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केरल के पर्यटन की खूबसूरत चित्रकारी के दर्शन!

दिल्लीः दिल्ली से आने वाले सैलानियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केरल सरकार के पर्यटन विभाग ने आज एक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें षहर के अग्रणी ट्रैवल एजेंट्स एवम् टूर ऑपरेटर्स का भी आमंत्रित किया गया था। मौके पर केरल की पारम्परिक कला-संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था, जिसे देखते हुए उपस्थित मेहमानों को दिल्ली में ही गॉड्स ऑन कन्ट्री के खूबसूरत एवं विहंगम दृश्य से रूबरू होने का अवसर मिला।

श्री के. पी. नंदकुमार, डिप्टी डायरेक्टर, केरल टूरिज़्म के नेतृत्व में इस कार्यक्रम के माध्यम से नए सहयोग विकसित करने के अलावा इस षो में नए अभियान, अनुभव तथा आकर्शण पेश किये गये, जिन्हें यात्री केरल यात्रा के दौरान महसूस कर सकते हैं।

‘ईश्वर के खुद के देश’ में पर्यटकों के समक्ष पेश किए जाने वाले अद्वितीय आकर्षण अनुभव के आधार पर बनाए जाते हैं और सरकार द्वारा अपनाए गए प्रयासों व अभियान ने राज्य को दुनिया के टॉप-टियर ‘मस्ट विज़िट’ (सर्वश्रेष्ठ स्थान- अवश्य यात्रा करने योग्य) स्थान के रूप में स्थापित कर दिया है। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के फलस्वरूप पिछले साल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई।

श्री नन्द कुमार ने बताया कि पिछले साल सितंबर, 2016 में सितंबर 2015 के मुकाबले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 5.61 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिनमें घरेलू पर्यटकों की संख्या में 6.01 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि वर्श 2015 में विदेशी मुद्रा में आय 6949.88 करोड़ रु. थी, जो पिछले साल के मुकाबले 8.61 प्रतिशत ज्यादा थी और 2015 में पर्यटन से प्राप्त होने वाला कुल राजस्व (प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष) 26689.63 करोड़ रु. था, जो पिछले साल के मुकाबले 7.25 प्रतिशत ज्यादा था। इसके अतिरिक्त अपने नए अभियानों द्वारा केरल टूरिज़्म ने ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित किया। इनमें सामुदायिक संलग्नता विकसित करने के लिए ग्रीन कारपेट अभियान, ऑन द ट्रेल ऑफ द स्पाईस रूट, कोच्चि मुजिरिस बाईएनेल सहित कई अन्य परियोजनाओं ने भी पर्यटन में सराहनीय योगदान दिया है।

उन्होंने बताया कि टूरिज़्म के द्वारा दो हजार साल पुराने स्पाईस मार्ग, जो भारत के दक्षिण पश्चिमी तट को यूरोप से जोड़ता है, का पुनरोद्धार करने और इसे बढ़ावा देने के केरल सरकार के अभियान को यूनाईटेड नेशंस वर्ल्ड टूरिज़्म ऑर्गेनाईज़ेशन (यूएनडब्लूटीओ) के सहयोग से बल मिला है।

सितंबर में केरल के स्थानीय मसाला बाजार ने उन लोगों को भी अचंभित कर दिया, जो अपनी खाना बनाने की प्रतिभा से लोगों को चकित करते आए हैं। स्पाईस रूट कुलिनरी फेस्टिवल की तैयारी करने वाले शेफ्स की 17 टीमों ने प्रतियोगिता के लिए मसाले और अवयव चुनने के लिए कोच्चि के परंपरागत बाजारों की यात्रा की। वो बाजार की मोहक खुशबू, दृश्यों और आवाज से चकित थे और ऐसा महसूस कर रहे थे, जैसे वो ‘स्वर्ग’ में आ गए हों। बड़े ही जोश के साथ शुरू हुए दस फेस्टिवल में 15 देशों के अग्रणी शेफ्स ने अपने लजीज और स्वादिष्ट व्यंजनों से लोगों को मोहित कर दिया, जिनकी प्रेरणा उन्हें ऐतिहासिक स्पाईस रूट से मिली। हर टीम अपने-अपने देश की संस्कृति एवं रसोई की एम्बेसडर थी। चार दिवसीय फेस्टिवल में फ्रांसीसी टीम को सर्वोच्च सम्मान मिला एवं मिस्र और थाईलैंड भी विजेता की सूची में आए। स्थानीय रसोई को बढ़ावा देने के लिए ‘केरल शेफ’ प्रतियोगिता की सर्वोच्च टीमों को भी सम्मानित किया गया।

