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भाषा के अनेक अवतार: विकास की दिशा में?

आजकल भाषा के क्षेत्र में हमें अकसर यह सुनने को मिल रहा है कि विश्व भाषा चित्रपट पर एक नई भाषा पनप रही है, उसकी महक एक देश में नहीं, पर अनेक देशों में छा रही है, वह है देश विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों द्वारा बोली जाने वाली अंग्रेजी, अर्थात, हिन्दी या हिन्दुस्थान की अन्य भाषा पदजाल से मिश्रित अंग्रेजी, जिसे भाषाविदों ने हिंग्लिष (Hinglish) नामकरण से अलंकृत किया है। ।

भारत में ही बोली जाने वाली अग्रेजी को हिंग्रेजी (हिंग्लिष) के अलावा, केरल में मंग्लिष (मलयालम मिश्रित्),तमिलनाडु में तंग्लिष (तमिल मिश्रित्), पंजाब में पंग्लिष (पंजाबी मिश्रित), पश्चिम बंगाल में बंग्लिष (बंगाली मिश्रित) इत्यादि अवतारों में देख सकते हैं । इसे हिंग्लिष कहिए या Tiklish English कहिए ।

बहरहाल प्रस्तुत है इसी मुद्दे को लेकर जिरह छेड़ते कुछ ज्वलंत सवाल श्रीमति अंडाल जी के द्वारा:
http://hindicenter.com/hindisection/139-many-forms-of-languages-towards-progress

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श्री सुरेश प्रभु ने कहा, नहीं होगा रेल्वे का निजीकरण

रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा। प्रभु ने सरकार द्वारा रेलवे में पीपीपी मॉडल के तहत एफडीआई को बढ़ावा दिए जाने की वजह से उठ रही उसके निजीकरण की आशंकाओं को खारिज कर दिया। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में किसी तरह का कोई निजीकरण नहीं होगा। निजी क्षेत्र की सहभागिता के बावजूद रेलवे राष्ट्रीय संपत्ति है और रहेगी।

प्रभु ने रेल मंत्री ने बडे पैमाने पर कर्ज लेकर रेलवे के विस्तार की आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि यात्री किराए और मालमाडे में वृद्धि करने तथा बजटीय आवंटन के पारंपरिक तरीके से हम लंबित परियोजनाओं को पूरा नहीं कर पाएंगे। साथ ही उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि क्या इसके लिए यात्री और माल किराया बढाया जाए ? इसके साथ ही लोकसभा ने रेलवे की वर्ष 2015-16 के लिए लेखानुदान की मांगों और 2014-15 के अनुदान की अनुपूरक मांगों तथा इससे जुडे विनियोग विधेयकों को ध्वनिमत से अपनी मंजूरी दे दी।

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पत्रकार-लेखक राजेश विक्रांत का 14 मार्च को मुंबई में सार्वजनिक अभिनंदन

राजेश विक्रांत मुम्बई महानगर के साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजनों के सुपरिचित हस्ताक्षर  हैं। मुम्बई की पत्रकारिता व् लेखन में पिछले 25 सालों से सक्रिय लेखक पत्रकार राजेश विक्रांत के जीवन की स्वर्ण जयंती पर साहित्य सेवा फाउंडेशन मुम्बई की ओर से उनका सार्वजनिक अभिनन्दन समारोह कवि- पत्रकार और महाराष्ट्र टीवी के कांसेप्ट एडिटर अमर त्रिपाठी के नेतृत्व में साहित्य सेवा फाउंडेशन द्वारा शनिवार 14 मार्च 2015 की शाम विलेपार्ले के सन्यास आश्रम सभागार में मनाया जाएगा। 
      

