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मेट्रो – 3 में गिरगांव स्टेशन को शिफ्ट करने की मांग

मुंबई। भारतीय जनता पार्टी के विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने मेट्रो–3 प्रोजेक्ट के गिरगांव स्टेशन को शिफ्ट करने की मांग की है। इस स्टेशन के वर्तमान प्लान की वजह से सबसे ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए उन्होंने मांग की कि मेट्रो–3 प्रोजेक्ट के प्रभावित लोगों के लिए सरकार विशेष सहायता की व्यवस्था करे।

सरकार से मांग करते हुए विधानसभा में बोलते हुए विधायक लोढ़ा ने मांग कि लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए मेट्रो–3 के ट्रैक के आसपास की 50 मीटर के भीतर की इमारतों का सरकार की ओर से बीमा करवाया जाए। इसके साथ ही विधायक लोढ़ा ने विधानसभा में सरकार से यह भी कहा कि मेट्रो–3 के लिए जिन इमारतों के लोगों को विस्थापित किया जाना है, उन्हें उनके वर्तमान स्पेस से डेढ़ गुना स्पेस के घर बनाकर दिए जाने चाहिए। 

उल्लेखनीय है कि मेट्रो–3 प्रोजेक्ट की वजह से साउथ मुंबई की 28 इमारतें और 1,754 झोपड़े प्रभावित हो रहे हैं। इन इमारतों में करीब 800 परिवार रह रहे हैं। विधायक लोढ़ा ने विधानसभा में सरकार से कहा कि जिस रास्ते से मेट्रो–3 गुजरेगी, वहां की कई इमारतें बहुत पुरानी हैं, जो आनेवाले कुछ ही सालों में निश्चित रूप से रीडेवलपमेंट में जाएंगी। उनके रीडेवलपमेंट हेतु वहां और गहरी पाइलिंग के लिए तब उनको अतिरिक्त जगह की जरूरत होगी, सरकार को मेट्रो – 3 के प्लान में इस बात का भी खयाल रखना होगा। विधायक लोढ़ा ने मांग की कि मेट्रो – 3 के स्टेशनों के डिजाइन इस तरह से बनाए जाएं ताकि जिन इमारतो के लोग प्रभावित हो रहे हैं, उनका वहीं पर आसानी से पुनर्वास किया जा सके।

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कौशल और स्वावलम्बन का ‘युवा बजट’ प्रदेश की नई इबारत

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में एक ऐतिहासिक कदम के तहत घोषित पृथक युवा बजट को लायंस केबिनेट एडवाइज़र, डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन चेयरमैन और राज्य अलंकरण से सम्मानित दिग्विजय कालेज के प्राध्यापक डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने क्रांतिकारी निरूपित किया है। उनका मंतव्य है कि इससे प्रदेश के युवाओं में नई उम्मीद के साथ कुछ नया कर दिखाने का नया ज़ज़्बा पैदा होगा। उनके कौशल उन्नयन से छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी। उनकी सृजनात्मकता को नया आयाम और नया आकाश भी मिल सकेगा। डॉ.जैन का मानना है कि यह युवा बजट स्वयं प्रदेश के स्वावलम्बी कौशल और कौशल से स्वावलम्बी प्रदेश के नव निर्माण का उज्ज्वल प्रतीक है। 

डॉ.जैन ने कहा कि प्रदेश के बजट में युवाओं पर ख़ास फ़ोकस से उनकी अहमियत को लेकर हमारी जागरूकता और युवा शक्ति के प्रति हमारी निष्ठा का सन्देश भी प्रसारित हुआ है। यह विशेष गौरवशाली राज्य निर्माण की दिशा में एक लाज़वाब कदम है। 

