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दुनिया का सबसे छोटा बीज भारत में होने का दावा

अरुणेश, नोएडा। विश्व का सर्वाधिक छोटा बीज जिसे खुली आंख से नहीं देखा जा सकता है उसके भारत में होने का दावा नोएडा स्थित बॉटनिक गार्डन के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ शिव कुमार ने किया है। दावे के समर्थन से जुड़े प्रमाण के आधार पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के समक्ष भी दावेदारी पेश करते हुए इससे संबंधित तथ्य का पेटेंट कराने एवं गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कराने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मंत्रालय को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि इस बीज की खोज उन्होंने बॉटनिक गार्डन के नर्सरी संख्या एक में 25 मार्च को की थी। इसके बाद इस बीज से 268 पौधे की नर्सरी लगाई गई है। बीज की पहचान नॉर्थ ईस्ट और कश्मीर की घाटियों में पाए जाने वाले कोलरलो राइजा ट्राइफिट के नाम से करते हुए कहा है कि इसके बीज को खुली आंखों से नहीं देखा जा सकता है। इसका आकार एक मिलीमीटर से भी कम अर्थात 836 माइक्रोन है।

सबसे छोटा बीज होने का रिकार्ड अमेरिकी पौधा कोलरलोराइजा माकूलाटा के बीज के नाम है। उस पौधे के बीज का आकार एक हजार माइक्रोन है, जिसे 2003 में इस बीज की पैमाइश करने के बाद किया गया था। कोलरलोराइजा माकूलाटा नाम का बीज पौधा मूल रूप से अमेरिका, कनाडा और रूस में पाया जाता है। 2003 में डब्ल्यू. पी. ऑम्सट्रांग एवं उनके सहयोगी वैज्ञानिकों ने इसकी खोज करते हुए पहली फोटो खींचने का दावा किया था।

अमेरिकी बीज

वैज्ञानिक नाम : कोलरलोराइजा माकूलाटा

इसका उपयोग त्वचा रोग के लिए किया जाता है।

लंबाई 1000 माइक्रोन

गोलाई 200 माइक्रोन

भारतीय बीज

वैज्ञानिक नाम : कोलरलोराइजा माकूलाटा ट्राइफिटा

इसका उपयोग बुखार को कम करने के लिए औषधि के रूप में किया जाता है।

लंबाई 799 से 836 माइक्रोन

गोलाई 117 से 124 माइक्रोन

‘हमने अपनी खोज के बारे में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को अवगत करा दिया है। साथ ही इससे संबंधित शोध संस्था को भी पत्र प्रमाण के साथ प्रस्तुत किया है। पूरा विश्वास है कि दावे को स्वीकार करते हुए यह रिकार्ड भारत के नाम किया जाएगा।’

– डॉ शिव कुमार, प्रमुख वैज्ञानिक, बॉटनिक गार्डन

साभार http://naidunia.jagran.com/ से

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