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डाक टिकट संग्राहकों के लिए डाक विभाग की नई पहल

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के दौर में बच्चों व किशोरों में रचनात्मक अभिवृत्ति विकसित करने हेतु डाक विभाग एक नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत उनके फिलेटली डिपॉजिट एकाउंट खुलवाने के साथ-साथ स्कूलों में भी फिलेटली क्लब खोले जाएंगे ताकि विद्यार्थियों में डाक टिकट संग्रह और इसके पीछे छुपे कथ्य व इतिहास के प्रति अध्ययन की अभिरुचि को विकसित किया जा सके। इससे छात्र-छात्राओं की शिक्षा में भी फायदा मिलेगा। यह पहल वाराणसी परिक्षेत्र के नवागत पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने की है। श्री यादव ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता के विकास के साथ-साथ यह भी है कि तमाम समसामयिक विषयों, घटनाओं, देश की विभूतियों, जैव विविधता आदि से बच्चे इन डाक टिकटों के माध्यम से रूबरू हो सकेंगे। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी इससे मदद मिलेगी। फिलहाल अभी इसकी शुरुआत कक्षा 12 तक के बच्चों से होगी क्योंकि शुरू से ही इन डाक टिकटों के माध्यम से उनका सामान्य ज्ञान मजबूत होगा जो आगे काम आएगा।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग ने डाक टिकटों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को रचनात्मक बनाने की भी तैयारी कर ली है। इसके लिए विभाग जल्द ही विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्यों से संपर्क करेगा। स्कूली बच्चों को फिलेटली क्लब से जोड़ने के लिए डाक विभाग विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्यों से मुलाकात कर इसकी शुरुआत करेगा। श्री यादव ने बताया कि, स्कूल अपने यहां फिलेटली डिपाजिट एकाउंट खोलें जिसका अवलोकन कर बच्चे इसे जान सकें और फिलेटली को हॉबी की तरह प्रमोट किया जाए यानी विद्यालय अपनी रचनात्मक कार्यों में इसे भी शामिल करें। मात्र 200 रुपये में किसी भी फिलेटलिक ब्यूरो या प्रधान डाकघर में ये एकाउंट खोला जा सकता है। वाराणसी में फिलेटली ब्यूरो प्रधान डाकघर विश्वेश्वरगंज में है।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया स्कूलों का अपना फिलेटली डिपाजिट एकाउंट खुलने से डाक टिकट, सूचना विवरणिका इत्यादि हर माह पंजीकृत पत्र से स्कूल को भेजा जाएगा। इससे स्कूल डाक टिकट कलेक्शन का डिस्प्ले भी कर सकेंगे। साथ ही इसे लाइब्रेरी में भी रख सकेंगे जिससे बच्चे इसे देख और पढ़ सकेंगे। इसके साथ ही बच्चों को व्यक्तिगत तौर पर भी फिलेटली डिपाजिट एकाउंट खोलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। श्री यादव ने यह भी अपील की कि, स्कूल प्रबंधन बच्चों को जब भी कोई उपहार या पुरस्कार दे तो उसमें बच्चों को फिलेटली डिपाजिट एकाउंट खोलकर दें ताकि हर साल जब विद्यार्थियों के पास डाक टिकटों का संग्रह पहुंचे तो उन्हें स्कूल की तरफ से मिलने वाले सम्मान का अहसास हमेशा ताजा रहे।

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