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राजस्थान दिवस पर सुरीले गीतों और लोक नृत्यों से सजी सांझ

राजस्थान दिवस के अवसर पर किशोर सागर की पाल पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश की बहुरंगी संस्कृति साकार हो उठी जब एक मंच पर प्रदेश भर के कलाकारों के 10 दलों द्वारा म्हारो रंगीलो राजस्थान.. लोकगीत पर सामुहित प्रस्तुती देकर देशी विदेशी पर्यटकों को आने का आमंत्रण दिया।

जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग तथा नगर निगम द्वारा आयोजित समारोह में संभागीय आयुक्त दीपक नंदी, जिला कलक्टर हरिमोहन मीना, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर एल गोदारा, जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, नगर निगम कोटा उत्तर के उपमहापौर पवन मीणा, यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र त्यागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने शिरकत की।

कार्यक्रम की शुरुआत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसडर कुमारी आस्था सक्सेना के दल ने राजस्थानी गायन शैली का नेतृत्व करने वाले आवो नी पधारो म्हारे देश… लोकगीत पर मांड गायन शैली के माध्यम से देशी-विदेशी पर्यटकों को राजस्थान आने का निमंत्रण दिया गया। कोरोना के कारण दो वर्ष बाद आयोजित हुए समारोह में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उपस्थिति दर्ज की।
कार्यक्रम में हाडोती के प्रसिद्ध लोकनृत्य बिंदोरी एवं अग्नि भवाई की शानदार प्रस्तुति कुणाल गंधर्व दल द्वारा दी गई तो किशोर सागर की पाल तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो उठी। बाड़मेर से आए पदे खां एवं कलाकारों के दल ने खड़ताल वादन तथा निबूडा निबूडा लोकगीत के माध्यम से पश्चिमी राजस्थान की संस्कृति से दर्शकों को रूबरू करा कर भाव विभोर कर दिया। ब्रज संस्कृति को साकार करते हुए प्रसिद्ध नृत्यांगना बरखा जोशी के नेतृत्व में कृष्ण लीलाओं पर आधारित मयूर नृत्य एवं कथक की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। अलवर से आए महमूद खान के दल ने भपंग वादन के द्वारा देश विदेश में मेवात के लोक गायन का मनमोहक नजारा प्रस्तुत किया, देश में हो रही है टरर ही टरर लोक गीत पर भपंग वादन की लय व ताल पर दर्शकों को हंसी से लोटपोट कर दिया।

कार्यक्रम की श्रंखला में बारां के छबड़ा से आए शिवनारायण कंजर के दल ने चकरी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी तो अलवर से आए छोटेलाल के दल ने रिंग भवाई तथा कुणाल गंधर्व ने अग्नि भवाई की प्रस्तुति देकर राजस्थान के कलाकारों की प्रतिभा को साकार किया। दीगोद से आए शांतिलाल के दल ने तेजाजी कच्ची घोड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर राजस्थान के वीर चरित्रों का बखान किया। राजस्थानी संस्कृति को साकर करते हुए जब एक मंच पर कलाकारों के 10 दलों द्वारा म्हारो रंगीलो राजस्थान पर सामुहित प्रस्तुती दी गई तो ऐसा लगा कि कोरोना को हरा कर राजस्थान के कलाकार इसकी सुगंध को देश-विदेश तक पहुंचा कर आने का निमंत्रण दे रहे हो।

इस अवसर पर उपनिदेशक पर्यटन विकास पांडे अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन राजकुमार सिंह, सीईओ जिला परिषद ममता तिवाडी, राज्य उपभोक्ता आयोग के सदस्य रामफूल गुर्जर, पर्यटन अधिकारी संदीप श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रेनू श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

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