डॉ.जैन कहा कि बजट में युवा क्षमता विकास योजना और कौशल उन्नयन कार्यक्रम, नवीन विश्वविद्यालय की स्थापना, बस्तर, कांकेर, रायपुर, दुर्ग तथा राजनांदगांव में आदर्श आवासीय महाविद्यालय की स्थापना, 36 महाविद्यालयों में नवीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम का आगाज़, अंबिकापुर तथा राजनांदगांव चिकित्सा महाविद्यालय के लिए विशेष राशि का प्रधान, महाविद्यालयों में निःशुल्क वाई-फाई सुविधा,17 नवीन आई.टी.आई. तथा 03 नवीन पॉलिटेक्निक की स्थापना, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग में कामकाजी महिला हॉस्टल निर्माण, आजीविका महाविद्यालयों के भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए प्रावधान सहित जनवरी, 2016 में राष्ट्रीय युवा उत्सव आयोजन जैसे फैसले साफ़ तौर पर छत्तीसगढ़ की अभिनव युवा उड़ान का सन्देश लेकर आये हैं। युवा विकास के नए संकल्प को शासकीय प्रयत्नों के साथ-साथ तमाम सामाजिक-सांस्कृतिक-स्वयंसेवी क्षेत्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा। 
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संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में मूल्यनिष्ठता पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार

मध्यप्रदेश सरकार और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की ओर से 14-15 मार्च को होगा आयोजन

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तत्वावधान में 'संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में मूल्यनिष्ठता' विषय पर 14-15 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रीय संविमर्श का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है। संविमर्श में मीडिया सरोकारी, मीडिया शिक्षक, मीडिया विशेषज्ञ और शोधार्थी मिलकर भारतीय चिंतनधारा के अनुरूप मीडिया की रचना खड़ी करने पर विचार करेंगे। संविमर्श में मीडिया प्रोफेशनल्स के मूल्यों पर विमर्श किया जाएगा और उनके लिए मूल्यों के निर्धारण की कोशिश भी की जाएगी। साथ ही मीडिया और जनसंचार की सभी विधाओं में कार्यरत प्रोफेशनल्स के लिए आवश्यक जीवन मूल्यों को भी चिह्नित करने का प्रयास किया जाएगा। संविमर्श में देशभर से मीडिया विशेषज्ञ, मीडिया शिक्षक और मीडिया सरोकारी शामिल होंगे। 14 मार्च को सुबह 11 बजे संविमर्श का उद्घाटन होगा। इसमें मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव मुख्य अतिथि होंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला करेंगे। वर्ष 2016 में होने वाले सिंहस्थ के परिप्रेक्ष्य में इस राष्ट्रीय संविमर्श का आयोजन किया जा रहा है।

