Thursday, April 25, 2024
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कमलनाथ के भाजपा में जाने की अटकलें तेज

दिग्गज कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलें अचानक तेज हो गई हैं। उन्होंने शनिवार को अपना छिंदवाड़ा दौरा निरस्त किया और भोपाल होकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। उनके साथ उनके सांसद बेटे नकुलनाथ भी दिल्ली जा रहे हैं। इस दौरे को लेकर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। दिल्ली में शनिवार से भाजपा का राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हो रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत प्रदेश भाजपा के कई बड़े नेता दिल्ली में हैं।

अटकलों के बारे दिल्डिली में मीडिया के सवालों पर कमलनाथ बोले, ‘जब कोई बात होगी, तब बताऊंगा। जो चल रहा है उससे एक्साइटेड नहीं हूं।’ हालांकि, उन्होंने न तो भाजपा में शामिल होने की बात से इनकार किया और न ही इकरार। इससे सस्पेंस और गहरा गया है। कमलनाथ के साथ उनके कई समर्थक विधायक कांग्रेस छोड़ सकते हैं। इसके साथ ही कम से कम दस बड़े नेता, जिनमें दो पूर्व मंत्री भी शामिल हैं, कांग्रेस छोड़ सकते हैं।

भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच दिल्ली स्थित पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनके घर पर अतरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। कमलनाथ और नकुल नाथ अभी दिल्ली में हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 66 विधायक हैं। कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच उनके साथ 23 विधायकों के भी कांग्रेस छोड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा दो से तीन महापौर समेत कई अन्य भी भाजपा में जा सकते हैं।

इस बीच कमलनाथ के इस्तीफे की अटकलें भी लग रही हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफा कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को सौंप दिया है। हालांकि, छिंदवाड़ा से कमलनाथ के करीबी नेता सैयद जाफर ने इन सूचनाओं का खंडन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “कमलनाथजी और नकुलनाथजी के इस्तीफे को लेकर जो खबरें मीडिया में चल रही हैं, वे सब निराधार हैं। कमलनाथजी ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है।” इससे पहले सैयद जाफर ने ही लिखा था कि “हनुमान भक्त कमलनाथ जी ने 45 साल से अधिक कांग्रेस में सेवा देने के बावजूद भी कभी भी धार्मिक राष्ट्रवाद और विकास के मुद्दों पर समझौता नहीं किया। उन्होंने हमेशा दलगत राजनीति से उठकर जिला, प्रदेश और देश के विकास में सहयोग प्रदान किया। मैं कमलनाथ जी को पिछले 30 साल से जानता हूं। लगातार 15 साल से उनके लिए काम कर रहा हूं। देश और छिंदवाड़ा के विकास के लिए कमलनाथ जी का योगदान अविस्मरणीय है। कमलनाथ जी जैसे वरिष्ठ, अनुभवी और राष्ट्रसेवा को समर्पित नेता जो फैसला लेंगे, उचित होगा।”

राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि छिंदवाड़ा में कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुल नाथ ने शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ बैठक की। उनसे भाजपा में जाने को लेकर रायशुमारी की गई। इसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं को बल मिल गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने जिन नेताओँ से बात की है, उनमें गोविंद राय, विश्वनाथ ओकटे, दीपक सक्सेना और सुनील जायसवाल के साथ-साथ अरुणोदय चौबे और रामू टेकाम एवं अऩ्य नेता शामिल थे। इन नेताओं के साथ बंद कमरे में चर्चा के बाद अटकलों का बाजार गरमा गया है कि कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुल नाथ भाजपा में शामिल होने वाले हैं।

हालांकि, कांग्रेस के छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने कहा कि यह सिर्फ चर्चा है। ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ के साथ दोपहर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ के सोशल मीडिया X पर बायो से कांग्रेस हट गया है। इसी तरह कांग्रेस में कमलनाथ के समर्थकों ने भी अपने बायो से कांग्रेस हटा दिया है। कुछ करीबी नेताओं के तो फोन भी बंद हो गए हैं। वहीं, कमलनाथ के समर्थक सैयद जाफर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हम कमलनाथ जी के साथ हैं। कमलनाथ जी जैसे वरिष्ठ, अनुभवी और राष्ट्रसेवा को समर्पित नेता जो फैसला लेंगे, उचित होगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ-साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेता कह चुके हैं कि कमलनाथ का पार्टी में स्वागत है। शर्मा ने कहा था कि कांग्रेस ने राम मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम का विरोध किया। इस विरोध के चलते जिन कांग्रेसियों के मन में कोई पीड़ा है और वह भाजपा में शामिल होना चाहते हैं, तो उनके लिए दरवाजे खुले हुए हैं। उनका स्वागत है। इससे पहले पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इंदौर में कहा था कि कमलनाथ भगवान राम का नाम लें और भाजपा में शामिल हो जाए। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कमलनाथ और नकुल नाथ की तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड की और लिखा जय श्री राम।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। कुछ दिन पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय लिया था। इसके बाद से ही अटकलें तेज हो गई हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव कमलनाथ के चेहरे पर लड़ा था। हार के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने अचानक प्रदेश संगठन में बदलाव किया। कमलनाथ को विदा किया और जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। फिर उनके राज्यसभा जाने की भी चर्चा चली, लेकिन मध्य प्रदेश से अशोक सिंह को भेज दिया। यह दोनों उनके नाराज होने की वजह बताई जा रही है। वह पिछले कुछ समय से पार्टी के कार्यक्रमों में भी दिखाई नहीं दिए। यहां तक कि कांग्रेस से राज्यसभा के उम्मीदवार अशोक सिंह के नामांकन के दौरान भी विधानसभा में मौजूद नहीं रहे थे।

पूर्व सीएम कमलनाथ और नकुलनाथ रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएगी। जानकारी के अनुसार पिता-पुत्र दोनों 19 फरवरी को रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे। वहीं, उनके करीबियों का कहना है कि अब कभी भी कमलनाथ कोई बड़ा एलान कर सकते है। चर्चा यह भी है कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ 19 को ही भाजपा की सदस्यता ले सकते है।

पूर्व सीएम कमलनाथ का करीब 45 साल का राजनीतिक जीवन है। कमलनाथ को पहली बार छिंदवाड़ा से 1980 में लोकसभा का टिकट दिया था और चुनाव जीत कर सांसद बने। वह नौ बार छिंदवाड़ा से सांसद चुने गए। उनकी पत्नी अल्का नाथ भी सांसद रही है। छिंदवाड़ा से अभी उनके बेटे नकुलनाथ सांसद है। कमलनाथ मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष रहे और मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं।

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