कोच्चि मुजिरिस बाईएनेल एक अंतर्राष्ट्रीय आधुनिक कला उत्सव है, जिसने केरल को ‘बाईएनेल की भूमि’ की पहचान प्रदान की है। राज्य के पर्यटन विभाग ने बाईएनेल के तीसरे एडिशन को बढ़ावा देने के लिए 7.5 करोड़ रु. आबंटित किए हैं। यह ईवेंट राज्य के पर्यटन सेक्टर के विकास में सामुदायिक सहभागिता का एक जगमगाता उदाहरण है। बाईएनेल के द्वारा नोटबंदी के चलते आए संकट के समय एक अद्वितीय आर्थिक ज़ोन के निर्माण में मदद मिली, जब राज्य में पर्यटकों की संख्या में कमी आई थी।

केरल टूरिज़्म ने प्रकृति पर आधारित एक अद्वितीय सॉफ्ट एडवेंचर होलिडे प्रोग्राम नैटवेंचर प्रारंभ किया है। इसमें प्रमुख टूरिज़्म उत्पादों जैसे वाईल्डलाईफ, हिल स्टेशनों, बीच, बैकवाटर्स आदि का प्रयोग किया जाएगा और यहां पर कई एडवेंचर गतिविधियों की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। केरल नैटवेंचर गतिविधियों में ट्रैकिंग, कैंपिंग, रॉक क्लाईंबिंग, जंगल टूर, वाईल्डलाईफ सफारी, बर्ड वॉचिंग, साईक्लिंग, कयाकिंग, कैनोईंग और पैराग्लाईडिंग शामिल हैं।

इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वर्च्युअल रियल्टी कायोस्क ने केरल के बैकवाटर्स को जीवंत कर दिया और आगंतुकों को अद्वितीय अनुभव पेश किए। वीआर हेडसेट के साथ देखी गई दो मिनट की फिल्म ने दर्शकों को केरल के शांत बैकवाटर्स में बहते हुए हाउसबोट्स में पहुंचा दिया। केरल टूरिज़्म के अभियान, वीआर ‘एक्सपीरियंस साईट’ ने ऑपरेशनल होने के बाद लोगों को बहुत आकर्षित किया और इस बात को प्रमाणित कर दिया कि केरल पर्यटन के विकास के लिए टेक्नॉलॉजी के प्रयोग में सबसे आगे है।

हर मीडिया में आयुर्वेद को प्रमोट करने के लिए एक नया कैम्पेन, ‘होम ऑफ आयुर्वेद’ भी लॉन्च किया गया। उत्तर केरल में ‘बेकल’ को नए गंतव्य के रूप में पेश किया गया। ऑफ सीज़न में लॉन्च किए गए सफल ड्रीम सीज़न अभियान के द्वारा केरल अब मौसमी पर्यटक विकल्प से सभी मौसमों के पसंदीदा स्थान में तब्दील हो चुका है।

छोटे से समय में ही केरल टूरिज़्म ने डिजिटल दुनिया में अपनी पैठ बना ली है। इसके फेसबुक पृश्ठ पर 12.8 लाख फौलोअर्स हैं, जो भारत में किसी भी टूरिज़्म बोर्ड के लिए सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके अलावा, केल टूरिज़्म के पास 44,400 से अधिक ट्विटर फौलोअर, 6000 से अधिक इंस्टाग्राम फौलोअर, 500 से अधिक पिंटरेस्ट फौलोअर तथा 700 से अधिक फोरस्क्वैयर फौलोअर हैं। केरल टूरिज़्म के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल के पास लगभग 23,000 उपभोक्ता हैं। गेस्ट ब्लॉग में केरल, बैकवॉटर्स तथा आयुर्वेद पर 250 से अधिक लेख प्रकाशित किए गए हैं।

सर्वाधिक विज़िटर्स को आकर्शित करने वाली केरल टूरिज़्म की वेबसाईट का विभिन्न भारतीय भाषाओं जैसे हिंदी, मराठी, गुजराती, तमिल, कन्नड और तेलुगू में अनुवाद किया गया है, साथ ही यह विदेशी भाषाओं जैसे डच, इटेलियन, पुर्तगाली और स्वीडिश भाशाओं में भी अनुवादित की गई है। हाल ही में नए लुक के साथ नई वेबसाईट लॉन्च की गई है। यह 1500 चित्रों और 3000 वीडियो के साथ जानकारी व्यापक प्रदान करती है।

केरल गूगल सर्च ट्रेंड में ताजमहल को पीछे छोड़ते हुए देश का नं. 1 यात्रा विकल्प बन गया है। यह ब्रांड केरल की अंतर्राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। केरल टूरिज्म को कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।

भारत में भी केरल प्रभावशाली विजेता है, जिसे प्रतिष्ठित नेशनल टूरिज़्म अवार्ड मिला है। रचनात्मक प्रयासों की श्रृंखला के द्वारा इसे राज्य के लिए छः मार्केटिंग श्रेणियों में से तीन में पुरस्कार मिले। दो अन्य पुरस्कारों, जिनमें रिस्पॉन्सिबल टीम का एक पुरस्कार शामिल है तथा इसके ट्रेड पार्टनर्स द्वारा जीते गए सात पुरस्कारों के साथ इसे कुल 12 पुरस्कार मिल चुके हैं।

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