     आस्था का महाकुम्भ सिंहस्थ 22 अप्रैल से 21 मई, 2016 को उज्जैन में होगा। भारतीय परम्परा में कुम्भ सिर्फ मिलन का स्थान, सार्वजनिक मेला या स्नान का लाभ प्राप्त करने का स्थान भर नहीं है, वरन वह अपने समाज के बीच समरसता और संवाद का माध्यम भी बनता रहा है। कुम्भ युगों-युगों से विचार-विमर्श, शास्त्रार्थ और संवाद की अनंत धाराओं के समागम का केन्द्र रहा है। देश-दुनिया से आने वाले विद्वान यहां चर्चा-संवाद के माध्यम से भारतीय ज्ञान-विज्ञान की तमाम परंपराओं का अवगाहन करते हैं, विश्लेषण और मूल्यांकन करते हैं तथा नए रास्ते दर्शाते हैं। भारतीय चिंतन संपूर्णता में विचार का दर्शन है। उसकी दृष्टि एकांगी नहीं है इसलिए यहां विमर्श स्वाभाविक और निरंतर है। इसी भावभूमि में मध्यप्रदेश सरकार और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तत्वावधान में 'संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में मूल्यनिष्ठता' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संविमर्श का आयोजन किया जा रहा है। इस संविमर्श का उद्देश्य विचार-विमर्श की मदद से भारतीय मीडिया जगत की दशा और दिशा को सुदृढ़ करने की ओर बढऩा है।
             राष्ट्रीय संविमर्श में पहले दिन तीन सत्रों में मानव जीवन के मूल्य और उनकी मीडिया में प्रासंगिकता, मीडिया वृत्तिज्ञों : जनसंपर्क, विज्ञापन, न्यू मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया शिक्षक, मीडिया शोधार्थी, सूचना अधिकार कार्यकर्ता, एनजीओ कार्यकर्ता और मीडिया विद्यार्थियों के मूल्य विषयों पर विमर्श किया जाएगा। इस दौरान कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद जोशी, दिल्ली से प्रख्यात जनसंपर्क विशेषज्ञ श्री सुभाष सूद, जागरण लेक सिटी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अनूप स्वरूप, चंडीगढ़ से वरिष्ठ पत्रकार श्री अशोक मलिक, दिल्ली से श्री केजी सुरेश, डॉ. निमो धर, श्री विनोद सी. अग्रवाल और हिसार से डॉ. एमआर पात्रा सहित अन्य विद्वान संविमर्श में शामिल रहेंगे। दूसरे दिन मीडिया वृत्तिज्ञों : संपादक, उपसंपादक, रिपोर्टर, लेखक, मीडिया प्रबंधक और फिल्म निर्माता के जीवन मूल्यों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दौरान दिल्ली से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. रामजी त्रिपाठी, श्री विजय क्रांति, रायपुर से श्री अनिल द्विवेदी और इंदौर से श्री विजय मनोहर तिवारी सहित अन्य विद्वान संविमर्श में शामिल होंगे और अपने विचार व्यक्त करेंगे।
              
 
(पवित्र श्रीवास्तव)
विभागाध्यक्ष, जनसंपर्क

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विधायक लोढ़ा भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य मनोनीत

मुंबई। महाराष्ट्र के वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा को भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के निर्देशानुसार आज नई दिल्ली में जारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों, स्थायी आमंत्रित सदस्यों एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची में लोढ़ा महाराष्ट्र से अकेले विधायक हैं, जिन्हें पार्टी में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में यह सम्मान मिला है।

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महाराष्ट्र से जिन सदस्यों का समावेश है, उनमें केंद्रीय मंत्रियों नितिन गड़करी, प्रकाश जावडेकर, पीयूष गोयल, हंसराज अहीर और सुरेश प्रभु  के अलावा महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, एकनाथ खड़से एवं विनोद तावड़े सहित सांसद किरीट सोमैया का समावेश है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पार्टी संगठन में स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किए गए है। इनके अलावा फिल्म अभिनेता सुरेश ओबरॉय एवं वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा सहित लधाराम नागवानी को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सम्मिलित किया गया है। विधायक लोढ़ा ने अपने मनोनयन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के प्रति आभार जताया है। 

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मुंबई में सरदार पटेल के अंत्येष्टि स्थल पर स्मारक बनाएगी महाराष्ट्र सरकार

 मुंबई। सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृतियों को स्थायी रखने के लिए दक्षिण मुंबई में महाराष्ट्र सरकार उनका स्मारक बनाएगी। आजादी के बाद भारत की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले सरदार पटेल का यह स्मारक मरीन लाइंस स्थित चंदनवाड़ी में बनेगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया था। वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने भाजपा के वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा को यह आश्वासन देते हुए कहा कि सरदार पटेल के स्मारक हेतु अगले कुछ ही दिनों में प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
 
