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श्री सम्मेद शिखरजी में पांच दिवसीय २६८८ बीजाक्षर भक्तामर महामण्डल विधान संपन्न

सिद्धक्षेत्र श्री सम्मेद शिखरजी, पारसनाथ की पावन धरा पर आत्मसाधना केंद्र ‘सिद्धायतन’ में में परम पूज्य षठरस त्यागी आचार्य श्री १०८ संभव सागर जी महाराज ससंघ एवं परम पूज्य गणाचार्य श्री १०८ विराग सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में २८ सितम्बर से ०२ अक्टूबर २०१८ तक पांच दिवसीय आध्यत्मिक ऊर्जा शक्ति सम्पन्न २६८८ बीजाक्षरों का भक्तामर महामण्डल विधान प्रतिष्ठाचार्य श्री कुमुद जी सोनी, अजमेर के द्वारा आर्यिका रत्न १०५ पुनीत चैतन्य मति माताजी के परम सानिध्य एवं प्रदीप भईया के निर्देशन में भक्त को जन्म, जरा और मरण से मुक्ति दिलाने वाला, स्वयं में सिद्ध, हर कार्य में सिद्धि दिलाने वाला लोकप्रिय, अगम्य, अद्भुत, अनुपम, अलौकिक और प्रभावशाली श्री भक्तामर स्तोत्रराज, जिसमें शब्द शक्ति व्यापक है, मंत्र शक्ति प्रभावक है, काव्य शक्ति आत्मसाधक के लिए आकर्षक है और जिसके एक-एक अक्षर में इतनी शक्ति है कि एक लाख योजन तक अर्थात् बारह लाख किलोमीटर तक दूर बैठे व्यक्ति और वस्तु को प्रभावित करती है। ऐसे अचिन्त्य शक्तिशाली भक्तामर जी के एक-एक अक्षर की/बीजाक्षरों की पूजा आराधना पूरे विश्व में सुख-शांति हेतु, बड़े-बड़े रोगों, व्याधियों को दूर करने हेतु, अनंतानंत सिद्धों की सिद्ध भूमि श्री सम्मेद शिखर सिद्ध क्षेत्र की पावन धरा पर, “सिद्धायतन” के पावन प्रांगण में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ एवं पूरा वातावरण दिव्यता से भर उठा।

शुक्रवार की सुबह 6 बजे ध्वजारोहण के साथ विधान शुरू हुआ एवं प्रतिदिन सुबह ०६:०० से १०:०० बजे एवं दोपहर ०१:०० से ०४:०० बजे तक एवं प्रतिदिन शाम सात बजे महाआरती व् सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। कोलकाता जैन समाज के प्रवक्ता श्री विकास कासलीवाल ने बताया कि पुनीत चैतन्य मति माताजी के मंगल सानिध्य में श्री १००८ आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर सिद्धायतन स्थित बैंक्वेट हॉल में अजमेर से आए प्रतिष्ठाचार्य श्री कुमुद जी सोनी द्वारा संगीत मय २६८८ बीजाक्षर भक्तामर महामण्डल विधान का आयोजन किया गया। जैन समाज के अलग अलग शहर से आये १०८ जोड़ों द्वारा विधान में भाग लेकर पुण्यार्जन किया। इस अवसर पर आचार्य श्री १०८ संभव सागर जी महाराज एवं गणाचार्य श्री १०८ विराग सागर जी महाराज ने भक्तामर की कथा एवं उसके फायदे श्रद्धालु भक्तों को सुनाते हुए कहा कि दान, पूजा, भक्ति द्वारा ही मनुष्य एक दिन मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर सिद्धायतन के फाउंडर ट्रस्टी श्री संतोष सेठी, श्रीमती ललिता सेठी, श्री अरिहंत सेठी, अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त डॉ. मंजु जैन, नागपुर एवं उनकी टीम सहित बड़ी संख्या में विभिन्न शहरों से आये समाजजन मौजूद थे। विधान का समापन ०२ अक्टूबर को महाहवन के साथ हुआ तत्पश्च्यात गाँधी जयंती के उपलक्ष्य में भगवान् महावीर के सिद्धांतों पर आधारित ‘अहिंसा परमो धर्म’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में आगम के संत आचार्य श्री संभव सागर जी महाराज ने कई सरकारी अधिकारीयों की उपस्थिति में सभा को सम्बोधित किया।

