आप यहाँ है :

‘ज़ी टीवी की आपकी अदालत’ इंडिया टीवी पर प्रसारित नहीं कर पाएंगे रजत शर्मा

दिल्ली हाई कोर्ट में ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (Zee Media Corporation Ltd) की ओर से दायर मुकदमे के मामले में ‘इंडिया टीवी’ के चैयरमैन और ‘इंडिया टीवी’ ने हाई कोर्ट में अंदरटेकिंग दी है कि वह बाल केशव ठाकरे के साथ ‘आप की अदालत’ के एपिसोड को तमाम प्लेटफॉर्म्स से हटा देंगे और आगे इसका प्रसारण नहीं करेंगे।

‘जी मीडिया‘ की ओर से सीनियर एडवोकेट जॉय बसु के नेतृत्व में ट्रस्ट लीगल की पार्टनर रित्विका नंदा और एसोसिएट पार्टनर रूपाली गुप्ता ने अपनी बात रखी, जबकि रजत शर्मा और इंडिया टीवी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा।

‘जी मीडिया’ ने वर्ष 1992 से जनवरी 1997 के दौरान ‘जी टीवी‘ द्वारा निर्मित और प्रसारित ‘आप की अदालत‘ के 141 एपिसोड के संबंध में एक मुकदमा दायर किया था और रजत शर्मा व इंडिया टीवी पर कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट से निषेधाज्ञा की मांग की थी।

बता दें कि 25 जून 2022 और 26 जून 2022 को महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ‘इंडिया टीवी‘ ने बाल केशव ठाकरे के साथ ‘आप की अदालत‘ का एक एपिसोड प्रसारित किया, जिसे ‘जी टीवी‘ द्वारा वर्ष 1993 में निर्मित और प्रसारित किया गया था।

अपनी याचिका में ‘जी मीडिया‘ ने आरोप लगाया कि ‘आप की अदालत’ के एपिसोड का प्रसारण ‘जी मीडिया‘ के कॉपीराइट का उल्लंघन था। इसके साथ ही ‘जी मीडिया‘ ने रजत शर्मा और ‘इंडिया टीवी‘ के खिलाफ आगे के एपिसोड का प्रसारण रोकने और वीडियो को सभी प्लेटफॉर्म्स से हटाने व हर्जाने का निर्देश देने की मांग की थी। इसी मुकदमे के मामले में ‘इंडिया टीवी’ ने कोर्ट में अंडरटेकिंग दी है।

‘जी मीडिया’ ने वर्ष 1992 से पांच जनवरी 1997 तक ‘जी टेलिफिल्म्स लिमिटेड’ द्वारा निर्मित और ‘जी टीवी’ पर प्रसारित हुए ‘आपकी अदालत’ के 141 एपिसोड का सभी प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारण और प्रकाशन रोकने के लिए ‘इंडिया टीवी’ के खिलाफ निषेधाज्ञा की मांग की है। उस दौरान रजत शर्मा ‘जी समूह’ के लिए काम करते थे।

रजत शर्मा और इंडिया टीवी के वकील ने शेष 140 एपिसोड के संबंध में उचित निर्देश लेने के लिए समय मांगा। मामले में अगली सुनवाई अब 20 सितंबर 2022 को की जाएगी।

image_pdfimage_print


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Get in Touch

Back to Top