Thursday, April 18, 2024
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कब्र पूजा – मूर्खता है या अंधविश्वास

आज के समाचार पत्रों में देश के प्रधानमंत्री मोदीजी द्वारा अजमेर में दरगाह शरीफ पर चादर चढ़ाने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नक़वी को अजमेर भेजने एवं उसके साथ अपना पैगाम भेजने का समाचार छपा हैं।

पूर्व में भी बॉलीवुड का कोईप्रसिद्द अभिनेता अभिनेत्री अथवा क्रिकेट केखिलाड़ी अथवा राजनेता चादर चदाकर अपनीफिल्म को सुपर हिट करने की अथवा आने वाले मैच मेंजीत की अथवा आने वाले चुनावो में जीत की दुआमांगता रहा हैं। भारत की नामी गिरामी हस्तियोंके दुआ मांगने से साधारण जनमानस में एक भेड़चालसी आरंभ हो गयी है की अजमेर में दुआ मांगे से बरकतहो जाएगी , किसी की नौकरी लग जाएगी ,किसी के यहाँ पर लड़का पैदा हो जायेगा , किसीका कारोबार नहीं चल रहा हो तो वह चलजायेगा, किसी का विवाह नहीं हो रहा हो तोवह हो जायेगा।

कुछ सवाल हमे अपने दिमाग पर जोर डालने कोमजबूर कर रहे हैं जैसे की यह गरीब नवाज़ कौन थे ?कहाँ से आये थे? इन्होने हिंदुस्तान में क्या कियाऔर इनकी कब्र पर चादर चदाने से हमे सफलता कैसेप्राप्त होती है?

गरीब नवाज़ भारत में लूटपाट करने वाले , हिन्दूमंदिरों का विध्वंश करने वाले ,भारत के अंतिम हिन्दूराजा पृथ्वी राज चौहान को हराने वाले वजबरदस्ती इस्लाम में धर्म परिवर्तन करने वाले मुहम्मदगौरी के साथ भारत में शांति का पैगाम लेकर आये थे। पहले वे दिल्ली के पास आकर रुके फिर अजमेरजाते हुए उन्होंने करीब 700 हिन्दुओ को इस्लाम में दीक्षित किया और अजमेर में वे जिस स्थान पर रुके उस स्थान पर तत्कालीन हिन्दू राजा पृथ्वीराज चौहान का राज्य था।

ख्वाजा अपने खादिमों के साथ अजमेर स्थित आनासागर झील पर पहुंचे और उन्होंने एक गाय को मारकर उसका कबाब बनाकर खाया। कुछ खादिम पनसिला झील पर चले गए कुछ आनासागर झील पर ही रह गए। उस समय दोनों झीलों के किनारे करीब 1000 हिन्दू मंदिर थे, हिन्दू ब्राह्मणोंने मुसलमानों के वहां पर आने का विरोध किया ।

भारत में स्थान स्थान पर स्थित कब्रें उन मुसलमानों की हैं जो भारतपर आक्रमण करने आये थे और हमारे वीर हिन्दू पूर्वजों ने उन्हें अपनी तलवारों से परलोक पंहुचा दिया था।

कुछ सामान्य से 10 प्रश्न हम पाठको से पूछना चाहेंगे?

1 .क्या एक कब्र जिसमे मुर्दे की लाश मिट्टी मेंबदल चूँकि है वो किसी की मनोकामनापूरी करसकती है?

2. सभी कब्र उन मुसलमानों की है जो हमारे पूर्वजों से लड़ते हुए मारे गए थे, उनकी कब्रों पर जाकर मन्नतमांगना क्या उन वीर पूर्वजो का अपमान नहीं हैजिन्होंने अपने प्राण धर्म रक्षा करते की बलि वेदीपर समर्पित कर दियें थे?

3. क्या हिन्दुओ के राम, कृष्ण अथवा 33कोटि देवीदेवता शक्तिहीन हो चुकें है जो मुसलमानों की कब्रों पर सर पटकने के लिए जाना आवश्यक है?

4. जब गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहाँ हैं की कर्मकरने से ही सफलता प्राप्त होती हैं तो मजारों मेंदुआ मांगने से क्या हासिल होगा?

5. भला किसी मुस्लिम देश में वीर शिवाजी,महाराणा प्रताप, हरी सिंह नलवा आदि वीरो कीस्मृति में कोई स्मारक आदि बनाकर उन्हें पूजाजाता है तो भला हमारे ही देश पर आक्रमण करनेवालो की कब्र पर हम क्यों शीश झुकाते है?

6. क्या संसार में इससे बड़ी मूर्खता का प्रमाणआपको मिल सकता है?

7.. हिन्दू जाति कौन सी ऐसी अध्यात्मिक प्रगति मुसलमानों की कब्रों की पूजा कर प्राप्त कर रही हैजिसका वर्णन पहले से ही हमारे वेदों- उपनिषदोंआदि में नहीं है?

8. कब्र पूजा को हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसालऔर सेकुलरता की निशानी बताना हिन्दुओ को अँधेरे में रखना नहीं तो ओर क्या है?

9. इतिहास की पुस्तकों कें गौरी – गजनी का नाम तो आता हैं जिन्होंने हिन्दुओ को हरा दिया था, पर मुसलमानों को हराने वाले राजा सोहेल देव का नाम तक न मिलना, क्या हिन्दुओं की हमेशा ही पराजय होती रही, ऐसी मानसिकता को बना कर उनमें आत्मविश्वास और स्वाभिमान की भावना को कम करने के समान नहीं है?

10. क्या हिन्दू फिर एक बार 24 हिन्दू राजाओं की भांति मिल कर संगठित होकर देश पर आये संकट जैसे कि आंतकवाद, जबरन धर्म परिवर्तन,नक्सलवाद,लव जिहाद, बंगलादेशी मुसलमानों की घुसपैठ आदि का मुंहतोड़ जवाब नहीं दे सकते?

आशा हैं इस लेख को पढ़ कर आपकी बुद्धि में कुछ प्रकाश हुआ होगा।यदि आप आर्य राजा राम और कृष्ण जी महाराज की संतान हैं तो तत्काल इस मूर्खता पूर्ण अंधविश्वास को छोड़ दें और अन्य हिन्दुओं को भी इस बारे में जागरुक करें।

(लेखक धार्मिक व ऐतिहासिक विषयों पर शोधपूर्ण लेख लिखते हैं)

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