कार्यक्रम में राजेश विक्रांत के व्यक्तित्व व कृतित्व पर आधारित तथा 'दोपहर का सामना' के मुख्य उप सम्पादक श्री अभय मिश्र के अतिथि सम्पादन में राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक विकलांग की पुकार" के "बन्धु विशेशांक" का विमोचन भी किया अपने पिता स्व. श्री राम बहादुर मिश्र से लेखन की प्रेरणा प्राप्त करने वाले राजेश विक्रांत ने डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद से बी.ए. की उपाधि हासिल करने के बाद नौकरी के लिये 1989 में मुम्बई में कदम रखा। उन्होंने स्वतंत्र रुप से 1990 से लेखन और पत्रकारिता की शुरूआत की।मुम्बई में उनका प्रथम लेख नवनीत हिंदी डाइजेस्ट में प्रकाशित हुआ। खेल, राजनीति, बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, आर्थिक, विज्ञान-तकनीक, समाज, साहित्य, संस्कृति, अपराध, ज्योतिष आदि विषयों पर विविध अखबारों और पत्रिकाओं के लिए प्रचुर लेखन करने वाले राजेशजी के नवनीत हिंदी डाइजेस्ट, दोपहर का सामना, संडे सामना, वृत्त मित्र, स्वतंत्र जनसमाचार, नई पीढ़ी, मधुर सौगात, नवभारत, जनसत्ता, संझा जनसत्ता, सबरंग, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, दोपहर, हमारा महानगर, बंबई सांझ समाचार, 

                                                               
भारत स्वराष्ट्र, लोकमत समाचार,  मनोरमा, सत्यकथा, निर्भय पथिक, मंच, विकलांग की पुकार, अग्निशिला, हरित जीवन, बिजनेस भास्कर, दैनिक भास्कर, दिव्य भास्कर, डेली न्यूज एंड एनालिसिस, पायनियर (हिंदी) सहित देशभर की 50 से अधिक पत्र-पत्रिकाओं में अब तक  12,000 से भी ज्यादा लेख प्रकाशित हो चुके हैं। 
 

वे संस्कार, स्वस्तिक, आशीर्वाद, वरदान लोक , मोदी कुल, उत्तर चेतना, लोक चेतना आदि विशिष्ट पत्रिकाओं का संपादन भी कर चुके हैं।  इसके अतिरिक्त श्री श्री 1008 हरि चैतन्य ब्रह्मकारी कृत श्रीमत परमहंस अद्भुत चरित-2013 , विकलांग की पुकार के संपादक, समर्पित पत्रकारिता विशेषांक (प्रेम शुक्ल के व्यक्तित्व – कृतित्व पर आधारित) 2012 व 2013 के प्रबंध संपादक होने के साथ-साथ वे साहित्य सारांश डॉट कॉम के संपादक, पत्रकारिता कोश, मीडिया डायरेक्टरी, राजभाषा अधिकारी कोश व मुंबई बिल्डर्स -डेवलपर्स डायरेक्टरी के सहायक संपादक भी हैं।

राजेश विक्रांत की व्यंग्य लेखन में विशेष रूचि है। दोपहर का सामना में साप्ताहिक व्यंग्य स्तंभ बतरस का सितम्बर, 2007 से नियमित लेखन. राष्ट्रीय दैनिक बिजनेस भास्कर में सितंबर 2008 से पर्सनल फाइनेंस संबंधी दो स्तंभों में नियमित योगदान. हिंदी दैनिक पायनियर (लखनऊ) में मनी मार्केट साप्ताहिक स्तम्भ का प्रकाशन। सितंबर, 2014 से राष्ट्रीय हिंदी दैनिक दबंग दुनिया, मुंबई में व्यंग्य स्तंभ "हर हर व्यंग्ये" का प्रकाशन। पुस्तक सत्संग सार एवं मुम्बई में एक और समंदर का संपादन. विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अंतर्राष्ट्रीय कुंभ के अवसर पर दोपहर का सामना द्वारा प्रकाशित भोजपुरी गौरव विशेषांक के अतिथि संपादक. दोपहर का सामना दीपावली विशेषांक-2011 के संपादन मंडल सदस्य। अवधी सम्मेलन, मुंबई के संयोजक, राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (WAJA) के उपाध्यक्ष हैं। अंग्रेजी से हिंदी तथा मराठी से हिंदी अनुवाद करने में राजेश जी को विशेषज्ञता हासिल है। दैनिक सामना के क्राइम रिपोर्टर प्रभाकर पवार की पुस्तक मुंबईतील गुन्हेगारीचा एन्साइक्लोपीडिया का हिंदी में अनुवाद-मुंबई माफियाःएक एन्साइक्लोपीडिया (स्वानंद प्रकाशन-2012)। पुष्पलता डी पाटिल की दो पुस्तकों हास्यात रंगल्या आठवणी व कथा पुष्पांजली का मराठी से हिंदी में अनुवाद-हास्य से पगी यादें व कथा पुष्पांजलि (वास्ट मीडिया नेटवर्क प्रा.लि.-2012)। डॉ. आदर्श मिश्र (बिजनेस हेड मी मराठी लाइव) की पुस्तक-परसेप्शन मैनेजमेंट का हिंदी में अनुवाद- प्रकाशकाधीन।