जैन समाज के अद्वितीय आत्मसाधना केंद्र सिद्धायतन निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है। यहां उपलब्ध विश्वस्तरीय सुख-सुविधाएं समस्त जैन समाज के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। यहां आध्यात्मिकता एवं आधुनिकता का बेजोड़ मिश्रण परिलक्षित होता है।

पारसनाथ की पवित्र पहाड़ियों की तलहटी में बसे सिद्धायतन परिसर का सौम्य एवं अपूर्व वातावरण सभी का पसंदीदा बना हुआ है। जैन समाज यहां वैवाहिक एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों को आयोजित करने में रुचि ले रहा है। यही कारण है कि मुम्बई, औरंगाबाद, गुवाहाटी, पटना, हजारीबाग, रांची, धनबाद, कोलकाता सहित देश के विभिन्न हिस्सों से साधर्मी भाइयों ने वैवाहिक एवं मांगलिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया। इसके माध्यम से उन्होंने न सिर्फ स्वयं, बल्कि अपने रिश्तेदारों एवं अतिथियों को भी आयोजनों का धर्मलाभ लेने का अवसर प्रदान किया है।

सिद्धायतन परिसर में उपलब्ध विशेष सुविधाएं –

(1) 5000 वर्ग फीट का वातानुकूलित स्तम्भ रहित मल्टीपरपज हॉल, जिससे रसोईघर भी संलग्नित है।

(2) यहां एक ‘झलक चौक’ है, जो पूर्ण रूप से खुला एवं हवादार है, जिसमें फेरे इत्यादि के मांगलिक कार्यक्रम किए जा सकते हैं।

(3) अन्य 2 छोटे हॉल है, जहां विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकता है।

(4) सिद्धायतन परिसर में कुल 155 अपार्टमेंट हैं। ये अपार्टमेंट ए. सी., टीवी, फ्रिज, बेड, सोफा-कम-बेड, दो आलमारियों, ड्रेसिंग टेबल, टी-टेबल, डाइनिंग टेबल, चेयर की सुविधा से सम्पन्न हैं। इन अपार्टमें बॉलकनी एवं अटैच्ड बाथरूम हैं। पूरे अपार्टमेंट को सुंदर तरीके से सजाया गया है। इनमें बिना अतिरिक्त बेड के 3-4 लोग ठहर सकते हैं।

(5) इस परिसर में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्वच्छ वातानुकूलित भोजनशाला है, जहां एकसाथ लगभग 200 व्यक्ति भोजन ग्रहण कर सकते हैं। भोजनशाला में महाराज द्वारा बनाया गया भोजन कीफायती दर पर परोसा जाता है।

(6) यहां चैत्यालय जी, वाचनालय, व्यायामशाला, बच्चों के खेलने के लिए सुसज्जित पार्क, इंडोर खेल-कूद कक्ष, बैंडमिंटन कोर्ट, चेस गार्डन, मिनी थियेटर इत्यादि है। इसके साथ ही 8 लोगों के रहने योग्य तीन हॉल हैं।

(7) यहां आपके साथ आए सेवा दल जैसे महाराज, नौकर, ड्राइवर इत्यादि के रहने के लिए अलग से दो भवन हैं।

(8) यहां दो बड़े जनरेटर हैं, जो 24 घंटे विद्युत सेवा प्रदान करने के लिए तत्पर रहते हैं। इसके साथ ही सुविधा क्षेत्र जैसे मुख्य हॉल, छोटे हॉल, भोजनशाला इत्यादि में जेनरेटर द्वारा वातानुकूलन की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां बुजुर्गों की सुविधा का विशेष ख्याल रखा गया है। उनके अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। परिसर में 24 घंटे गर्म पानी की भी व्यवस्था है।

(9) सिद्धायतन का सेवा दल अनुभवी, प्रशिक्षित एवं निपूण है, जो अतिथियों की सेवा में सदैव तत्पर रहता है।

आप सपरिवार, बंधु-बांधव सहित पधारें और वैवाहिक एवं मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन कर हमें सेवा का सुअवसर प्रदान करें।

सिद्धायतन आपका स्वागत करता है!

अग्रिम बुकिंग एवं अधिक जानकारी हेतु सम्पर्क करें –

विकास कासलीवाल – 7044066643

मनीषा जैन – 8420019670

भवदीय,

प्रवीण कुमार जैन (एमकॉम, एफसीएस, एलएलबी),

Praveen Kumar Jain (M.Com, FCS, LLB),

कम्पनी सचिव,

Company Secretary,

वाशी, नवी मुम्बई – ४००७०३, भारत

Vashi, Navi Mumbai – 400703, Bharat



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