Tuesday, March 5, 2024
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छठ की छठा से जगमगा उठा भुवनेश्वर

आस्था के चार दिवसीय महापर्व छठ के तीसरे दिन विश्वास भुनेश्वर ने न्यू बाली यात्रा कुआखाई छठ के घाट पर पूरी सफलता के साथ आयोजित किया भगवान सूर्यदेव और छठ परमेश्वरी के सायंकालीन अर्घ्य का कार्यक्रम। शाम को 5:00 से भगवान सूर्य देव और छठ परमेश्वरी को छठ व्रतियों ने जल में पश्चिम दिशा में मुंह करके खड़े होकर डूबते हुए सूरज की पूजा की और उनको जल और दूध से अर्घ्य दिया। छठ परमेश्वरी देवी की पूजा की और अर्घ्य दिया। शाम के अर्घ्य देनेवालों ओडिशा सरकार के मंत्री अशोक चंद्र पंडा, विधायक प्रशांत राउत तथा भुवनेश्वर महानगर निगम की मेयर सुलोचना दास आदि प्रमुख थे ।

गौरतलब है छठ पूजा का प्रचलन जो बिहार प्रांत से आरंभ हुआ आज ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर समेत पूरे भारत और विश्व के अनेक देशों में भी देखा जा रहा है जिसमें पूरी आस्था और श्रद्धा है ।विश्वास भुवनश्वर ने पहली बार इसका आयोजन न्यू वाली यात्रा मैदान , मंचेश्वर कुआखाई नदी तट पर किया था जिसमें लगभग 5000 श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया ।3:30 से छठ व्रतियों के आकर अपने अपने छठघाट पर बैठकर पूजा आरंभ की। वे अपने-अपने छठ के पूजा के सूप को लेकर जल में खड़े होकर भगवान सूर्य देव और छठ परमेश्वरी की आराधना की और उन्हें शाम का पहला अर्घ्य दूध और जल से दिया। बिहार में छठ के प्रचलन का एकमात्र आधार यह है कि भगवान सूर्य देव के पिता कश्यप ऋषि और माता अदिति दोनों बिहार के बक्सर के रहने वाले थे ।

ओडिशा सरकार के आमंत्रित मंत्री अशोक चंद्र पंडा ने बताया कि ओडिशा प्रदेश और ओडिशा सरकार सभी धर्मों को बराबर का सम्मान देता है इसीलिए बिहार में मनाई जाने वाली छठ के लिए भी उनकी पूरी आत्मीयता है।
भुनेश्वर महानगर निगम की मेयर सुलोचना दास ने बताया कि भुवनश्वर में सभी अप्रवासियों का सम्मान है। उनके प्रति पूरी आत्मीयता है।

भुवनेश्वर उत्तर के विधायक सुशांत राउत राय ने बताया कि आयोजन की अनुमति के लिए उनके पास जैसे ही बिस्वास के अध्यक्ष संजय झा और सचिव चंद्रशेखर सिंह आदि आये वे तत्काल अनुमति दे दिए क्योंकि छठ पूजा वे देखना चाहते थे। आज शाम का अर्घ्य देकर वे‌ बहुत खुश हैं। अन्य आमंत्रित अतिथियों में कॉरपोरेटर किरण बाला माझी, कारपोरेट मिहिर राउतराय उर्फ पप्पू भाई, जिला परिषद की चेयरमैन बबिता राउतराय और स्थानीय सरपंच सुप्रिया मल्लिक आदि थे।कुल लगभग 200 छठव्रतियों ने डूबते हुए सूरज की पूजा की अर्घ्य दिया। आयोजन को लेकर सभी ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा आयोजक बिस्वास भुवनेश्वर को बधाई दी। सचमुच में सामूहिक छठ का आयोजन विराट और ऐतिहासिक सिद्ध हुआ।

विश्वास के अध्यक्ष संजय झा ने बताया स्थानीय प्रशासन का सहयोग, पुलिस प्रशासन का सहयोग तथा आमंत्रित इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया आदि का सहयोग प्रशंसनीय था।वे उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं ।विश्वास के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने बताया यह आयोजन मात्र एक महीने के भीतर किया गया जिसमें हो सकता है कि कुछ कमी रह गई हो लेकिन छठ परमेश्वरी की कृपा से आज का सायंकालीन कालीन डूबते हुए सूरज के अर्थ का कार्यक्रम पूरी तरह से संतोषप्रद रहा जिसमें छठ व्रतियों ने कुआखाई छठ के घाट पर आकर अपना डाला रखा ।पूजा की सामग्री डाले में सजाई और पश्चिम दिशा में मुंह करके खड़े होकर भगवान सूरजदेव और उनकी बहन छठ परमेश्वरी को दूध और जल से अर्घ्य दिया। विश्वास के उपाध्यक्ष अजय बहादुर सिंह ने बताया के पहली बार न्यू वाली यात्रा पटिया कुआखाई छठ के घाट पर यह जो आयोजन हुआ उससे बहुत खुश हैं जो उत्साहवर्धक सिद्ध हुआ।

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