लेखन व पत्रकारिता के लिए राजेश जी को कई महत्वपूर्ण पुरस्कार सम्मान हासिल हो चुके हैं। 2007 में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक  मीडियाकर्मी एसोसिएशन द्वारा पत्रकारिता रत्न एवं गणेशचंद्र निगम मेमोरियल यूपी. जर्नलिस्ट एवार्ड तथा वर्ल्ड ऑफ प्रियंका की ओर से प्रियंका प्रतिभा सम्मान से सम्मानित. 2008 में उत्तर प्रदेश हिंदी उर्दू साहित्य अवार्ड कमेटी की ओर से व्यंग्य लेखन में उत्कृष्ट सक्रियता के लिए राज्यपाल महोदय द्वारा लखनऊ में साहित्यश्री से सम्मानित तथा मुम्बई में हमलोग गौरव सम्मान 2008 से सम्मानित. 2010 में अवध भारती समिति द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय में अवध भारती सम्मान तथा भारत सरकार विकास आयुक्त संस्थान-एमएसएमई, कानपुर द्वारा पत्रकारिता विभूषण. 2010 में मानस संगम (कानपुर) का विशिष्ट सम्मान। अमेठी-मुंबई विकास मंच द्वारा राजर्षि रणंजय सिंह सम्मान-2011. मानस संगम विशेष सम्मान- 2014 तथा श्री विश्वकर्मा विकास समिति द्वारा जीवन की स्वर्ण जयंती तथा सक्रिय लेखन के रजत जयंती वर्ष में रविवार 1 फ़रवरी 2015 को गोरेगांव मुम्बई में सार्वजनिक अभिनन्दन किया गया। 

– आफताब आलम, संपादक-पत्रकारिता कोष, मो. 09224169416, Email: aaftaby2k@gmail.com

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मेट्रो – 3 में गिरगांव स्टेशन को शिफ्ट करने की मांग

मुंबई। भारतीय जनता पार्टी के विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने मेट्रो–3 प्रोजेक्ट के गिरगांव स्टेशन को शिफ्ट करने की मांग की है। इस स्टेशन के वर्तमान प्लान की वजह से सबसे ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए उन्होंने मांग की कि मेट्रो–3 प्रोजेक्ट के प्रभावित लोगों के लिए सरकार विशेष सहायता की व्यवस्था करे।

सरकार से मांग करते हुए विधानसभा में बोलते हुए विधायक लोढ़ा ने मांग कि लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए मेट्रो–3 के ट्रैक के आसपास की 50 मीटर के भीतर की इमारतों का सरकार की ओर से बीमा करवाया जाए। इसके साथ ही विधायक लोढ़ा ने विधानसभा में सरकार से यह भी कहा कि मेट्रो–3 के लिए जिन इमारतों के लोगों को विस्थापित किया जाना है, उन्हें उनके वर्तमान स्पेस से डेढ़ गुना स्पेस के घर बनाकर दिए जाने चाहिए। 

