आप यहाँ है :

सेवा और कल्याण के कार्यों से किया श्रीकृष्ण बिरला का स्मरण

कोटा। सहकार के पितामह दिवंगत श्री कृष्ण बिरला के प्रति बुधवार को पूरे कोटा में श्रद्धा और आस्था का भाव नजर आया। उनकी पहली पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को
भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विभिन्न संस्थाओं की ओर से मानव कल्याण तथा समाज सेवा के तहत रक्तदान शिविर, हेल्थ चेकअप कैंप्स, अभाव ग्रस्त व वंचितों को भोजन तथा पौधारोपण, फल वितरण, गोवंश को चारा एवम सुंदरकांड पाठ सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए।शहर में विभिन्न स्थानों पर आयोजित शिविर में 1781 युनिट रक्तदान हुआ। कैथूनीपोल क्षेत्र में श्रीकृष्ण बिरला के पेतृक निवास के बाहर भी रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान करने पहुंचे लोगों ने इस दौरान बाऊजी के जीवन से जुड़ी कई यादों को ताजा किया। इस दौरान कई लोग उनके संस्मरण सुनाते भावुक भी हो गए।

संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के प्रवास पर आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी रक्तदान शिविरों में पहुंच रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है, इससे किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। कोटा में रक्तदान लोगों के स्वभाव का भाग है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग रक्तदान करते हैं। इस दौरान कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा और लाडपुरा विधायक कल्पना देवी भी साथ रहे। डा. अमिता बिरला ने भी टीलेश्वर भवन, श्रीनाथपुरम सहित विभिन्न स्थानों पर जाकर रक्तदाताओं का साधुवाद किया।
संस्थाओं ने दी श्रद्धांजलि

कोटा. सहकार पुरूष श्रीकृष्ण बिरला की पुण्यतिथि पर शहर भर में कई सामाजिक संस्थाओं की ओर से श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गई। कोटा कर्मचारी सहकारी समिति के पदाधिकारियों ने श्रीकृष्ण बिरला को श्रद्धासुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने बाऊजी से जुड़े संस्मरण सुनाते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन मानव कल्याण के प्रति समर्पित रहा। जीवन के अंतिम क्षणों तक वे सहकारिता के उत्थान के लिए प्रयासरत रहे। इस दौरान समिति अध्यक्ष डॉ० मीनू बिरला, सचिव विमलचन्द जैन, महिला संचालक हंसा त्यागी, श्री सूर्यकान्त शर्मा, रास बिहारी पारीक, कर्ण सिंह हाडा, दिनेशचन्द पनवाड, गिरीश कुमार विजय, डॉ० विनोद पंकज, मुकुट बिहारी, ओम प्रकाश शर्मा, कार्यकारी अधिकारी सीताराम शर्मा, सत्यनारायण दाधीच व सभी कर्मचारी भी मौजूद रहे।
प्रेरक व्यक्तित्व

उल्लेखनीय है कि सहकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में चिर-परिचित नाम श्रीकृष्ण बिरला का गत वर्ष 29 सितंबर को अस्वस्थता के चलते निधन हो गया था। अपने जीवन काल में उन्होंने न सिर्फ सहकारिता के माध्यम से अनेक परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया बल्कि उनके आदर्शों ने समाज के बड़े वर्ग को सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने को प्रोत्साहित भी किया। उनका बहुआयामी व्यक्तित्व अनेक लोगों के साथ अनगिनत सामाजिक संस्थाओं के लिए प्रेरणास्रोत था।

image_pdfimage_print


सम्बंधित लेख
 

Back to Top