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अस्पताल अब अस्मत से भी खेलने लगे हैं

सॉफ्ट ड्रिंक समझकर ‘जहर’ पीने वाली किशोरी जब अस्पताल के आईसीयू में ऐडमिट थी, तब नर्सिंग स्टाफ ने उसके साथ अश्लील हरकत की। गीता(बदला हुआ नाम) ने जब मदद मांगी तो रवि नाम का नर्सिंग कर्मचारी तुरंत हाजिर हो गया लेकिन उसकी मेडिकल कंडिशन का उसे बिल्कुल खयाल नहीं आया। रवि ने गीता से पूछा, ‘तुम शादीशुदा हो? ऐसा लगता है कि तुम हो।’ यह कहते-कहते वह उसके बेड पर बैठ गया और गीता के शरीर पर हाथ फेरने लगा।

गीता को ड्रिप्स लगी थीं और उसके गले में पाइप डाली गई थी, वह जरा भी हिल-डुल नहीं पा रही थी। जब गीता ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमाया तो रवि ने उसका चेहरा वापस घुमाते हुए उसे किस किया। विरोध करते हुए वह जोर से गुर्राई, उसकी आवाज डबल-बेडेड आईसीयू से बाहर तक पहुंची जहां एक अन्य नर्सिंग कर्मचारी कुलदीप मौजूद था। आवाज़ सुनकर वह भी अंदर आ गया और वह भी बेड पर बैठ गया। थोड़ी देर के बाद गीता ने महसूस किया कि उसे दूसरा इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद वह बेहोश-सी होने लगी।

16 नवंबर की रात की इस पूरी घटना के बारे में गीता ने 10 दिनों तक किसी से कोई बात नहीं की, लेकिन आरोपियों के बार-बार कॉल और धमकियों से परेशान होकर उसने पूरी बात अपनी मां को बताई। मां ने पुलिस शिकायत दर्ज कराई और आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

मंगलवार को पीड़िता ने मीडिया से बात की और हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि इंजेक्शन के बाद वह पूरे होश में नहीं थी। मंगलवार को भी वह सहमी-सी दिखाई दे रही थी लेकिन आरोपियों के पकड़े जाने से उसमें हिम्मत जरूर आई और वह मामले पर बात कर पा रही थी। रविवार को आरोपियों को अरेस्ट किया गया, उससे पहले तक वे गीता को कॉल और मेसेज के जरिए परेशान कर रहे थे। गीता ने बताया, ‘मैं पूरी तरह से बेहोश नहीं थी, मैं यह देख पा रही थी कि दोनों मेरे ऊपर आने की कोशिश कर रहे थे और मुझे टॉइलट ले जाने की कोशिश भी की गई थी।’ गीता ने आगे बताया, ‘मैंने पूरी ताकत से दोनों से बचने की कोशिश की। आखिरी बात जो मुझे याद है वह यह कि कुलदीप मेरे बेड पर था और रवि बगल के बेड पर बैठा था, उसके हाथ में फोन था।’

उस दिन गीता की मां पिज्जा और एक बोतल के साथ घर आईं थीं, जो देखकर गीता और भाई बहुत खुश हो गए थे। बोतल को सॉफ्ट ड्रिंक समझकर गीता ने पी लिया और उसे एहसास हुआ कि वह कोक नहीं है। इसके बाद उसे पहले सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी लेकिन मां को डर था कि वहां पहुंचते-पहुंचते बहुत देर हो जाएगी इसलिए वह उसे शिवा हॉस्पिटल ले गईं, जहां यह घटना हुई।

जब आईसीयू में गीता के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की जा रही थी, उसके पिता अस्पताल में ही थे। गीता ने बताया कि जब उसने विरोध किया तो आरोपियों ने ड्रिप हटाने की धमकी दी।

साभार- टाईम्स ऑफ इंडिया से

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