उल्लेखनीय है कि मेट्रो–3 प्रोजेक्ट की वजह से साउथ मुंबई की 28 इमारतें और 1,754 झोपड़े प्रभावित हो रहे हैं। इन इमारतों में करीब 800 परिवार रह रहे हैं। विधायक लोढ़ा ने विधानसभा में सरकार से कहा कि जिस रास्ते से मेट्रो–3 गुजरेगी, वहां की कई इमारतें बहुत पुरानी हैं, जो आनेवाले कुछ ही सालों में निश्चित रूप से रीडेवलपमेंट में जाएंगी। उनके रीडेवलपमेंट हेतु वहां और गहरी पाइलिंग के लिए तब उनको अतिरिक्त जगह की जरूरत होगी, सरकार को मेट्रो – 3 के प्लान में इस बात का भी खयाल रखना होगा। विधायक लोढ़ा ने मांग की कि मेट्रो – 3 के स्टेशनों के डिजाइन इस तरह से बनाए जाएं ताकि जिन इमारतो के लोग प्रभावित हो रहे हैं, उनका वहीं पर आसानी से पुनर्वास किया जा सके।

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कौशल और स्वावलम्बन का ‘युवा बजट’ प्रदेश की नई इबारत

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में एक ऐतिहासिक कदम के तहत घोषित पृथक युवा बजट को लायंस केबिनेट एडवाइज़र, डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन चेयरमैन और राज्य अलंकरण से सम्मानित दिग्विजय कालेज के प्राध्यापक डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने क्रांतिकारी निरूपित किया है। उनका मंतव्य है कि इससे प्रदेश के युवाओं में नई उम्मीद के साथ कुछ नया कर दिखाने का नया ज़ज़्बा पैदा होगा। उनके कौशल उन्नयन से छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी। उनकी सृजनात्मकता को नया आयाम और नया आकाश भी मिल सकेगा। डॉ.जैन का मानना है कि यह युवा बजट स्वयं प्रदेश के स्वावलम्बी कौशल और कौशल से स्वावलम्बी प्रदेश के नव निर्माण का उज्ज्वल प्रतीक है। 

डॉ.जैन ने कहा कि प्रदेश के बजट में युवाओं पर ख़ास फ़ोकस से उनकी अहमियत को लेकर हमारी जागरूकता और युवा शक्ति के प्रति हमारी निष्ठा का सन्देश भी प्रसारित हुआ है। यह विशेष गौरवशाली राज्य निर्माण की दिशा में एक लाज़वाब कदम है। 

डॉ.जैन कहा कि बजट में युवा क्षमता विकास योजना और कौशल उन्नयन कार्यक्रम, नवीन विश्वविद्यालय की स्थापना, बस्तर, कांकेर, रायपुर, दुर्ग तथा राजनांदगांव में आदर्श आवासीय महाविद्यालय की स्थापना, 36 महाविद्यालयों में नवीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम का आगाज़, अंबिकापुर तथा राजनांदगांव चिकित्सा महाविद्यालय के लिए विशेष राशि का प्रधान, महाविद्यालयों में निःशुल्क वाई-फाई सुविधा,17 नवीन आई.टी.आई. तथा 03 नवीन पॉलिटेक्निक की स्थापना, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग में कामकाजी महिला हॉस्टल निर्माण, आजीविका महाविद्यालयों के भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए प्रावधान सहित जनवरी, 2016 में राष्ट्रीय युवा उत्सव आयोजन जैसे फैसले साफ़ तौर पर छत्तीसगढ़ की अभिनव युवा उड़ान का सन्देश लेकर आये हैं। युवा विकास के नए संकल्प को शासकीय प्रयत्नों के साथ-साथ तमाम सामाजिक-सांस्कृतिक-स्वयंसेवी क्षेत्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा। 
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संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में मूल्यनिष्ठता पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार

मध्यप्रदेश सरकार और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की ओर से 14-15 मार्च को होगा आयोजन

