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भाषा के अनेक अवतार: विकास की दिशा में?

आजकल भाषा के क्षेत्र में हमें अकसर यह सुनने को मिल रहा है कि विश्व भाषा चित्रपट पर एक नई भाषा पनप रही है, उसकी महक एक देश में नहीं, पर अनेक देशों में छा रही है, वह है देश विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों द्वारा बोली जाने वाली अंग्रेजी, अर्थात, हिन्दी या हिन्दुस्थान की अन्य भाषा पदजाल से मिश्रित अंग्रेजी, जिसे भाषाविदों ने हिंग्लिष (Hinglish) नामकरण से अलंकृत किया है। ।

भारत में ही बोली जाने वाली अग्रेजी को हिंग्रेजी (हिंग्लिष) के अलावा, केरल में मंग्लिष (मलयालम मिश्रित्),तमिलनाडु में तंग्लिष (तमिल मिश्रित्), पंजाब में पंग्लिष (पंजाबी मिश्रित), पश्चिम बंगाल में बंग्लिष (बंगाली मिश्रित) इत्यादि अवतारों में देख सकते हैं । इसे हिंग्लिष कहिए या Tiklish English कहिए ।

बहरहाल प्रस्तुत है इसी मुद्दे को लेकर जिरह छेड़ते कुछ ज्वलंत सवाल श्रीमति अंडाल जी के द्वारा:
http://hindicenter.com/hindisection/139-many-forms-of-languages-towards-progress

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