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दादा गुरुदेव के स्वर्गारोहण महोत्सव में अभूतपूर्व उत्साह

राजनांदगांव। युग प्रधान दादा गुरुदेव श्री सूरीश्वरजी महाराज साहब का 861 वां स्वर्गारोहण महोत्सव शहर में अभूतपूर्व उत्साह और भाव-भक्ति के साथ मनाया गया। दादा श्री जिनदत्त सूरि सेवा संघ ट्रस्ट की दिव्य परस्परा की 38 वीं कड़ी में अखिल भारतीय भक्ति गीत प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अभ्यागत मुख्य अतिथि हैदराबाद के प्रख्यात समाजसेवी श्री नरपत जी कानूनगो आयोजन के प्रभावी स्वरूप तथा उसकी भव्यता देखकर अभिभूत हो गए।  गरिमामय समारोह की अध्यक्षता कर रहे सकल जैन श्री संघ के अध्यक्ष,श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के मैनेजिंग ट्रस्टी और पूर्व महापौर श्री नरेश डाकलिया ने कहा ऐसे आयोजनों से धर्म-संस्कृति की महिमा का प्रसार होता है। विशिष्ट अतिथि धमतरी के समाजसेवी संघवी श्री लक्ष्मीलाल लूनिया और खैरागढ़ के गुरुभक्त समाजसेवी श्री अनूपचंद बैद ने कहा कि स्वर्गारोहण महोत्सव शहर और प्रदेश की स्थायी पहचान बन गया है। इसे इसी तरह निरंतर नया रूप देना चाहिए। प्रारम्भ में दादा श्री जिनदत्त सूरि सेवा संघ ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी और आयोजन के स्तम्भ श्री किशोर बैद ने प्रेरक स्वागत उद्बोधन में दादा गुरुदेव के उपकारों को नमन किया। समारोह में आजीवन समाज सेवा के लिए प्रमुख समाजसेवी श्री दुलीचंद जी बरडिया और डॉ.यशवंत जी चावड़ा का विशेष रूप से सम्मान किया गया। मंच पर समाज के सर्व श्री तिलोकचन्द गोलछा, खेमचंद जैन, कुशालचन्द बैद, सुनील बरडिया, हुकुमचंद बैद, जेठमल बरडिया,तिलोकचन्द बैद आदि उपस्थित थे। 

मुख्य समारोह के मंच पर ट्रस्ट की तरफ से संयोजक श्री प्रकाश ललवानी ने विनम्र भावपूर्वक अतिथियों को आस्वस्त किया कि प्रभु सेवा, गुरु भक्ति, आयम्बिल, संस्कार निर्माण के साथ- साथ जीव दया और मानव सेवा के कार्यों में भी ट्रस्ट के प्रकल्पों का अधिक विस्तार किया जाएगा। मुख्य समारोह सभी वक्ताओं ने समारोह में लगातार तीस वर्ष से रचनात्मक सहभागिता की मिसाल कायम करने वाले, पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के कर कमलों से छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण से सम्मानित दिग्विजय कालेज के यशस्वी प्राध्यापक डॉ.चन्द्रकुमार जैन की वक्तृत्व शैली की मुक्त ह्रदय से सराहना की और उनकी सेवाओं को अनुकरणीय निरूपित किया। वक्ताओं ने ट्रस्ट की गुरु भक्ति और संस्कार-सेवा के कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि अपनी महान परम्परा में इस वर्ष आयोजन के सार्थक व विशेष प्रभावी स्वरूप ने एक नई इबारत लिख दी है। कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट द्वारा संचालित सुलोचना संस्कार वाटिका के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने खूब तालियां बटोरीं और संस्था के लिए पुरस्कार प्राप्त किये। संस्कार वाटिका के राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में प्रावीण्यता अर्जित करने वाले चारित्र गोलछा, अरिहंत मुणोत, समृद्धि बैद, भूमि बोथरा और देवेन्द्र डाकलिया को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में मंगलाचरण और सुमधुर स्वागत गीत श्री जैन महिला मंडल ने प्रस्तुत किया। श्री संजय बघरेचा ने गुरु इकतीसा का सामूहिक पाठ संपन्न करवाया। होनहार बालक संभव झाबक ने कर्णप्रिय भजन प्रस्तुत किया। श्री गुरुदेव मंडल रायपुर ने अप्रतियोगी रहकर शानदार गीत सुनाया। 

आयोजन के कर्मठ स्तम्भ सर्वश्री प्रकाश ललवानी,भूपेंद्र डाकलिया, सुशील छाजेड़, मनोज झाबक, मनीष कोठारी, नरेंद्र नखत, विकास दुग्गड़, अंकुश छाजेड़, शुभम ललवानी, सुमीत गोलछा आदि ने विशिष्ट भूमिका निभायी। प्रतियोगिता के निर्णायक सर्वश्री गुलाब छाजेड़, शैल साहू और सुभाष रामटेके का भावभीना सम्मान किया गया। स्वर्गारोहण महोत्सव पर आयोजित  स्पर्धाओं के परिणाम इस प्रकार रहे – सर्वश्रेष्ठ के साथ-साथ महिला वर्ग में भी प्रथम श्री जैन जागृति मंडल नागपुर,द्वितीय श्री पार्श्व कुशल महिला मंडल भाटापारा, तृतीय श्री शांतिविजय बालिका मंडल, खैरागढ़। भक्तिगीत स्पर्धा में पुरुष वर्ग में प्रथम श्री मणिधारी जैन संगीत मंडल खरियाररोड, द्वितीय श्री मणिधारी मित्र मंडल धमतरी, तृतीय श्री जैन मित्र मंडल कोमाखान। बाल वर्ग में प्रथम श्री शांतिविजय बालिका मंडल धमतरी और द्वितीय श्री शंखेश्वर पार्श्व बाल मंडल खैरागढ़। शोभा यात्रा की संगीत स्पर्धा में प्रथम श्री जिनकुशल सूरी महिला मंडल दल्ली राजहरा, द्वितीय श्री शांतिविजय भक्त मंडल खैरागढ़, तृतीय श्री शंखेश्वर बाल मंडल खैरागढ़। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नगद, वैजयंती सहित अनेक आकर्षक पुरस्कार प्रदान किये गए। अंत में श्री प्रकाश ललवानी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। 
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