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तत्वावधान में 'संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में मूल्यनिष्ठता' विषय पर 14-15 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रीय संविमर्श का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है। संविमर्श में मीडिया सरोकारी, मीडिया शिक्षक, मीडिया विशेषज्ञ और शोधार्थी मिलकर भारतीय चिंतनधारा के अनुरूप मीडिया की रचना खड़ी करने पर विचार करेंगे। संविमर्श में मीडिया प्रोफेशनल्स के मूल्यों पर विमर्श किया जाएगा और उनके लिए मूल्यों के निर्धारण की कोशिश भी की जाएगी। साथ ही मीडिया और जनसंचार की सभी विधाओं में कार्यरत प्रोफेशनल्स के लिए आवश्यक जीवन मूल्यों को भी चिह्नित करने का प्रयास किया जाएगा। संविमर्श में देशभर से मीडिया विशेषज्ञ, मीडिया शिक्षक और मीडिया सरोकारी शामिल होंगे। 14 मार्च को सुबह 11 बजे संविमर्श का उद्घाटन होगा। इसमें मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव मुख्य अतिथि होंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला करेंगे। वर्ष 2016 में होने वाले सिंहस्थ के परिप्रेक्ष्य में इस राष्ट्रीय संविमर्श का आयोजन किया जा रहा है।

     आस्था का महाकुम्भ सिंहस्थ 22 अप्रैल से 21 मई, 2016 को उज्जैन में होगा। भारतीय परम्परा में कुम्भ सिर्फ मिलन का स्थान, सार्वजनिक मेला या स्नान का लाभ प्राप्त करने का स्थान भर नहीं है, वरन वह अपने समाज के बीच समरसता और संवाद का माध्यम भी बनता रहा है। कुम्भ युगों-युगों से विचार-विमर्श, शास्त्रार्थ और संवाद की अनंत धाराओं के समागम का केन्द्र रहा है। देश-दुनिया से आने वाले विद्वान यहां चर्चा-संवाद के माध्यम से भारतीय ज्ञान-विज्ञान की तमाम परंपराओं का अवगाहन करते हैं, विश्लेषण और मूल्यांकन करते हैं तथा नए रास्ते दर्शाते हैं। भारतीय चिंतन संपूर्णता में विचार का दर्शन है। उसकी दृष्टि एकांगी नहीं है इसलिए यहां विमर्श स्वाभाविक और निरंतर है। इसी भावभूमि में मध्यप्रदेश सरकार और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तत्वावधान में 'संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में मूल्यनिष्ठता' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संविमर्श का आयोजन किया जा रहा है। इस संविमर्श का उद्देश्य विचार-विमर्श की मदद से भारतीय मीडिया जगत की दशा और दिशा को सुदृढ़ करने की ओर बढऩा है।
             राष्ट्रीय संविमर्श में पहले दिन तीन सत्रों में मानव जीवन के मूल्य और उनकी मीडिया में प्रासंगिकता, मीडिया वृत्तिज्ञों : जनसंपर्क, विज्ञापन, न्यू मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया शिक्षक, मीडिया शोधार्थी, सूचना अधिकार कार्यकर्ता, एनजीओ कार्यकर्ता और मीडिया विद्यार्थियों के मूल्य विषयों पर विमर्श किया जाएगा। इस दौरान कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद जोशी, दिल्ली से प्रख्यात जनसंपर्क विशेषज्ञ श्री सुभाष सूद, जागरण लेक सिटी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अनूप स्वरूप, चंडीगढ़ से वरिष्ठ पत्रकार श्री अशोक मलिक, दिल्ली से श्री केजी सुरेश, डॉ. निमो धर, श्री विनोद सी. अग्रवाल और हिसार से डॉ. एमआर पात्रा सहित अन्य विद्वान संविमर्श में शामिल रहेंगे। दूसरे दिन मीडिया वृत्तिज्ञों : संपादक, उपसंपादक, रिपोर्टर, लेखक, मीडिया प्रबंधक और फिल्म निर्माता के जीवन मूल्यों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दौरान दिल्ली से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. रामजी त्रिपाठी, श्री विजय क्रांति, रायपुर से श्री अनिल द्विवेदी और इंदौर से श्री विजय मनोहर तिवारी सहित अन्य विद्वान संविमर्श में शामिल होंगे और अपने विचार व्यक्त करेंगे।
              
