देखरेख के लिए क्यूआर कोड आधारित सम्पर्क रहित प्रणाली है। पूरे डिवीजन में स्टेशनों, यार्ड, मिड-सेक्शन और ट्रेनों जैसे विभिन्न स्थानों पर 340 क्यूआर कोड प्लेटें प्रदान की गई हैं। आरपीएफ कर्मियों को इस ई-पैट्रोलिंग ऐप को डाउनलोड करना होगा और अपने मोबाइल हैंडसेट के माध्यम से क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। उल्लेखनीय है कि इस RPF E- पेट्रोलिंग एंड्रॉइड एप का प्रावधान 1586 RPF / RPSF कर्मचारियों हेतु अपने मोबाइल के माध्यम से QR कोड स्कैन करने के लिए किया गया है।

एप में ई-नोटिस बोर्ड और रियल-टाइम अटेंडेंस जैसी विशेषताएं हैं। यह जियो टैगिंग, दिनांक और समय के साथ स्थान की तस्वीरों का उपयोग करके कर्मचारियों को वास्तविक समय की निगरानी में सक्षम बनाता है। यह प्रदर्शन के विश्लेषण के लिए कर्मचारियों और पर्यवेक्षी अधिकारियों को इतिहास का डेटा प्रदान करने में मदद करता है और सुधार की आवश्यकता को मापता है। यह एक 2-स्तरीय निगरानी प्रणाली है, जो आरपीएफ पोस्ट स्तर पर और साथ ही साथ डिवीजनल स्तर दोनों में अधिकार क्षेत्र के आधार पर सूचना पहुंच के साथ पदानुक्रमित नियंत्रण और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के लिए काफी फायदेमंद है। यह ग्राफिकल प्रतिनिधित्व और भू-स्थानिक मानचित्रण के साथ दैनिक और मासिक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट भी सुनिश्चित करता है। वर्तमान प्रणाली के विश्लेषण के आधार पर, इसे डिवीजन के सभी बीट्स में और विकसित और विस्तारित किया जाएगा।

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