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प्रधानमंत्री की ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ में जोधपुर रीजन के डाकघरों में खुले 1 लाख से ज्यादा खाते

बेटी को बोझ न समझें और न ही उसके जन्म पर निराश हों, क्योंकि बिना बेटी के परिवार नामक संस्था का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जायेगा। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के इस संदेश ने लोगों के मर्म को छुआ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना को राजस्थान के लोगों ने हाथों हाथ लिया है। राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि जनवरी माह तक राजस्थान के डाकघरों में दो लाख बहत्तर हजार खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें अकेले जोधपुर रीजन ने 1 लाख से ज्यादा खाते खोले हैं। जयपुर रीजन ने 79, 567 अजमेर रीजन ने 91,581 और जोधपुर रीजन ने 1, 00, 852 सुकन्या खाते खोले हैं।

गौरतलब है कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22, जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ अभियान का शुभारम्भ करते हुये बेटियों के लिए विशेष तौर पर ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ की घोषणा की थी। इसमें किसी भी डाकघर में बेटी के जन्म से लेकर दस साल की उम्र तक खाता खुलवा सकते है। निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि योजना में प्रतिवर्ष न्यूनतम एक हजार तथा अधिकतम डेढ़ लाख रूपये जमा करवाया जा सकता है। बेटी की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत और बेटी के विवाह होने अथवा खाता खुलने की तिथि से 21 साल पूरे होने पर सम्पूर्ण राशि निकाली जा सकती है। वर्तमान में 9.2 प्रतिशत ब्याज दर वाली इस योजना पर आयकर छूट भी है।

डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि बेटियों की उच्च शिक्षा और उनके विवाह में इस योजना से काफी सुविधा होगी। वर्तमान में यदि एक वर्ष की बच्ची का सुकन्या खाता खोला जाये और हर माह इसमें एक हजार रूपये जमा किये जाएँ तो 14 साल तक कुल जमा राशि 1, 68,000 होगी। इस पर वर्तमान 9.2 फीसदी के हिसाब से कुल 4,47,786 रूपये का ब्याज मिलेगा और बालिका को अंतत: एकमुश्त 6,15, 786 की राशि प्राप्त होगी।

आयकर छूट के लिहाज से भी सुकन्या समृद्धि खाता ज्यादा लाभदायी है। पीपीएफ की तरह इसमें भी त्रिस्तरीय अर्थात निवेश राशि, ब्याज और परिपक्वता पर मिलने वाली राशि पर टैक्स छूट मिलती है, पर पीपीएफ में ब्याज दर जहाँ मात्र 8.7 है, वहीं सुकन्या खाते में यह 9. 2 फीसदी है।

डाक निदेशक श्री यादव ने बताया कि आने वाले दिनों में सुकन्या मेले लगाकर और भी लोगों को इससे जोड़ा जायेगा। इसके अलावा हर डाक मंडल में आदर्श के तौर पर एक गाँव को संपूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम बनाया जायेगा।

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