 
(पवित्र श्रीवास्तव)
विभागाध्यक्ष, जनसंपर्क

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विधायक लोढ़ा भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य मनोनीत

मुंबई। महाराष्ट्र के वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा को भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के निर्देशानुसार आज नई दिल्ली में जारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों, स्थायी आमंत्रित सदस्यों एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची में लोढ़ा महाराष्ट्र से अकेले विधायक हैं, जिन्हें पार्टी में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में यह सम्मान मिला है।

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महाराष्ट्र से जिन सदस्यों का समावेश है, उनमें केंद्रीय मंत्रियों नितिन गड़करी, प्रकाश जावडेकर, पीयूष गोयल, हंसराज अहीर और सुरेश प्रभु  के अलावा महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, एकनाथ खड़से एवं विनोद तावड़े सहित सांसद किरीट सोमैया का समावेश है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पार्टी संगठन में स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किए गए है। इनके अलावा फिल्म अभिनेता सुरेश ओबरॉय एवं वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा सहित लधाराम नागवानी को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सम्मिलित किया गया है। विधायक लोढ़ा ने अपने मनोनयन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के प्रति आभार जताया है। 

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मुंबई में सरदार पटेल के अंत्येष्टि स्थल पर स्मारक बनाएगी महाराष्ट्र सरकार

 मुंबई। सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृतियों को स्थायी रखने के लिए दक्षिण मुंबई में महाराष्ट्र सरकार उनका स्मारक बनाएगी। आजादी के बाद भारत की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले सरदार पटेल का यह स्मारक मरीन लाइंस स्थित चंदनवाड़ी में बनेगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया था। वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने भाजपा के वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा को यह आश्वासन देते हुए कहा कि सरदार पटेल के स्मारक हेतु अगले कुछ ही दिनों में प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
 
मुंबई की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार से मिलकर विधायक लोढ़ा ने सरकार से मांग की कि आनेवाली पीढ़ियों को राष्ट्र के रक्षकों के प्रयासों से प्रेरणा मिल सके। इसके लिए सरदार पटेल के अंतिम संस्कार स्थल चंदनवाड़ी में उनका स्मारक बनाया जाए। विधायक लोढ़ा ने मांग की कि इस स्मारक पर सरदार पटेल की जीवन गाथा एवं भारत की एकता व अखंडता के लिए किए गए उनके प्रयासों की जानकारी के पट्ट सहित उनकी प्रतिमा की भी स्थापना की जाए। वित्त मंत्री मुनगंटीवार ने इस मांग को स्वीकारते हुए कहा कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। विधायक लोढ़ा को वित्त मंत्री ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि मुंबई में सरदार पटेल का यह स्मारक उन्हें श्रेष्ठ श्रद्धांजली स्वरूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि कुछ ही समय में चंदनवाड़ी में सरदार पटेल के स्मारक की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
 
उल्लेखनीय है कि 15 दिसंबर 1950 को मुंबई में सरदार पटेल का निधन हुआ था एवं मरीन लाइंस स्थित चंदनवाड़ी में अंतिम संस्कार किया गया था। लेकिन सरदार पटेल की कोई याद दिलाने योग्य न तो चंदनवाड़ी और न ही इसके आसपास कहीं भी कोई स्मारक या स्मृति स्थल है। विधायक लोढ़ा ने वित्त मंत्री से मांग की है उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा नेतृत्ववाली प्रथम सरकार की सरदार पटंल को यह सच्ची श्रद्धांजली होगी कि सरकार इसी साल मुंबई में उनके अंतिम संस्कार स्थल पर सरदार पटेल का स्मारक बनाए। 

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चलती गाड़ी में मिलेगा खाली बर्थ का टिकट

इमरजेंसी में यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को अब बर्थ मिलना आसान हो सकेगे। इसके लिए रेलवे द्वारा ट्रेवलिंग टिकट एग्जामिनर (टीटीई) को हैंडहेल्ड डिवाइस दिए जाएंगे। अप्रैल के महीने से भोपाल सहित देश के एक दर्जन से ज्यादा रेल मंडलों से गुजरने वाली ट्रेनों में इस योजना की शुरुआत होगी।