मुंबई की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार से मिलकर विधायक लोढ़ा ने सरकार से मांग की कि आनेवाली पीढ़ियों को राष्ट्र के रक्षकों के प्रयासों से प्रेरणा मिल सके। इसके लिए सरदार पटेल के अंतिम संस्कार स्थल चंदनवाड़ी में उनका स्मारक बनाया जाए। विधायक लोढ़ा ने मांग की कि इस स्मारक पर सरदार पटेल की जीवन गाथा एवं भारत की एकता व अखंडता के लिए किए गए उनके प्रयासों की जानकारी के पट्ट सहित उनकी प्रतिमा की भी स्थापना की जाए। वित्त मंत्री मुनगंटीवार ने इस मांग को स्वीकारते हुए कहा कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। विधायक लोढ़ा को वित्त मंत्री ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि मुंबई में सरदार पटेल का यह स्मारक उन्हें श्रेष्ठ श्रद्धांजली स्वरूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि कुछ ही समय में चंदनवाड़ी में सरदार पटेल के स्मारक की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
 
उल्लेखनीय है कि 15 दिसंबर 1950 को मुंबई में सरदार पटेल का निधन हुआ था एवं मरीन लाइंस स्थित चंदनवाड़ी में अंतिम संस्कार किया गया था। लेकिन सरदार पटेल की कोई याद दिलाने योग्य न तो चंदनवाड़ी और न ही इसके आसपास कहीं भी कोई स्मारक या स्मृति स्थल है। विधायक लोढ़ा ने वित्त मंत्री से मांग की है उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा नेतृत्ववाली प्रथम सरकार की सरदार पटंल को यह सच्ची श्रद्धांजली होगी कि सरकार इसी साल मुंबई में उनके अंतिम संस्कार स्थल पर सरदार पटेल का स्मारक बनाए। 

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चलती गाड़ी में मिलेगा खाली बर्थ का टिकट

इमरजेंसी में यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को अब बर्थ मिलना आसान हो सकेगे। इसके लिए रेलवे द्वारा ट्रेवलिंग टिकट एग्जामिनर (टीटीई) को हैंडहेल्ड डिवाइस दिए जाएंगे। अप्रैल के महीने से भोपाल सहित देश के एक दर्जन से ज्यादा रेल मंडलों से गुजरने वाली ट्रेनों में इस योजना की शुरुआत होगी।

रेल मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक हैंड हेल्ड डिवाइस टीटीई को दिया जाएगा। वे चार्ट बनने के बाद ट्रेन में खाली रह गई सीटों की जानकारी इंटरनेट के माध्यम से ले लेंगे। टीटीई सबसे पहले इस पर खाली बर्थ देखकर आरएसी व वेटिंग वाले यात्रियों को बर्थ देंगे। इसके बाद बची हुई सीट को जरूरतमंद यात्रियों को दिया जाएगा। रेल मंत्रालय ने इस डिवाइस के लिए विभिन्न रेल मंडलों को 1 से 3 करोड़ रुपए तक मंजूर कर दिए हैं।
भोपाल एक्सप्रेस से होगी शुरुआत: इधर, रेल मंडल की प्रीमियम ट्रेन भोपाल एक्सप्रेस से इस सुविधा की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे रेवांचल, जन शताब्दी, विंध्याचल, हबीबगंज-जबलपुर इंटरसिटी आदि में यह सुविधा मिलने लगेगी। हैंडहेल्ड डिवाइस का फायदा यह भी होगा कि जिस यात्री को भी खाली सीट दी जाएगी। उससे लिए जाने वाले चार्ज की प्रिंटेड रसीद भी तत्काल उसे मिल जाएगी।

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दस लाख की डस्टर कार कचरा ढोने के लिए दान में दी

रामगंजमंडी (कोटा). राजस्थान के कोटा में बुधवार को दिलचस्प वाक्या देखने को मिला। कार कंपनी की खराब सर्विस से खिन्न एक व्यवसायी ने 10 लाख रु. की गाड़ी कचरा उठाने के लिए दान कर दी।
कोटा के रामगंजमंडी के मोड़क स्टेशन गांव के ग्राम पंचायत कार्यालय में एक समारोह आयोजित किया गया। इसमें ग्राम प्रधान भगवानसिंह धाकड़ और बीडीओ जगदीश मीणा मौजूद थे।

