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घोटालेबाज के खिलाफ शिकायत को घोलकर पी गए प्रधान मंत्री के बाबू

डायमंड मर्चेंट नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी के ठिकाने की तलाश कर रही जांच एजेंसियों को अब तक कामयाबी हासिल नहीं हुई है। इस बीच पता चला है कि नीरव मोदी 1 जनवरी को देश छोड़कर चला गया था। इस बीच एक बिजनेसमैन से सनसनीखेज खुलासा किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु के एक बिजनेसमैन हरि प्रसाद एस वी ने 2016 में ही मेहुल चौकसी की कथित गड़बड़ियों के बारे में पीएमओ को जानकारी दी थी। बिजनेसमैन का दावा है कि पीएमओ ने उसकी शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया था। मेहुल चौकसी गीतांजलि ज्वेलरी सीरीज का मालिक है। केन्द्रीय जांच एजेंसियों ने इस वक्त नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी, भाई निशाल और मेहुल चौकसी के खिलाफ कल 280 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मेहुल चौकसी चार जनवरी को देश छोड़कर चला गया है। हरि प्रसाद एस वी ने कहा कि यदि जुलाई 2016 में पीएमओ को किये गये उसके शिकायत पर अमल किया गया होता तो इस घोटाले का पर्दाफाश काफी पहले हो जाता।

हरि प्रसाद एस वी ने कहा कि इस लोगों द्वारा की गई धोखाधड़ी का परिणाम वे लोग अबतक भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा, “वे लोग पैसे और पावर के मामले में इतने बलिष्ठ हैं कि सामान्य आदमी उनका मुकाबला नहीं कर सकता है। इस बिजनेसमैन ने कहा कि उनकी शिकायत मेहुल चौकसी के गीतांजलि ग्रुप के बारे में थी, ना कि नीरव मोदी के बारे में। हालांकि दोनों बिजनेस पार्टनर हैं, पर नीरव मोदी गीतांजलि ग्रुप में पार्टनर नहीं है। हरि प्रसाद एस वी ने कहा कि उसके मेहुल चौकसी के साथ बिजनेस ताल्लुकात थे, और उससे 13 करोड़ रुपये ठगे गये। प्रसाद ने अपने शिकायत में बताया था कि कैसे मेहुल चौकसी ने मामूली संपत्ति की बदौलत बैंकों से भारी-भरकम लोन ले रखा था। उसने अपने शिकायत में चेतावनी दी थी कि अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो बैंकों पर NPA (डूबे हुए कर्ज) का बड़ा भार बढ़ेगा। इस बिजनेसमैन ने कंपनी की बैलेंसशीट में खामियों को उजागर किया और उन 31 बैंकों की सूची सौंपी जिन्होंने गीतांजलि ग्रुप को लोन दिया था। हरि प्रसाद ने अपने शिकायत में लिखा, ” इस कंपनी ने अपनी 25 से 30 मात्र संपत्ति की बदौलत 9 हजार 872 करोड़ का भारी-भरकम लोन ले रखा है और यह जल्द ही NPA बनने जा रहा है।



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