रेल मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक हैंड हेल्ड डिवाइस टीटीई को दिया जाएगा। वे चार्ट बनने के बाद ट्रेन में खाली रह गई सीटों की जानकारी इंटरनेट के माध्यम से ले लेंगे। टीटीई सबसे पहले इस पर खाली बर्थ देखकर आरएसी व वेटिंग वाले यात्रियों को बर्थ देंगे। इसके बाद बची हुई सीट को जरूरतमंद यात्रियों को दिया जाएगा। रेल मंत्रालय ने इस डिवाइस के लिए विभिन्न रेल मंडलों को 1 से 3 करोड़ रुपए तक मंजूर कर दिए हैं।
भोपाल एक्सप्रेस से होगी शुरुआत: इधर, रेल मंडल की प्रीमियम ट्रेन भोपाल एक्सप्रेस से इस सुविधा की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे रेवांचल, जन शताब्दी, विंध्याचल, हबीबगंज-जबलपुर इंटरसिटी आदि में यह सुविधा मिलने लगेगी। हैंडहेल्ड डिवाइस का फायदा यह भी होगा कि जिस यात्री को भी खाली सीट दी जाएगी। उससे लिए जाने वाले चार्ज की प्रिंटेड रसीद भी तत्काल उसे मिल जाएगी।

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दस लाख की डस्टर कार कचरा ढोने के लिए दान में दी

रामगंजमंडी (कोटा). राजस्थान के कोटा में बुधवार को दिलचस्प वाक्या देखने को मिला। कार कंपनी की खराब सर्विस से खिन्न एक व्यवसायी ने 10 लाख रु. की गाड़ी कचरा उठाने के लिए दान कर दी।
कोटा के रामगंजमंडी के मोड़क स्टेशन गांव के ग्राम पंचायत कार्यालय में एक समारोह आयोजित किया गया। इसमें ग्राम प्रधान भगवानसिंह धाकड़ और बीडीओ जगदीश मीणा मौजूद थे।

व्यवसायी राजेश पारेता आए और सरपंच ममता मेवाड़ा को अपनी डस्टर कार की चाबी सौंपते हुए कहा ‘आज से यह गाड़ी आप लोगों की, मेरी बस एक ही शर्त है कि इस कार से केवल कचरा उठाने का ही काम होना चाहिए।’ पारेता की यह बात सुनकर और कार को देखकर वहां मौजूद लोग चौंक गए। दरअसल दान देने से पहले वे खुद ही गाड़ी पर बड़े-बड़े अक्षरों ‘कचरा पात्र वाहन’ लिखवाकर लाए थे।

 
राजेश पारेता ने बताया कि 2012 में उन्होंने यह डस्टर खरीदी थी। शुरुआत से ही कार के इलेक्ट्रिक सिस्टम और एयर कंडीशन में समस्या थी। साल के 365 में से 200 दिन कार कंपनी के वर्कशॉप में ही पड़ी रही। इसके बाद भी कंपनी वाले कार नहीं सुधार सके। परेशान होकर मैंने इसे गांव का कचरा उठाने के लिए दान कर दिया।

रोल्स रॉयस का किस्सा
मशहूर किस्सा है कि लंदन यात्रा के दौरान अलवर के महाराज जय सिंह सादे कपड़ों में रोल्स रॉयस शोरूम में गए तो उन्हें अपमानित कर निकाल दिया। उन्होंने वापस संदेश भिजवाया की अलवर के महाराजा कार खरीदने आ रहे हैं तो स्वागत में रेड कार्पेट बिछाया गया। उन्होंने वहां खड़ी सभी छह रोल्स रॉयस कारें खरीद लीं। अलवर पहुंचने पर कारों को कचरा उठाने में लगा दिया। कंपनी के माफी मांगने के बाद ही कचरा उठवाना बंद किया।

साभार- दैनिक भास्कर से 

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