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गरीब बच्चों को जूते पहना रहा जिलाधिकारी

जयपुर। जालौर के युवा जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सोनी ने जब गरीब बच्चों को कड़ाके की ठंड में नंगे पैर स्कूल जाते हुए देखा तो उनका दिल पिघल गया। इसके बाद 2010 बैच के आईएएस अधिकारी जितेंद्र सोनी ने हर गरीब बच्चे को जूते मुहैया कराने के लिए एक स्कीम शुरू की, जिससे कि किसी बच्चे को ठंड में बिना जूतों के स्कूल न आना पड़े।

जितेंद्र गरीब बच्चों को फ्री में जूता बांटने की योजना चला रहे हैं। इस योजना को ‘चरण पादुका योजना’ नाम दिया गया है। इस स्कीम के तहत, 26 जनवरी से पहले 25,000 स्कूली बच्चों को जूता बांटने की योजना है।

जिलाधिकारी जितेंद्र सोनी भी एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता घड़ी बनाने का काम करते थे। जिलाधिकारी ने कहा, ‘मैंने भी सरकारी स्कूल में पढ़ाई की, हमेशा दर्जी के सिले कपड़े पहने और कभी किसी बड़े शहर नहीं गया था। मेरे पिता ने मुझे और मेरे भाई को पढ़ाने में कई कठिनाइयां झेलीं। मैं इन बच्चों के दर्द को महसूस कर सकता हूं।’

जिलाधिकारी ने बताया, ‘मैं दिसंबर में एक स्कूल का दौरा कर रहा था, जब मैंने देखा कि इतनी कड़ाके की ठंड में बच्चे बिना जूतों के आए हुए है तो मेरी आंखों में आंसू आ गए। स्कूल के अध्यापकों ने मुझे बताया कि इन बच्चों के माता-पिता बहुत गरीब हैं और उनके पास किताबें तक खरीदने का पैसा नहीं है। तब मैंने बच्चों को बाजार ले जाकर जूते खरीदे और मेरे दिमाग में यह योजना चलाने का विचार आया।’

जिले के 274 ग्राम पंचायतों और तीन नगर पालिकाओं को ऐसे बच्चों की गिनती करने को कहा गया जो बिना जूते के आते हैं। सर्वे कराने के बाद पता चला कि हर स्कूल में लगभग 10 बच्चे नंगे पैर ही आ रहे हैं। शहर में कुल 25,00 स्कूल हैं। लोगों की मदद से इस योजना को चलाया जा रहा है। डीएम ने कहा, ‘लोग स्कीम के लिए डोनेट कर रहे हैं। मैं बस उनकी मदद गरीबों तक पहुंचाने का एक जरिया हूं।’

साभार- टाईम्स ऑफ इंडिया से

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