व्यवसायी राजेश पारेता आए और सरपंच ममता मेवाड़ा को अपनी डस्टर कार की चाबी सौंपते हुए कहा ‘आज से यह गाड़ी आप लोगों की, मेरी बस एक ही शर्त है कि इस कार से केवल कचरा उठाने का ही काम होना चाहिए।’ पारेता की यह बात सुनकर और कार को देखकर वहां मौजूद लोग चौंक गए। दरअसल दान देने से पहले वे खुद ही गाड़ी पर बड़े-बड़े अक्षरों ‘कचरा पात्र वाहन’ लिखवाकर लाए थे।

 
राजेश पारेता ने बताया कि 2012 में उन्होंने यह डस्टर खरीदी थी। शुरुआत से ही कार के इलेक्ट्रिक सिस्टम और एयर कंडीशन में समस्या थी। साल के 365 में से 200 दिन कार कंपनी के वर्कशॉप में ही पड़ी रही। इसके बाद भी कंपनी वाले कार नहीं सुधार सके। परेशान होकर मैंने इसे गांव का कचरा उठाने के लिए दान कर दिया।

रोल्स रॉयस का किस्सा
मशहूर किस्सा है कि लंदन यात्रा के दौरान अलवर के महाराज जय सिंह सादे कपड़ों में रोल्स रॉयस शोरूम में गए तो उन्हें अपमानित कर निकाल दिया। उन्होंने वापस संदेश भिजवाया की अलवर के महाराजा कार खरीदने आ रहे हैं तो स्वागत में रेड कार्पेट बिछाया गया। उन्होंने वहां खड़ी सभी छह रोल्स रॉयस कारें खरीद लीं। अलवर पहुंचने पर कारों को कचरा उठाने में लगा दिया। कंपनी के माफी मांगने के बाद ही कचरा उठवाना बंद किया।

साभार- दैनिक भास्कर से 

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हिन्दी सेवी जगदीप सिंह डांगी का नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्डस 2015 में दर्ज हुआ

जगदीप सिंह डांगी, एसोसिएट प्रोफ़ेसर, प्रौद्योगिकी अध्ययन केंद्र, भाषा विद्यापीठ, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा का नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्डस 2015 में दर्ज किया गया है। यह सम्मान प्रो. डांगी को हिंदी के प्रथम वर्तनी परीक्षक सॉफ़्टवेयर ‘सक्षम’ को विकसित करने पर दिया गया। इससे पहले भी इनका नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्डस 2007 में हिंदी के प्रथम इंटरनेट एक्सप्लोरर आई-ब्राउज़र++ को विकसित करने पर दर्ज किया जा चुका है। ‘सक्षम’ यूनिकोड समर्थित ऐसा पहला ख़ास वर्तनी परीक्षक सॉफ़्टवेयर है जोकि यूनिकोड समर्थित एम.एस. विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम आधारित एम.एस. वर्ड के सभी ऑफिस संस्करणों के साथ में लिंक होकर कार्य करने में पूर्ण सक्षम है।
क्या है सक्षम सॉफ़्टवेयर?
सक्षम – यूनिकोड हिंदी देवनागरी हेतु वर्तनी परीक्षक
Saksham – Unicode Based Devanagari Hindi Spell Check Software
यह यूनिकोड फ़ॉन्ट आधारित देवनागरी हिंदी पाठ के लिए वर्तनी परीक्षक सॉफ़्टवेयर है। इसके माध्यम से यूनिकोड फ़ॉन्ट आधारित देवनागरी हिंदी में लिखे गए पाठ की वर्तनी को जाँचने, सुधारने एवं संशोधन करने में सहायता मिलती है। यह पाठ के शब्दों की वर्तनी में हुई अशुद्धियों को हाईलाइट करते हुए शब्दों की लगभग सभी शुद्ध वर्तनियों को दर्शाता है। यह विंडोज़ के एम.एस. वर्ड सॉफ़्टवेयर के अंदर कार्य करने में पूर्ण सक्षम है। वर्तमान में इसके अंदर हिंदी के 1 लाख शब्द संगृहीत हैं भविष्य में लगभग पाँच लाख मानक शब्द संगृहीत करने का लक्ष्य है। 

