Thursday, June 20, 2024
spot_img
Homeप्रेस विज्ञप्तिअखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक 5 से 7 नवम्बर तक भुज (गुजरात)...

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक 5 से 7 नवम्बर तक भुज (गुजरात) में

भुज। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिवर्ष होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक इस वर्ष गुजरात के कच्छ क्षेत्र भुज में हो रही है। इस बैठक का आयोजन 5, 6 एवं 7 नवंबर 2023 को होने जा रहा है । इस बैठक में संघ की रचना के अनुसार गठित कुल 45 प्रांतों से प्रांत संघचालक , कार्यवाह एवं प्रांत प्रचारक तथा उनके सहसंघचालक, सहकार्यवाह तथा सह प्रांत प्रचारक सहभागी होंगे। बैठक में विशेष रूप से पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, माननीय सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले एवं सह सरकार्यवाह श्री डॉ. कृष्णगोपाल, श्री डॉ. मनमोहन वैघ, श्री मुकुंदा, श्री अरुणकुमार, श्री रामदत्त चक्रधर एवम सभी अखिल भारतीय पदाधिकारियों सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। साथ ही विश्व हिन्दू परिषद्, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ सहित विविध समवैचारिक संगठनों के चयनित संगठन मंत्री भी बैठक में सहभागी होंगे।

इस उपलक्ष्य में आयोजित प्रेसवार्ता में बैठक के विषय के बारे में जानकारी देते हुए रा.स्व. संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंबेकर ने कहा कि, बैठक में संघ के संगठन कार्य की समीक्षा के साथ ही गत माह सितंबर में पुणे में सम्पन्न हुई अखिल भारतीय समन्वय बैठक में आये विषय तथा अभी-अभी विजयादशमी उत्सव के निमित्त हुए पूजनीय सरसंघचालक जी के उद्बोधन के उल्लेखनीय मुद्दों पर अनुवर्तन के रूप में करणीय विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। समाज के संदर्भ में अपेक्षित बदलाव की चर्चा होती है वैसे ही संघ में भी अपेक्षित बदलाव जैसे संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष के पाठ्यक्रम बदलाव की योजना चल रही है, उस विषय में चर्चा होगी । आगामी 2024 में जो संघ शिक्षा वर्ग होंगे उस में नया पाठ्यक्रम दिया जाएगा । उन्होंने कहा अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को हो रहे श्रीराम मंदिर प्रतिष्ठापना समारोह व उससे जुड़े देश भर में प्रस्तावित कार्यक्रम आदि विषयों पर बैठक में चर्चा होगी। देशभर में हर एक शहर और गांवो में अलग अलग मंदिरों में कार्यक्रम का आह्वान किया है, इस महत्वपूर्ण कार्य के संदर्भ में संघ कैसे सहभागी होगा इस विषय पर इस बैठक में चर्चा होगी, और इस के बाद सभी स्वयंसेवकों के लिए सूचनाएँ दी जायेगी और पूरे समाज के लिए जो आह्वान होगा वह इस बैठक के पश्चात किया जाएगा।

2025 में संघ कार्य को प्रारम्भ हुए 100 वर्ष हो रहे है, 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्य का प्रारम्भ हुआ था, और संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार ने इस कार्य का प्रारम्भ किया था, लगातार कार्य ९८ वर्षों से बढ़ता ही गया । 2025 में 100 वर्ष हो रहे तो कार्य विस्तार योजना पर लगातार काम चल रहा है, बहुत सारे लोगों ने अपना समय दिया , शताब्दी विस्तारक भी निकले । इस दृष्टि से इस संदर्भ में जो लक्ष्य रखे गए थे, अपने शाखा कार्य के विस्तार के विषय पर लगातार हर छ महीने में इसकी समीक्षा कर रहे हैं, इस बैठक में उस लक्ष्य पूर्ती के विषय पर समीक्षा होगी ।

अगले डेढ़ वर्षो में हम अपने लक्ष्यों को कैसे पूरा करें ? इसके संदर्भ में चर्चा होगी एवम् जो अबतक हुआ उसकी समीक्षा के साथ आगे इसको और गति कैसे दे सकते हैं उस पर विचार विमर्श होगा । शताब्दी पूर्ती वर्ष के संदर्भ में आगामी समय में कैसे समाज के सामने लाया जाए ? उस विषय पर चर्चा होगी । विजयादशमी उद्बोधनमें पूजनीय सरसंघचालकजी ने आह्वान किया था कि, शाखा के आसपास के क्षेत्र में सामाजिक परिवर्तन के लिए लगातार प्रयास चल रहे है । विशिष्ट आह्वान जैसे कि समरसता के प्रयास, पर्यावरण के संदर्भ में अपनी जीवनशैली कैसी हो, पानी बचाना, प्लास्टिक का उपयोग कम से कम हो और सुखी परिवार के साथ समाज की दृष्टी से अच्छा कार्य करने वाला परिवार कैसे बनायें, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य समेत पांच आह्वान किये थे, जिसको लेकर समाज को साथ लेकर स्वयंसेवकों को आगे जाना है इन सभी कार्यों को गति देने का विचार विमर्श होगा. देशभर से 381 कार्यकर्ता आये हैं, कार्यकारी मंडल बैठक में पूरे देशका प्रतिनिधित्व होता है । देश में जैसे संघ कार्य के बारे में चर्चा होती हैं, जमीनी अनुभवों के बारे में करणीय बातों पर भी चर्चा होगी । 5 तारीख सुबह 9 बजे बैठक प्रारंभ होगी एवं 7 तारीख को सायं 6 बजे समाप्त होगी ।

संपर्क
चिराग कोठारी
9925012014

image_print

एक निवेदन

ये साईट भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कृति को समर्पित है। हिंदी के विद्वान लेखक अपने शोधपूर्ण लेखों से इसे समृध्द करते हैं। जिन विषयों पर देश का मैन लाईन मीडिया मौन रहता है, हम उन मुद्दों को देश के सामने लाते हैं। इस साईट के संचालन में हमारा कोई आर्थिक व कारोबारी आधार नहीं है। ये साईट भारतीयता की सोच रखने वाले स्नेही जनों के सहयोग से चल रही है। यदि आप अपनी ओर से कोई सहयोग देना चाहें तो आपका स्वागत है। आपका छोटा सा सहयोग भी हमें इस साईट को और समृध्द करने और भारतीय जीवन मूल्यों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए प्रेरित करेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

लोकप्रिय

उपभोक्ता मंच

- Advertisment -

वार त्यौहार