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अन्तर्राष्ट्रीय आर्ट ऑफ गिविंग दिवस उत्साह से मनाया

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल(एनडीआरएफ),3 बटालियन,मुण्डली में 17मई को प्रातःकाल 10वां अन्तर्राष्ट्रीय आर्ट ऑफ गिविंग दिवस हर्षोल्लास के साथ।समारोह के मुख्य अतिथि जैकव किस्पोट्टा, वरिष्ठ कमाण्डेंट थे। उन्होंने अपने संबोधन में बटालियन के जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए उनसे यह अपील की कि वे सभी कीट-कीस के संस्थापक तथा कंधमाल लोकसभा सांसद प्रो.अच्युत सामंत के जीवन तथा उनके जीवन-दर्शन से प्रेरणा लें।

ऑर्ट ऑफ गिविंग को अपनाकर अपने परिवार,समाज,राष्ट्र तथा अपनी बटालियन की निःस्वार्थ सेवा करें। प्रो. सामंत की तरह बनकर अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी के साथ निभाएं।प्रो.अच्युत सामंत के प्रतिनिधि तथा समारोह के सम्मानित अतिथि अशोक पाण्डेय ने बताया कि प्रो.सामंत का यह जीवन-दर्शन उनके वास्तविक जीवन को साकार करता है। गरीबों की सुनो,वो तुम्हारी सुनेगा,तुम एक पैसा दोगे,वो दस लाख देगा तथा भला किसी का कर न सको तो बुरा किसी का मत बनना,पुष्प नहीं बन सकते तो कांटे बनकर मत रहना ही वास्तव में प्रो.सामंत का जीवन-दर्शन है।श्री पाण्डेय ने यह भी बताया कि अब तो यह अन्तर्राष्ट्रीय ऑर्ट ऑफ गिविंग दिवस के रुप में प्रतिवर्ष 17मई को पूरे विश्व में मनाया जाता है।इसके 2023 वर्ष का थिम है-मददगार की मदद।

उन्होंने बताया कि प्रो.सामंत के अनुसार आर्ट ऑफ गिविंग का बडा ही व्यापक अर्थ है जिसमें शाश्वत करुणा, दया,प्रेम, सहानुभूति, भाईचारे, आत्मीयता तथा सहयोग का पैगाम है।गौरतलब है कि 17मई,2013 को प्रोफेसर सामंत ने इसे बेंगलुरु यात्रा के क्रम में आरंभ किया था जो अब एक सामाजिक आन्दोलन बन चुका है।सच्ची जीवन-शैली बन चुका है। यह वास्तव में मानवीय संवेदनाओं का आईंना है। निःस्वार्थ मानव-सेवा का यथार्थ आदर्श है।इसके माध्यम से प्रो.सामंत एक-दूसरे को सहयोग कर रहे हैं। दया-करुणा का पैगाम पूरे विश्व को दे रहे हैं।

दुनिया की वास्तविक पहचान इंसान तथा इंसानियता को बचा रहे हैं। सहानुभूति और सहयोग को साकार कर रहे हैं। आपसी प्रेम और सद्भाव को बढा रहे हैं। शाश्वत जीवनमूल्यों की हिफाजत कर रहे हैं। लोकाचार को मजबूत कर रहे हैं।प्रो सामंत की ओर से अशोक पाण्डेय ने मुख्य अतिथि वरिष्ठ कमाणडेंट जैकव किस्पोट्टा को शॉल,स्मृतिचिह्न आदि भेंटकर सम्मानित किया वहीं अशोक पाण्डेय को मुख्य अतिथि ने बटालियन की ओर से पुष्पगुच्छ तथा स्मृतिचिह्न भेंटकर सम्मानित किया। बटालियन के जवानों ने प्रो सामंत के सरल और सौम्य व्यक्तित्व के विषय में जानकर प्रसन्नता व्यक्त की और उनके जीवन-दर्शन आर्ट ऑफ गिविंग को अपनाने का संकल्प लिया।आयोजन को सफल बनाने में बटालियन के डीसी जयशंकर तथा एसी गौरव जंगेटे का प्रशंसनीय सहयोग रहा।आयोजन पूरी तरह से प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

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