सक्षम सॉफ़्टवेयर की विशेषताएँ:- 
1.    विंडोज़ के एम.एस. वर्ड सॉफ़्टवेयर के अंदर कार्य करने में पूर्ण सक्षम है।
2.    यह यूनिकोड आधारित मानक हिंदी के लिए पहला वर्तनी परीक्षक सॉफ़्टवेयर है। 
3.    सॉफ़्टवेयर का संपूर्ण इंटरफ़ेस देवनागरी लिपि (हिंदी भाषा) में है। 
4.    यह यूनिकोड फ़ॉन्ट आधारित देवनागरी एवं रोमन फ़ॉन्ट में लिखे हुए द्विभाषी पाठ में से यह रोमन फ़ॉन्ट में लिखे हुए पाठ को छोड़ कर सिर्फ़ देवनागरी पाठ की वर्तनी जाँचने में पूर्ण सक्षम है। 
5.    तालिका के रूप में लिखे हुए पाठ पर भी यह सॉफ़्टवेयर कार्य करने में पूर्ण सक्षम है। 
6.    यह परीक्षण के दौरान प्राप्त अशुद्ध वर्तनी वाले शब्द को हाईलाइट करता है एवं उक्त अशुद्ध वर्तनी वाले शब्द के लिए कुछ शुद्ध वर्तनी युक्त संभावित शब्दों का सुझाब भी देता है। 
7.    परीक्षण के दौरान हाईलाइट वाले शब्द को उपयोगकर्ता अपने शब्दकोश में सम्मिलित भी कर सकता है और उसे छोड़ भी सकता है इसके लिए उपयुक्त कमांड कुंजियाँ दी गईं हैं।

इससे पूर्व भी प्रो. डांगी ने हिंदी के लिए कई महत्वपूर्ण सॉफ़्टवेयर विकसित किए हैं। जिनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार से है:-
1.    प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक (अस्की/इस्की फ़ॉन्ट से यूनिकोड फ़ॉन्ट में परिवर्तन हेतु) 
2.    यूनिदेव (यूनिकोड फ़ॉन्ट से अस्की/इस्की फ़ॉन्ट में परिवर्तन हेतु) 
3.    शब्द-ज्ञान (यूनिकोड आधारित हिंदी-अँग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश) 
4.    प्रखर देवनागरी लिपिक (यूनिकोडित रेमिंगटन टंकण प्रणाली आधारित) 
5.    प्रलेख देवनागरी लिपिक (यूनिकोडित फ़ॉनेटिक इंग्लिश टंकण प्रणाली आधारित) 
6.    आई-ब्राउज़र++ (प्रथम हिंदी इंटरनेट एक्सप्लोरर) – लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्डस – 2007 में दर्ज 
7.    अँग्रेज़ी-हिंदी शब्दानुवादक (ग्लोबल वर्ड ट्रांसलेटर) 
8.    शब्द-संग्राहक 
9.    शब्दकोश (हिंदी-अँग्रेज़ी-हिंदी) 
10.    वर्धा हिंदी शब्दकोश (हिंदी-हिंदी)

परिचय:-
जगदीप सिंह दांगी महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा में एसोसिएट प्रोफ़ेसर के पद पर कार्यरत हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनका हिंदी सॉफ़्टवेयर विकास कार्य उल्लेखनीय है। वे निरंतर 12 वर्षों से हिंदी भाषा में कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर का विकास कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें अनेक राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित व पुरस्कृत किया गया है और उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस – 2007 में ससम्मान दर्ज किया गया है। प्रो. दांगी के अनेक साक्षात्कार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के समाचार चैनल, वेब-साइट्स एवं पत्र-पत्रिकाओं में समय समय पर प्रकाशित किए गए हैं। उनका प्रयास हिंदी भाषा को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पूर्ण रूप से स्थापित कर अन्य सभी भाषाओं के साथ संयोजन स्थापित करने का है। — 

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मोदीजी भारत सरकार में हिन्दी के अच्छे दिन कब आएँगे

महोदय/महोदया,

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (रअविस) अथवा डीआरडीओ का प्रतीक चिह्न द्विभाषी रूप में नहीं है जबकि राजभाषा अधिनियम के अनुसार इसे पूर्णतः द्विभाषी होना चाहिए। 

रअविस अपनी बैठकों/कार्यक्रमों के बैनर/पोस्टर एवं अतिथि नाम पट  केवल अंग्रेजी में तैयार करता है जबकि भारत अब अंग्रेजों का गुलाम नहीं हैं और राजभाषा कानून भी स्पष्ट है.राजभाषा अधिनियम कहता है भारत सरकार के हर कार्यालय /निकाय के लिए यह अनिवार्य है कि 'क' क्षेत्र में होने वाले सभी कार्यक्रमों/बैठकों (राष्ट्रिय /अंतरराष्ट्रीय) के बैनर/पोस्टर/आमंत्रण -पत्र/ अतिथि नामपट अनिवार्य रूप से द्विभाषी (हिन्दी-अंग्रेजी में एकसाथ) बनाए/छपवाए जाएँ और 'ख' एवं ''ग' क्षेत्र में त्रिभाषी रूप में (प्रांतीय भाषा /हिन्दी /अंग्रेजी एकसाथ). 

रअविस की हिंदी वेबसाइट पर अद्यतित नहीं की जा रही है और हिंदी वेबसाइट पर सभी अन्य पीडीएफ फाइलें केवल अंग्रेजी में हैं. 

उदाहरण के लिए हाल ही आयोजित निम्न कार्यक्रमों के लिए के बैनर/पोस्टर एवं अतिथि नाम पट केवल अंग्रेजी में छपवाए गए गए, चित्र भी इसी क्रम में संलग्न हैं:

१. अग्नि, विस्‍फोटक एवं पर्यावरण सुरक्षा केन्‍द्र की निदेशक डा. चित्रा राजगोपाल 08 मार्च, 2015 को नई दिल्‍ली में अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ''अनुसंधान और विज्ञान में उत्‍कृष्‍ट महिला नवाचारक'' विषय पर राष्‍ट्रीय कार्यशाला के दौरान विजेता-2015 चुनी गई माउंट एवरेस्‍ट पर चढ़ने वाली पहली निशक्‍त महिला सुश्री अरुणिमा सिन्‍हा को एक स्‍मृति चिह्न भेंट करती हुई।
२. योजना (स्वतंत्र प्रभार) और रक्षा राज्य मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह और भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्री श्री जी.एम. सिद्धेश्वरा 16 फरवरी, 2015 को बेंगलुरू में "एयरोस्पेस: विजन 2050" पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर 'संगोष्ठी स्मारिका' और 'उपयुक्तता और प्रमाणन' पर एक विशेष अंक का विमोचन करते हुए।
३. पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम 18 दिसंबर, 2014 को अवाड़ी, चेन्नई में कॉम्‍बेट व्‍हीकल्‍स रिसर्च एंड डवलपमेंट (सीवीआरडीई) में दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस ऑन कंडीशन मॉनटरिंग (एनसीसीएम)-2014 के उद्घाटन के बाद मुख्य संबोधन करते हुए.

कृपया राष्ट्रपति जी के आदेशों एवं राजभाषा कानून का पालन करवाएँ।

भवदीय, 
प्रवीण जैन 
ए -103, आदीश्वर सोसाइटी, 
श्री दिगंबर जैन मंदिर के पीछे,
सेक्टर-9ए, वाशी, नवी मुंबई – 400 703

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बेटे के हाथ नहीं रहे तो पिता ने बनवा ली बगैर हैंडल वाली साइकिल

अब्दुल कादिर रतलाम में रहते हैं। उनके पिता हुसैन इंदौरी ने बताया, 'अब्दुल कादिर को साइकिल चलाने का बेहद शौक था। साल भर पहले ही उसे नई साइकिल ला कर दी थी, एक-दो बार ही साइकिल चलाई थी कि भोपाल में करंट लगने के कारण हाथ चले गए। हाथ गंवाने के बाद अकसर उसे साइकिल चलाने का मन होता था। दूसरे बच्चों को साइकिल चलाते हुए देखता था तो रोता था। उसके इस शौक को पूरा करने के लिए बाजार में ऐसी साइकिल ढूंढी जो बिना हाथ के चलाई जा सके, लेकिन नहीं मिली। फिर इंटरनेट पर सर्च किया तो विदेशों में इस तरह के मॉडल दिखे। रतलाम के ही एक कारिगर काे ऐसी साइकिल बनाने का आइडिया दिया तो वह साइकिल बनवाने के लिए तैयार हो गया। हमने काम शुरू किया। बैलेंस का गणित बिठाया। यह भी ध्यान रखा कि साइकिल मुड़ते समय बैलेंस न बिगड़े। चार से पांच बार ट्रायल किया और दस दिन में तीन पहियों वाली साइकिल तैयार कर ली। अब अब्दुल कादिर खुद साइकिल चलाता है।'

हुसैन इंदौरी बताते हैं, 'साइकिल का ज्यादातर काम कारिगर सरफराज शैख ने ही किया। मेरा काम अाइडिया देने और बैलेंस बनवाने का रहा। जब हम घर पर साइकिल तैयार कर रहे थे तो अब्दुल कादिर भी हमें सजेशन देता था। अब्दुल की सेफ्टी के लिए हमने साइकिल में सीट बेल्ट भी लगाया। वहीं साइकिल में पैर से ब्रेक लगा सकते हैं।'

हुसैन इंदौरी ने बताया, "बेटा अब्दुल कादिर बीते साल 20 मई को राजधानी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले रिश्तेदार के यहां आया था। 24 मई की दोपहर वह मकान की छत पर खेल रहा था। तभी, छत के ऊपर से निकली हाइटेंशन लाइन को उसने पकड़ लिया था। हादसे में अब्दुल के दोनों हाथ झुलस गए थे। हादसे के बाद भोपाल के अस्पतालों में कराए इलाज से आराम नहीं मिलने पर, उसे मुंबई के मासीना हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान झुलसे हुए हाथों में संक्रमण बढ़ने पर डॉक्टरों ने उसके दोनों हाथ कंधे से काट दिए थे।"

 
हुसैन इंदौरी बताते हैं, "अब्दुल कादिर के इलाज में 8 से 9 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। कृत्रिम हाथ लगवाने का खर्च अब 13 लाख रुपए आ रहा है। इसलिए पिछले दिनों मुख्य सचिव से मिलकर मदद के लिए गुजारिश की थी। मुख्य सचिव एंटोनी डिसा को बेटे के कटे हाथों के स्थान पर आर्टिफिशियल इलेक्‍ट्रॉनिक हाथ लगवाने पर 13.5 लाख रुपए खर्च आने का दिल्ली के निजी अस्पताल का कोटेशन दिया था। इस पर उन्होंने बेटे को सरकारी खर्च पर आर्टिफिशियल इलेक्‍ट्रॉनिक हाथ लगवाने का आश्वासन दिया है। हालांकि इस बात को दो महीने बीत चुके हैं लेकिन अब तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।''

साभार- दैनिक भास्कर से 

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